आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कभी भारत के साथ नहीं अमेरिका!

नई दिल्‍ली। कुछ वर्षों पहले जब अमेरिका ने पाकिस्‍तान को एक आतंकी राष्‍ट्र घोषित करने की तैयारी पूरी कर ली थी तो भारत ने राहत की सांस ली थी। भारत को लगा था कि अब अमेरिका शायद उस तकलीफ को समझ रहा है जिसका सामना वह करीब छह दशकों से कर रहा है। अचानक ही अमेरिका ने अपने फैसले पर रोक लगा दी।अब जबकि राष्‍ट्रपति बराक‍ ओबामा अपने कार्यकाल में दूसरी बार भारत आ रहे हैं तो कई अहम डील्‍स के बीच ही ओबामा की यात्रा पर करीब से नजर रख रहा हर आम भारतीय जानना चाहता है कि ओबामा पाकिस्‍तान और वहां से पनप रहे आतंकवाद पर क्‍या कहते हैं और भारत को उस पर कितना विश्‍वास करना चाहिए।

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पाक के खिलाफ सुबूत मांगने वाला अमेरिका

  • आतंकवाद और इससे जुड़े मुद्दों की बात पर भारत की अहम चिंता पाकिस्‍तान है।
  • ओबामा की भारत यात्रा शुरू होने से पहले ही अमेरिका ने पाक को चेतावनी दे डाली।
  • विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिका का यह कदम काफी मजाकिया था।
  • इससे लोगों में संदेश गया कि ओबामा के बाद पाक भारत पर आतंकी हमले के लिए पूरी तरह से आजाद है।
  • पाक के मुद्दे पर अमेरिका ने भारत को हमेशा ही दगा दिया है।
  • संसद पर हमले के बाद अमेरिका ने भारत से पाक के शामिल होने के सुबूत मांगे थे।
  • भारत के लिए पाक में छिपकर बैठे दाऊद इब्राहिम और हाफिज सईद चिंता का बड़ा विषय हैं।
  • अमेरिका दबी जुबान में इस बात को कहता आया है कि पाक इन दोनों को भारत को सौंप दें।
  • कभी भी अमेरिका ने पाक को सख्‍त लहजे में इन्‍हें भारत को सौंपने की बात कहनी होगी।

वास्‍तविकता से दूर ओबामा

  • पेरिस में चार्ली हेब्‍दो पर हुआ हमला एक गंभीर मसला था।
  • इस हमले की जिम्‍मेदारी अल कायदा की यमन शाखा ने ली।
  • यह शाखा अब अपने पैर पसार रही है और इसके असर अफ्रीका और यूरोप में नजर आने लगे हैं।
  • भारत के लिए भी यह शाखा चिंता का विषय है।
  • भारत इस बात से वाकिफ है कि अल कायदा के सभी संगठन आपस में जुड़े हुए हैं।
  • भारतीय महाद्वीप में मौजूद अल कायदा की शाखा असफल है और उसे स्‍टैंडबाई मोड में रखा गया है।
  • मंगलवार को जब ओबामा ने यूनियन को एड्रेस किया तो अल कायदा का जिक्र ही नहीं किया।
  • 9/11 के बाद यह पहला मौका था जब किसी अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने इस संगठन के बारे में कुछ कहा ही नहीं है।
  • ओबामा ने पिछले वर्ष यमन और लीबिया में इस संगठन के खिलाफ लड़ाई का वादा किया था।

ISIS के खिलाफ लड़ाई में भारत का साथ देने से इंकार

  • ओबामा ने आईएसआईएस का जिक्र जरूर किया लेकिन अमेरिका अपना लक्ष्‍य अभी तक हासिल नहीं कर सका।
  • हालत यह है कि अमेरिका के खिलाफ आईएसआईएस ने अपनी जमीन और मजबूत कर ली है।
  • आईएसआईएस को अब एक अहम दर्जा हासिल हो गया है और यह चरमपंथियों की अहम संस्‍था बन गई है।
  • अमेरिका इस संगठन के खिलाफ अब क्‍या करेगा इस बारे में ओबामा ने कोई स्‍पष्‍ट जानकारी नहीं दी।
  • भारत में सुरक्षा अधिकारियों की मानें तो इराक और सीरिया में अमेरिकी नीति अभी तक छिपे रहस्‍य की तरह है।
  • उनके मुताबिक इस लड़ाई में कोई नतीजा अमेरिका को हासिल होता नजर नहीं आ रहा है।
  • पीएम मोदी जब अमेरिका की यात्रा पर गए थे तो उन्‍होंने आईएसआईएस के खिलाफ लड़ाई का अनुरोध किया था।
  • उस समय अमेरिका ने इससे साफ इंकार कर दिया था।
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