Sudershan Reddy कौन हैं? जिन्हें INDIA ब्लॉक ने चुना CP Radhakrishnan के खिलाफ उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार
Who Is B Sudershan Reddy: उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 अब वैचारिक और रणनीतिक जंग का अखाड़ा बन गया है। NDA ने तमिलनाडु के दिग्गज और महाराष्ट्र के गवर्नर सीपी राधाकृष्णन (OBC गौंडर समुदाय) को अपना उम्मीदवार बनाया, तो विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी. सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतारकर सबको चौंका दिया।
पहले DMK के तिरुचि शिवा के नाम की चर्चा थी, लेकिन 18 अगस्त 2025 को मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई बैठक में रेड्डी के नाम पर मुहर लगी। 19 अगस्त को खरगे ने इसकी आधिकारिक घोषणा की। 9 सितंबर की वोटिंग से पहले यह मुकाबला सियासत को गर्मा रहा है। आइए, समझते हैं कि कौन हैं सुदर्शन रेड्डी और INDIA ब्लॉक की रणनीति...

Who Is B Sudershan Reddy: कौन हैं बी. सुदर्शन रेड्डी?
बी. सुदर्शन रेड्डी भारत के सबसे सम्मानित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक हैं। उनका लंबा और शानदार कानूनी करियर उन्हें इस रेस में एक गैर-राजनीतिक, मजबूत चेहरा बनाता है। उनका जन्म8 जुलाई 1946 को आंध्र प्रदेश (अब तेलंगाना) के रंगा रेड्डी जिले के अकुला मायलारम गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय से BA और LLB की डिग्री।
B Sudershan Reddy Career:बी. सुदर्शन रेड्डी का कानूनी करियर?
- 1971: आंध्र प्रदेश बार काउंसिल में वकील के रूप में नामांकन।
- 1988-90: आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में सरकारी वकील।
- 1990: केंद्र सरकार के लिए अतिरिक्त स्थायी वकील।
- 1993: आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के अतिरिक्त जज।
- 1995: आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के स्थायी जज।
- 2005: गुवाहाटी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश।
- 12 जनवरी 2007-11: सुप्रीम कोर्ट के जज।
- 2013: गोवा के पहले लोकायुक्त, लेकिन निजी कारणों से इस्तीफा।
बी. सुदर्शन रेड्डी की क्या रहीं हैं उपलब्धियां?
सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के लिए उनके फैसले मशहूर हैं। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, 'रेड्डी ने गरीबों के हक और संविधान की रक्षा के लिए ऐतिहासिक फैसले दिए।'उस्मानिया विश्वविद्यालय के कानूनी सलाहकार और आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे।
INDIA ब्लॉक की रणनीति: गैर-राजनीतिक चेहरा क्यों?
INDIA ब्लॉक ने तिरुचि शिवा जैसे राजनीतिक चेहरे की जगह सुदर्शन रेड्डी को चुनकर एक मास्टरस्ट्रोक खेला है:-
- वैचारिक जंग: खरगे ने इसे 'संवैधानिक मूल्यों की लड़ाई' करार दिया। रेड्डी की गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि और संविधान की रक्षा के लिए मशहूर फैसले उन्हें NDA के RSS-समर्थित राधाकृष्णन के खिलाफ मजबूत बनाते हैं।
- दक्षिण भारत का संदेश: तेलंगाना के रेड्डी को चुनकर विपक्ष ने दक्षिण भारत में अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश की है। यह तमिलनाडु-केंद्रित राधाकृष्णन की रणनीति का जवाब है।
- विपक्षी एकता: TMC और AAP ने रेड्डी के नाम पर सर्वसम्मति जताई। डीएमके की कनिमोझी और सपा के अखिलेश यादव ने भी समर्थन दिया।
- 2026 की तैयारी: तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कांग्रेस और सहयोगी दलों को मजबूती मिलेगी।
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