कौन हैं सुष्मिता देव ? जिन्होंने कांग्रेस को दिया बहुत बड़ा झटका
गुवाहाटी, 16 अगस्त: कांग्रेस को आज बहुत बड़ा झटका लगा है। महिला कांग्रेस में उसकी सबसे बड़ी चेहरा रहीं सुष्मिता देव ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर अपने पद और पार्टी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वह असम में भी कांग्रेस की बहुत कद्दावर चेहरा थीं और एक दिग्गज कांग्रेसी परिवार से भी उनका नाता रहा है। उनकी नाराजगी की खबरें बीते विधानसभा चुनावों के दौरान ही सामने आई थीं, लेकिन तब किसी तरह से मामले को टाल दिया गया था। लेकिन, आखिरकार उन्होंने सबसे पुरानी पार्टी होने का दावा करने वाली कांग्रेस को अलविदा कह ही दिया है।

कौन हैं सुष्मिता देव ?
सुष्मिता देव अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष थीं, जिन्होंने सोमवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। उन्होंने अपने ट्विटर बायो में खुद को पूर्व लोकसभा सदस्य और कांग्रेस का पूर्व मेंबर बताया है। साथ ही खुद को अखिल भारतीय महिला कांग्रेस का पूर्व अध्यक्ष भी लिख दिया है। 25 सितंबर, 1972 को असम के सिलचर में जन्मीं सुष्मिता देव सात बार सांसद रहे संतोष मोहन देव और बिथिका देव की बेटी हैं। सिलचर से लोकसभा सदस्य बनने से पहले वह कांग्रेस से उसी जगह से विधानसभा की सदस्य भी रह चुकी हैं। सुष्मिता देव असम की बराक वैली से ताल्लुक रखती हैं और उन्हें असम की बंगाली बोलने वाली बराक इलाके का प्रमुख चेहरा माना जाता था। उनके पिता असम के दिग्गज का कांग्रेसी थे और उन्हें असम का प्रभावी बंगाली नेता माना जाता था। सुष्मिता देव ने सिलचर को ही अपनी कर्मभूमि बनाया, जिसे कि उनके पिता का गढ़ माना जाता था।
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कांग्रेस में रहकर सीएए का किया था समर्थन
सुष्मिता देव कांग्रेस की वैसी नेता थीं, जिन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का समर्थन किया था, क्योंकि उनके मुताबिक बराक वैली के लोग इसके साथ हैं। एक बार पहले भी उन्होंने तब कांग्रेस में खलबली मचा दी थी, जब उन्होंने कांग्रेस के 'नो सीएए' गमोसा पहनने से इनकार कर दिया था। तब उन्होंने कहा था कि उनके इलाके के लोगों ने बंटवारे की पीड़ा झेली है और सीएए से बांग्लादेशी हिंदुओं की नागरिकता सुनिश्चित होगी। उन्होंने यह भी कहा था, '...हम जानते हैं कि प्रवासी होने का मतलब क्या होता है। मैं इस कानून के समर्थन में हूं, लेकिन इससे किसी को नागरिकता नहीं मिल पाएगी। मैं इसे कुछ संशोधनों के साथ समर्थन करूंगी.....'

पेशे से वकील रही हैं सुष्मिता देव
इन्होंने पॉलिटिकल साइंस में ऑनर्स किया है और लॉ ग्रैजुएट भी हैं और लॉ में मास्टर्स भी किया है। यही नहीं वह यूनाइटेड किंग्डम से बार-एट-लॉ करके भी आई हैं। राजनेता होने के साथ-साथ वह अपना पेशा वकालत बताती रही हैं। वो गोल्फ खेलने की भी बहुत शौकीन हैं। सोनिया गांधी को भेजे इस्तीफे में उन्होंने लिखा है, 'जन सेवा में नए अध्याय की शुरुआत। ' उन्होंने ये भी लिखा है कि 'इंडियन नेशनल कांग्रेस से तीन दशक का मेरा जुड़ाव मेरे लिए यादगार है। मैं इस अवसर पर पार्टी, उसके सभी नेताओं, सदस्यों और कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देना चाहती हूं, जो मेरी यादगार यात्रा में शामिल रहे हैं। '

सुष्मिता देव के पास है कितनी संपत्ति ?
सुष्मिता देव कांग्रेस की उन नेताओं में शामिल थीं, जिनका राहुल गांधी के ट्विटर विवाद वाले मामले में ट्विटर ने हैंडल लॉक कर दिया था। गौरतलब है कि राहुल ने हत्या और कथित रेप के मामले में नाबालिग पीड़िता के माता-पिता की तस्वीरें ट्विटर पर शेयर की थी। जब ट्विटर ने राहुल का हैंडल लॉक किया तो उनके समर्थन में कांग्रेस के कई नेता आ गए थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में नामांकन दाखिल करते हुए सुष्मिता ने अपनी जो प्रॉपर्टी बताई थी, उसके मुताबिक तब उनके पास 1,93,94,976 रुपये की चल और 6,75,00,000 रुपये की अचल संपत्ति थी। वह 2014 में सिलचर से लोकसभा सदस्य और 2011 में सिलचर से विधानसभा सदस्य चुनी गई थीं।

पहले कांग्रेस छोड़ने की उड़ी थी अफवाह
सुष्मिता देव अब कांग्रेस छोड़ चुकी हैं। लेकिन, पिछले असम विधानसभा चुनाव के दौरान भी उनके इस्तीफे की खबरें उड़ी थीं। दरअसल, बराक वैली में टिकट बंटवारे को लेकर वह पार्टी से बहुत नाखुश थीं, हालांकि तब उन्होंने इस्तीफे की बात को गलत ठहराया था।। तब वो बोली थीं, 'अगर आपको अपनी कर्मभूमि से समझौता करना पड़े, जहां आप काम करते हैं, अपनी जमीन से आपक समझौता करना पड़े और दूसरों को देनी पड़े तो आपको तकलीफ तो होगी। इसलिए मुझे भी तकलीफ हुई....अपने इलाके के लिए मैं नहीं लड़ूंगी तो कौन लड़ेगा।' (कुछ तस्वीरें सुष्मिता देव के ट्विटर हैंडल से)












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