'नीतीश जी की बातों को कौन सीरियसली लेगा, एक महीना पहले वो खुद भाजपा के साथ थे', प्रशांत किशोर का पलटवार
नई दिल्ली, 10 सितंबर। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर लगे आरोपों के बाद चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वो 17 साल बिहार के मुख्यमंत्री रहे। इस अवधि में दो तिहाई से अधिक समय तक भाजपा के साथ रहे। प्रशांत किशोर ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर कहा कि सीएम नीतीश कुमार की इन बातों को कौन सीरियली लेगा?

नीतीश एक बयान जिसमें उन्होंने कहा था कि ये हो सकता है कि प्रशांत किशोर बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं। इस पर एक इंटरव्यू में प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा "नीतीश जी नाराज कहा हैं? नीतीश जा का एक बोलने का तरीका है। नीतीश जी से मुझसे बहुत आत्मीय संबंध हैं। उन्होंने आगे कहा कि नीतीश जी ने इस तरह बात कही है। लेकिन उनकी इन बातों को कौन सीरियसली लेगा। अभी एक महीने पहले वो तो खुद बीजेपी के साथ रहे। पिछले 17 वो मुख्यमंत्री हैं। इसमें दो तिहाई से ज्यादा समय भाजपा के साथ रहे। नीतीश जी किसी दूसरे के बारे में कौन बीजेपी के साथ है या हो सकता है थोड़ा हास्यास्पद लगती है। इसलिए उसको ज्याद महत्व देने की जरूरत नहीं है।"
प्रशांत किशोर ने शनिवार को न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ इंटरव्यू में ये बात कही। उन्होंने पहले तो सीएम नीतीश कुमार द्वारा लगाए गए आरोपों से इनकार किया और कहा कि उनसे मेरा आत्मीय संबंध है। लेकिन उन्होंने आगे जिस तरह से प्रक्रिया दी इससे ये जाहिर हो गया कि दोनों में काफी खटास है। इससे पहले प्रशांत किशोर ने गुरुवार को ट्विटर हैंडल पर एक पोस्ट डाली थी। जिसमें सीएम नीतीश कुमार की कुछ तस्वीरें साझा थी। इसमें वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ जोड़कर अभिवादन करते दिख रहे रहे हैं।
पीके ने कहा था कि सीएम ने जो कहा वो उनका दृष्टिकोण है, इससे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने आगे कहा "वो एक बुजुर्ग राजनेता हैं। उन्होंने जो भी कहा उसका मैंने पूरा वीडियो नहीं देखा है, लेकिन मैंने कुछ हिस्सा देखा है। वह अब बूढ़े हो गए हैं। अगर उन्हें कुछ बोलना है तो उन्हें बोलने दें। उनके बयान पर टिप्पणी करना बेमानी है। अगर वह बिहार के विकास से जुड़ी कुछ बात करते हैं तो उस पर चर्चा करना ठीक है। व्यक्तिगत टिप्पणी करने का कोई मतलब नहीं है।"












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