तस्वीरों में देखिए....मध्य प्रदेश में क्यों जीत रही हैं भाजपा
भोपाल। मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान जीत की हैट्रिक लगा रहे है। तीसरी बार जीत का सहेरा बांधने वाले शिवराज सिंह चौहान पूर्ण बहुमत से सत्ता में आ चुके है। कांग्रेस को करारी शिकस्त देकर भाजपा तीसरी बार मध्य प्रदेश में सरकार बना रही
है। भाजपा की इस जबरदस्त जीत के लिए कई फैक्टर अहम रहे है। मोदी का जादू विधानसभा चुनावों में पूरी तरह दिख रहा है। जीत का पूरा श्रेय पार्टी मोदी को दे रही है तो मोदी भी फोन पर शिवराज को बधाईयां दे रहे है। मध्य प्रदेश में भाजपा की
जीत या यूं कहें कि कांग्रेस की हार की सबसे प्रमुख वजह रही मतदाताओं में केंद्र की कांग्रेस सरकार के प्रति लोगों की नाराजगी। मोदी और शिवराज ने जब भी मौका मिला लोगों को कांग्रेस के अत्याचारों की याद दिलाई।
केन्द्र सरकार के भ्रष्टाचार, बढ़ती महंगाई और लचर विदेश नीति जैसे अहम मुद्दों को विधानसभा चुनाव में उठा कर भाजपा ने जहां एकबार फिर से जीत का स्वाद चखा तो वहीं राहुल गांदी की योग्यता पर भी सवाल खड़ा कर दिया। ऐसे में कांग३ेस की
हार के बाद केन्द्रीय नेतृत्व में अहम बदलाव हने तय है। यहां हम आपको ऐसे अहम कारणों के बारे में बता रहे है जिसकी वजह से मध्य प्रदेश में भाजपा जीती है।

मोदी की ज्यादा सभाएं
मप्र के चुनाव में भाजपा की जीत का एक अहम कारण नरेन्द्र मोदी रहे है। मोदी ने जहां जी-तोड़ मेहनत की और ताबड़तोड़ सभाएं भी हैं। मोदी की सभाओं में भीड़ को देखकर लग गया था कि यहां बाजपा की जीत तय है।

कांग्रेस के प्रति नाराजगी
कांग्रेस की हार की या यूं कहें कि भाजपा की जीत की शायद सबसे प्रमुख वजह रही लोगों में केंद्र की कांग्रेस सरकार के प्रति लोगों की नाराजगी। मोदी और शिवराज ने जब भी मौका मिला उन्होंने लोगों के बीच कांग्रेस सरकार की नाकामियों को परोसा और इसी गुस्से को लोगों के वोट बैंक में बदल लिया।

सुशासन का राज
भाजपा की जीत का श्रेय शिवराज सिंह के सिर सजा है। पार्टी ने उन्हें फ्री हैंड दिया और उन्होंने इस चुनाव के लिए जमकर मेहनत की। चुनाव आते-आते राज्य का माहौल शिवराजमयी हो गया।

विकास का मुद्दा
प्रदेश सरकार ने राज्य में विकास के मुद्दे को अपना हथियार बनाया। राज्य में विकास तो किया ही साथ ही विकास कार्यों का जमकर प्रचार भी किया। 24 घंटे बिजली का मामला हो या जननी सुरक्षा का। पेंशन योजना हो या बात युवाओं के रोजगार की, शिवराज ने जनता तक अपनी उपलब्धियों पहुंचाई और उसे वोट में बदलने में कामयाब भी हुए।

अधिक मतदान
चुनावों में उम्मीदवारों की भारी-भरकम संख्या रही लेकिन उससे ज्यादा रिकॉर्डतोड़ मतदान देखा गया। मध्यप्रदेश में कुल 72.52 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। जिसका फायदा भाजपा को मिला।

बेहतर चुनावी प्रबंधन
भाजपा ने पूरे प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का अभियान शानदार तरीके से चलाया। चुनाव प्रबंध की तैयारियों की वजह भाजपा को फायदा हुआ।

उमा की वापसी
भाजपा को बुंदेलखंड में उमा भारती की वापसी का भी फायदा मिला। पिछली बार उमा की भारतीय जनशक्ति पार्टी ने पूरे प्रदेश में पार्टी के पांच फीसदी वोट काटे थे, लेकिन इसबार उमा का फायदा भाजपा को हुआ है।

बिखरी हुई कांग्रेस से फायदा
मप्र चुनाव में कांग्रेस बिखरी हु्ई-सी दिखाई दे रही थी। सरकार के कुछ मंत्रियों के खिलाफ लोगों में नाराजगी होने के बावजूद कांग्रेस हर मोर्चे पर भाजपा को घेरने में नाकाम रही।

भ्रष्टाचार अहम मुद्दा
केन्द्र सरकार के भ्रष्टाचार का मुद्दा कांग्रेस की हार के लिए अहम वजह बनकर ऊभरी है। भाजपा ने कांग्रेस की इसी कमजोर कड़ी पर हमला कर वोट को अपने पाले में किया और जीत दर्ज करने मां कामयाब रही।












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