Kerala डबल डेकर नाव में आखिर क्यों डूबीं दर्जनों जिंदगी? ये थी वजह
केरल के मलप्पुरम जिले में डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोगों की नाव हादसे में मौत हो गई। डबल डेकर नाव डूबने में जिन लोगों को बचाया गया, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच सवाल उठ रहा है कि आखिर इस हादसे की वजह क्या थी?

kerala double decker boat: केरल में मलप्पुरम जिले के तानुर इलाके ओट्टुम्पुरम के नजदीक हुए नाव हादसे में दर्जन भर से ज्यादा जिंदगियां डूब गई। अब तक राहत बचाव के बीच 18 लोगों की मौत के बीच हादसे की वजहों पर भी सवाल उठ रहे है। जिस पर कई तरह की दलीले सामने आई है।
हादसे में केरल के मंत्री वी अब्दुराहमान ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई पर 15 लोगों के मौत की पुष्टि की है। रेस्क्यू में अन्य डूबने वाले लोगों को भी बचाया गया है। जिन्हें नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया।
बताया जा रहा है कि हादसे वाली डबल डेकर नाव के संचालन की आखिरी अवधि शाम 5 बजे तक की थी। स्थानीय प्रशासन के हवाले और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक संचालन के करीब दो घंटे बाद दर्दनाक हादसा हुआ।
थनूर के थूवल थेरम पर्यटन स्थल पर जिस वक्त यह बड़ा हादसा हुआ नाव किनारे से करीब 300 मीटर की दूर थी। यह भी बताया जा रहा है कि नाव में सवार अधिकांश लोग मलप्पुरम के परप्पनंगडी और तनूर इलाके से आए थे।

बताया गया कि बोट टूरिस्म संबंधी नियमों की अनदेखी भी सामने आई। बोट ऑपरेशन की निर्धारित अवधि के बाद भी वोट संचालित की गई। नौका विहार संबंधी सुरक्षा के जो माकूल इंतजाम होना थे, वह नदारत रहे। नाव में क्षमता से अधिक पर्यटक सवार थे।
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग आईयूएमएल के विधायक पीके कुन्हालीकुट्टी ने भी हादसे पर दुःख जताया। केरल के खेल मंत्री वी अब्दुर्रमान, पर्यटन मंत्री पी ए मोहम्मद रियास को भी हाद्स्से की जब खबर लगी तो एक्टिव हुए। उन्होंने कहा कि हादसे का शिकार कई महिलाएं और बच्चे स्कूलों की छुट्टियों के दौरान यहां घूमने आए थे। अन्य वजहों का जांच के बाद खुलासा होगा।
हादसे में मृतकों के अलावा जिन लोगों को नदी से सुरक्षित निकाला गया है, उनके परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। देर रात तक रेस्क्यू जारी रहा। वहीं उन जिम्मेदारों का पता किया जा रहा है जिन्होंने निर्धारित अवधि के बाद भी बोट ऑपरेशन की अनुमति दे रखी थी।












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