कौन हैं TMC सांसद शांतनु सेन, जिन्हें पूरे मानसून सत्र के लिए राज्यसभा से किया गया बाहर

नई दिल्ली, 23 जुलाई: तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद शांतनु सेन को आखिरकार सदन से बाहर होना ही पड़ गया है। पेशे से डॉक्टर टीएमसी सांसद ने अपने ट्विटर हैंडल पर जो प्रोफाइल फोटो लगाई है, उसमें उन्होंने एक बहुत ही अच्छी बात लिखी है- 'आई कांट स्टे ऐट होम...आई एम हेल्थकेयर वर्कर'। लेकिन, अगर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्यसभा में भी भेजा है, तो भी जनता के परोक्ष प्रतिनिधि होने के नाते उनका कुछ फर्ज बनता है, जो कि गुरुवार को सदन में उनके आचरण में नहीं दिखा। आइए जानते हैं कि तृणमूल के ये नेता हैं कौन ?

शांतनु सेन को राज्यसभा से क्यों किया गया सस्पेंड ?

शांतनु सेन को राज्यसभा से क्यों किया गया सस्पेंड ?

डॉक्टर शांतनु सेन इस समय पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद हैं। गुरुवार को उन्होंने सदन की कार्यवाही के दौरान पेगासस विवाद पर बयान दे रहे आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के हाथ से उनके बयान वाला पेपर छीनकर फाड़ दिया था। उनकी इसी हरकत के चलते शुक्रवार को उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई है और उन्हें मौजूदा सत्र के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया है। संसदीय कार्य राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने उनके निलंबन का प्रस्ताव पेश किया, जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।

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    शांतनु सेन ने क्या सफाई दी है ?

    शांतनु सेन ने क्या सफाई दी है ?

    शांतनु सेन का आरोप है कि सदन के अंदर केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने उन्हें धमकाया, उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उनपर शारीरिक हमला करने ही वाले थे। उन्होंने ट्वीट करके तंज भरे अंदाज में लिखा है, 'धन्यवाद नरेंद्र मोदीजी, क्योंकि उनके मंत्री हरदीप सिंह ने मुझे संसद के सदन के भीतर धमकाया, दुर्व्यवहार किया और मुझ पर शारीरिक हमला करने ही वाले थे।...जानता था कि सदन हमेशा विपक्ष के लिए होता है। अब ममता बनर्जी के सांसद को भाजपा के मंत्रियों की गुंडागर्दी का सामना करना पड़ रहा है।'

    मोदी सरकार पर लगातार हमलावर रहे हैं सेन

    मोदी सरकार पर लगातार हमलावर रहे हैं सेन

    पेशे से डॉक्टर रहे शांतनु सेन ने एक और ट्वीट करके मोदी सरकार पर हमला किया है। उन्होंने लिखा है, 'भारतीय बिल्कुल ही सुरक्षित नहीं हैं। ऑक्सीजन की किल्लत के चलते मर सकते हैं। वैक्सीन की कमी के चलते भी मर सकते हैं और मरने के बाद उनका शव गंगा में तैर सकता है। पेगासस निजता छीन लेता है। संसद में लोकतांत्रिक तरीके से चर्चा नहीं होती। अब एक मंत्री, सांसद को सदन के भीतर धमकाता है।'

    पहले किस विवाद में आ चुका है शांतनु सेन का नाम ?

    पहले किस विवाद में आ चुका है शांतनु सेन का नाम ?

    डॉक्टर शांतनु सेन के विवादों से नाता कोई नया नहीं है। हाल ही में कोलकाता में एक फर्जी कोविड वैक्सीन कैंप को लेकर बहुत बड़ा विवाद हुआ था। उसमें घोटाले के मास्टरमाइंड के साथ इनकी एक तस्वीर खूब वायरल हुई थी। आरोपी देबांजन देब जो कि फर्जी आईएएस बनकर यह धोखाधड़ी कर रहा था, उसने अपने ट्विटर हैंडल पर ये तस्वीर अपलोड की थी। लेकिन, बाद में डॉक्टर सेन ने फर्जी वैक्सीन के आरोपी से अपने रिश्तों का खंडन किया था। उन्होंने कहा था कि कोरोना की पहली लहर के दौरान आरोपी सोशल वर्कर के तौर पर मुझे मिलने आया होगा, न कि आईएएस ऑफिसर बनकर और यह तभी की तस्वीर होगी। बता दें कि इसी तस्वीर को लेकर भाजपा ममता सरकार पर हमलावर थी और फर्जी वैक्सीन कैंप मामले की जांच सेंट्रल एजेंसी से करवाने की मांग कर रही थी। बता दें कि इस फर्जी वैक्सीनेशन कैंप की शिकार टीएमसी की सांसद मिमी चक्रबर्ती भी बन गई थीं। (ऊपर वाली तस्वीर सोशल मीडिया से)

    कौन हैं टीएमसी सांसद शांतनु सेन ?

    कौन हैं टीएमसी सांसद शांतनु सेन ?

    टीएमसी एमपी शांतनु सेन पेशे से डॉक्टर हैं। पहले वे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के नेशनल प्रेसिडेंट थे और अभी इसके स्टेट सेक्रेटरी हैं। आईएमए अध्यक्ष के तौर पर उनका कार्यकाल 2018 से 2019 के बीच रहा। वे कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के काउंसिलर भी रह चुके हैं। मूल रूप से ये पश्चिम बंगाल के मुर्शीदाबाद इलाके के रहने वाले हैं। (कुछ तस्वीर शांतनु सेन के ट्विटर हैंडल से)

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