Fathima Beevi Death: कौन थीं भारत की पहली महिला सुप्रीम कोर्ट जज फातिमा बीवी, तमिलनाडु की रह चुकी हैं राज्यपाल
Fathima Beevi: भारत की पहली महिला सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस एम. फातिमा बीवी का आज (23 नवंबर) 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। अपने लंबे और शानदार करियर में (दिवंगत) जस्टिस फातिमा बीवी ने देश भर में महिलाओं के लिए एक आदर्श और आइकन के रूप में काम किया है। फातिमा बीवी का नाम ज्यूडिशरी ही नहीं बल्कि देश के इतिहास में भी स्वर्ण अक्षरों में अंकित हैं।
फातिमा बीवी तमिलनाडु की पूर्व राज्यपाल भी रह चुकी हैं। फातिमा बीवी सुप्रीम कोर्ट से रिटायर होने के बाद तमिलनाडु के राज्यपाल के रूप में नियुक्त होकर राजनीतिक क्षेत्र पर भी अपनी छाप छोड़ी है।

फातिमा बीवी साल 1989 में सुप्रीम कोर्ट की महिला जस्टिस बनी थीं, जो पहली भारतीय महिला थीं। फातिमा बीवी को 3 अक्टूबर 1993 को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (भारत) की सदस्य बनाया गया था।
फातिमा बीवी जन्म 30 अप्रैल,1927 को त्रावणकोर (वर्तमान में भारतीय राज्य केरल) के पठानमथिट्टा में हुआ था। उनके पिता का नाम मीरा साहिब था। उनकी मां का नाम खडेजा बीबी था। फातिमा बीवी छह बहनों और दो भाईयों में सबसे बड़ी थीं।
Fathima Beevi Education: फातिमा बीवी की शिक्षा
- -फातिमा बीवी ने 1943 में कैथोलिकेट हाईस्कूल, पठानमथिट्टा से स्कूली शिक्षा पूरी की थी। वो अपनी हायर एजुकेशन के लिए फिर त्रिवेंद्रम चली गईं। जहां उन्होंने 6 साल तक रहकर पढ़ाई की।
- -फातिमा बीवी त्रिवेंद्रम के बाद तिरुवनंतपुरम के यूनिवर्सिटी कॉलेज से बी.एस.सी. की और उसके बाद उन्होंने वर्नमेंट लॉ कॉलेज, तिरुवनंतपुरम से कानून की पढ़ाई की।
- -फातिमा बीवी लॉ स्कूल में अपनी कक्षा में पांच छात्राओं में से एक थीं, जो बाद में सिर्फ तीन रह गई थी।
- -फातिमा बीवी ने साल 1950 में अपनी कानून की डिग्री ली। जिसके बाद उन्होंने बार काउंसिल ऑफ इंडिया की परीक्षा दी और एग्जाम में टॉप किया। इतना ही नहीं, उन्हें बार काउंसिल का स्वर्ण पदक भी मिला। ये उनकी पहली बड़ी उपलब्धियां थीं।
Fathima Beevi career: फातिमा बीवी का करियर
- -फातिमा बीवी ने 14 नवंबर 1950 को केरल में निचली न्यायपालिका में बतौर एक वकील अपना करियर शुरू किया था।
- -आठ साल तक वकालत करने के बाद फातिमा बीवी ने केरल अधीनस्थ न्यायिक सेवाओं में मुंसिफ की नौकरी की थी।
- -इसके बाद फातिमा बीवी 1968-72 तक केरल के अधीनस्थ न्यायाधीश रहीं, 1972-74 तक वह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रहीं और 1974-80 तक फातिमा बीवी जिला और सत्र न्यायाधीश रहीं।
- -फातिमा बीवी 1980-83 तक आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण रहीं। वहीं 1983 में फातिमा बीवी केरल हाई कोर्ट की न्यायाधीश बनी थीं।
- - 6 अक्टूबर 1986 को फातिमा बीवी केरल हाई कोर्ट से सेवानिवृत्त हुई थीं। इसके छह महीने के भीतर, फातिमा बीवी भारत के सुप्रीम कोर्ट की नियुक्त होने वाली पहली महिला जस्टिस बनीं।
- -एक इंटरव्यू में फातिमा बीवी ने अपनी उपलब्धियों पर कहा था कि, ''मैं देश की अन्य महिलाओं के लिए रास्ता खोल दिया है।''
- -फातिमा बीवी साल 1992 में सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुईं।
- - फातिमा बीवी 1993 में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य और केरल पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
फातिमा बीवी जब तमिलनाडु की राज्यपाल बनीं
- -25 जनवरी 1997 को फातिमा बीवी तमिलनाडु की राज्यपाल बनाई गई थीं।
- -राज्यपाल बनने के बाद फातिमा बीवी ने राजीव गांधी हत्याकांड में चार दोषियों द्वारा दायर दया याचिकाओं को खारिज कर दिया था।












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