गुरमीत राम रहीम का 'लव चार्जर मंत्र', जान देने को तैयार हो जाते हैं भक्त
नई दिल्ली। सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ चल रहे यौन शोषण मामले में विशेष सीबीआई अदालत शुक्रवार को अपना फैसला सुनाएगी। इस फैसले से पहले पंजाब और हरियाणा में हाई-अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पूरे पंचकूला शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और शहर में धारा 144 लगा दी गई है। चंडीगढ़, पंचकूला और सिरसा में डेरा समर्थकों ने डेरा डाल रखा है। उनका कहना है कि वो बाबा के लिए जान दे देंगे लेकिन वहां से हटेंगे नहीं। तो आइए आपको बताते हैं आखिर गुरमीत राम रहीम के लिए जाने देने को क्यों तैयार हैं उनके भक्त।

सभी धर्म-जाति एक बराबर
गुरमीत राम रहीम से भक्तों का लगाव इसलिए भी है क्योंकि उनके डेरा में सभी जाति को एक नजर से देखा जाता है। इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि डेरा से जुडे़ लोग अपना उप नाम जैसे शर्मा, वर्मा, अरोड़ा, संधू आदि की जगह ''इन्सां'' लिखेते हैं। डेरा हमेशा इंसानियत की वकालत करता है। डेरा से जुड़े एक भक्त का कहना है कि वो भले ही हिंदू या सिख हों या फिर कुछ और लेकर डेरा से जुड़ने के बाद जाति बंटवारे को भूलना पड़ता है। दावा तो यहां तक किया जाता है कि दुनियाभर में डेरे के करीब पांच करोड़ अनुयायी हैं। जिनमें से करीब 25 लाख अनुयायी तो अकेले हरियाणा में हैं।
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विनम्र प्रबंधन
कुछ लोगों के लिए बाबा राम रहीम से लगावा उनके डेरा प्रबंधन के चलते है। मनसा के रहने वाले दलित सुखबीर इंसान का कहना है कि डेरा प्रबंधन 'इंसान' जैसे उप नाम की वकालत सिर्फ इसलिए करता है जाकि नम्रता बनी रहे। "प्रबंधन उन क्षेत्रों में राज्य को विभाजित करता है, जिन्हें आगे इकाइयों में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक इकाई का नेतृत्व एक व्यक्ति करता है जिसे शीर्षक भंगी दास दिया जाता है। आपको बता दें कि भंगी शब्द निम्न जाति के लोगों के लिए उपयोग किया जाता है लेकिन जब इकाई के शिर्ष को यह कहा जाता है, तो वह इसे सम्मान देता है। यही कारण है कि इतने निम्न जाति वाले लोग भी डेरा के अनुयायी हैं।

सस्ता खाना और मुफ्त दवा
डेरा में लोगों को मुफ्त में दवा दी जाती है। इसके अलावा वेश्यावृत्ति में फंसी युवतियों को गुरु जी बेटी बनाते हैं ईलाज करवाकर, शादी करके मुख्य धारा में लाते हैं। किन्नरों को सुखदुआ समाज का नाम देकर उनको अपनाना व समाज की मुख्य धारा में लाना। समलैंगिक लोगों का इलाज करवाना व उन्हें जायज रिश्ते अपनाने की नसीहत देना। भ्रूण हत्या व लिंग भेद पर रोक लगाना। इसी उद्देश्य से पूज्य गुरुजी ने ऐसी लड़कियां जिनको गर्भ में मार देना था, अपनाया व माँ-बाप की जगह खुद का नाम दिया।

दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाकर यथा संभव सहायता करना
- दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाकर यथा संभव सहायता करना।
- गरीब मरीजों का मुफ्त इलाज करवाना।
- आवारा, मानसिक एवं शारीरिक विकलागों की यथा संभव सहायता करना।
- नियमित रूप से खूनदान करना।
- चिकित्सा व शोध कार्यों के लिए मरणोंपरांत शरीरदान।
- मरणोंपरांत नेत्रदान।
- आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित शाह सतनाम जी मोबाइल अस्पताल द्वारा नि:शुल्क चिकित्सा शिविर लगाना।
- आंखों के नि:शुल्क कैंप लगाकर मरीजों के आप्रेशन, दवा व खानपान का मुफ्त प्रबंध करना।
- जन कल्याण परमार्थी शिविर लगाकर विशेषज्ञ डाक्टरों द्वारा मरीजों का फ्री ईलाज करवाना।
- हृदय रोगों की मुफ्त जांच व रोकथाम के उपाय बताना।
- आयुर्वेदिक नुस्खों व योग पद्धति द्वारा बीमारियों का इलाज करवाना।
- मांसाहार त्यागने व शाकाहार अपनाने की प्रेरणा देना।
- आदिवासियों को सभ्य रहन-सहन, शिक्षा व रोजगार देकर समाज की मुख्यधारा में लाना।
- बिना दवाई के नशों से छुटकारा दिलवाना।
- जीव हत्या पर रोक लगाना।
- रूहानी सत्संग द्वारा लोगों का चरित्र निर्माण करना।
- गरीब की शादी में आर्थिक मदद करना।
- आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की सहायता करना।
- लाचार, बेसहारा लोगों व गरीब विधवाओं को मकान बनाकर देना।
- फूड बैंक द्वारा दीन दुखियों को मुफ्त राशन प्रदान करना।
- सफाई अभियानों द्वारा लोगों को प्रदूषण व बीमारियों से बचाना।













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