तोमर की जगह कौन बनेगा दिल्ली का कानून मंत्री
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) जितेन्द्र सिंह तोमर के फर्जी डिग्री मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद साफ है कि अब उनका दिल्ली सरकार में कानून मंत्री बना रहना नामुमकिन होगा। यानी अब दिल्ली में कोई नया कानून मंत्री बनेगा।
तोमर का स्थान लेने के लिए दिल्ली में आम आदमी पार्टी के 67 विधायकों में सबसे काबिल दो नाम लिए जा रहे हैं। पहला अलका लांबा का और दूसरा जरनैल सिंह का। अलका लांबा चांदनी चौक से विधायक हैं। वह पहले कांग्रेस में थीं। कांग्रेस में कई पदों पर रहीं। वे छात्र जीवन से कांग्रेस में ही थीं। पर दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले वह आम आदमी पार्टी में चली गई थीं।
पढ़ें दिल्ली के कानून मंत्री तोमर का पूरा फर्जी डिग्री विवाद
नेताओं के पास वक्त नहीं
अलका का कहना था कि वह कांग्रेस को इसलिए छोड़ रही हैं क्योंकि वहां पर नेताओं के पास कार्यकर्ताओं से मिलने का वक्त ही नहीं है। बीते दिल्ली विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के चार बार से चांदनी चौक से जीत रहे विधायक प्रहलाद सिंह साहनी का हराया था ।
पंजाबी बिरादरी
जानकारों का कहना है कि अलका पढ़ी-लिखी इंसान हैं। वह तोमर के स्थान पर कानून मंत्री बन सकती हैं। उको मंत्री बनाने से केजरीवाल को दो लाभ होंगे। पहला, कैबिनेट में महिला की कमी नहीं रहेगी। दूसरा, दिल्ली की शख्तिशाली पंजाबी बिरादरी खुश हो जाएगी।
पंजाबियों का गढ़
उधर, पंजाबियों के गढ़ से राजौरी गार्डन से विधायक जरनैल सिंह का नाम भी नए कानून मंत्री के रूप में लिया जा रहा है। वे केरजीवाल के साथ काफी समय से जुड़े हुए हैं। वे पहले पत्रकार थे। दैनिक जागरण के नेशनल ब्यूरो में थे। वे खासे पढ़े-लिखे शख्स हैं। वे सालों से 1984 के दंगों के पीड़ितों के पुनर्वास के काम में लगे हुए हैं।
उनको कैबिनेट में ना लेने पर दिल्ली की जनता को वैसे भी बहुत हैरानी हुई थी। दिल्ली को करीब से जानने वाले वरिष्ठ पत्रकार मधुरेन्द्र सिन्हा मानते हैं कि जरनैल सिंह को कैबिनेट में लेने से दिल्ली के पंजाबी और सिख खुश हो जाएंगे। अभी दिल्ली कैबिनेट में ना तो कोई सिख है और ना ही पंजाबी।













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