'भारत माता की जय' पर फतवा शहीदों का अपमान, जानें किसने क्या कहा?
नयी दिल्ली। भारत माता की जय को लेकर राजनीति बवाल बढ़ता जा रहा है। कोई इसे हिंदू का धर्म बता रहा है तो कोई फतवा जारी कर रहा है। कहीं भारत माता की जय न बोलने वालों को पीटा जा रहा है तो कोई इसे राष्ट्रवाद का पर्याय बता रहा है। अब दारुल उलूम ने फतवा जारी कर कहा है कि मुस्लमान अल्लाह के सिवा किसी की भी इबादत नहीं कर सकते। ऐसे में उन्होंने मुसलमानों को भारत माता कहने से रोका है।
इस फतवे पर भाजपा ने आपत्ति जताई है। केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि वह इस फतवे की निंदा करती हैं। उन्होंने कहा कि यह फतवा शहीदों का अपमान है। जिस देश में रहते हैं उसके बारे में जयकार करने में क्या समस्या है। साध्वी ने कहा कि हम पाकिस्तान में नहीं रह रहे हैं। वहीं मुख्तार अब्बास ने कहा कि देशभक्ति किसी मजबूरी का नहीं बल्कि यह प्रेम और अनुराग का हिस्सा है। नकवी ने यह भी कहा कि राष्ट्रवाद और धर्मनिरपेक्षता का प्रमाण-पत्र बांटने की जरूरत नहीं है। जानें किसने क्या-क्या कहा?

ये शहीदों का अपमान
केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा यह फतवा शहीदों का अपमान है। जिस देश में रहते हैं उसके बारे में जयकार करने में क्या समस्या है।

भारत माता की जय बोलना फैशन नहीं
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि भारत माता की जय बोलने की लालसा होनी चाहिए। नकवी ने कहा कि भारत माता की जय बोलना फैशन नहीं बल्कि हर भारतीय की लालसा होनी चाहिए।

आंतरिक इच्छा
किरण बेदी ने कहा कि भारत माता की जय बोलना एक आंतरिक भावना है।

ये अपनी व्यक्तिगत बात
कांग्रेस के संदीप दीक्षित का कहना है कि कुछ लोग भारत माता की जय करते है कुछ लोग नहीं कहते ये अपनी व्यक्तिगत बात है इस पर बात को राजनीतिक बनाना घटिया बात है।

फौजियों का हौंसला बढ़ाता है
बीजेपी के श्रीकांत शर्मा का कहना है कि भारत का जयकार करते हुए हमारे स्वतंत्रता सैनानियों ने फांसी को गले लगा लिया। फौजियों का हौंसला बढ़ाता है। इस पर भी कांग्रेस वोट की राजनीति कर रहा है।














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