कौन हैं सोनिया दुहन? जिन्होंने प्रफुल्ल पटेल की फोटो फेंकी बाहर, 2019 में गिरा दी थी फडणवीस सरकार
एनसीपी नेता अजित पवार अपने साथ 40 विधायकों को लेकर एकनाथ शिंदे सरकार में रविवार को शामिल हो गए। उनके शामिल होने के बाद शरद पवार के खेमे में बचे नेताओं और विधायकों में अजित पवार और उनके साथ गए नेताओं को लेकर काफी रोष देखा जा रहा है।
एनसीपी की छात्र शाखा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया दुहन ने सोमवार को दिल्ली में राष्ट्रवादी छात्र कांग्रेस कार्यालय से एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल की फोटो को हटाकर बाहर फेंक दिया है।

सोनिया ने कहा कि, हमने प्रफुल्ल पटेल और एनसीपी छोड़ने वाले अन्य सभी नेताओं का फोटो फ्रेम हटा दिया क्योंकि वे अब एनसीपी परिवार का हिस्सा नहीं हैं। सोनिया पहली बार नहीं है जब चर्चा में हैं। इससे पहले यौन शोषण के आरोपों से घिरे हरियाणा के खेल मंत्री संदीप सिंह के झंडा फहराने पर विरोध जताया है।
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राष्ट्रवादी विद्यार्थी कांग्रेस की अध्यक्षा सोनिया दुहन को एनसीपी का संकट मोचन भी कहा जाता है। सोनिया ने ने 2019 में महाराष्ट्र में बीजेपी सरकार बनने से रोक दी थी। सोनिया दुहन ने 2019 में हरियाणा के गुरुग्राम से एनसीपी के 4 विधायकों को रेस्क्यू कर बीजेपी का अजीत पवार गुट के साथ सरकार बनाने का सपना तोड़ दिया था।

सोनिया दुहान ने गुरुग्राम के एक होटल से 150 बीजेपी के कार्यकर्ताओं को चकमा देकर एनसीपी के 4 विधायकों रेस्क्यू किया था। जिनमें नरहरि ज़िरवाल, दौलत दरोदा, अनिल पाटिल और नितिन पवार शामिल थे। जो अजित पवार के शपथ लेने के बाद से लापता थे। इन विधायकों को सोनिया दिल्ली स्थित शरद पवार के आवास पर लाने में सफल रही थीं।
करीब ढ़ाई साल के बाद यानि 2022 में फिर जब महाविकास अघाड़ी सरकार पर संकट आया तो सोनिया ने फिर से मोर्चा संभाला। सूरत से लेकर गुवाहाटी और फिर गोवा तक बागी विधायकों का पीछा किया। गोवा में सोनिया दूहन को विधायकों वाले होटल में प्रवेश करने में सफल भी रहीं, लेकिन गोवा पुलिस नें सोनिया को एक अन्य साथी के साथ गिरफ्तार कर लिया था।

वह इस बार विधायकों को लाने में असफल रही। हरियाणा से ताल्लुक रखने वाली सोनिया शरद पवार की चहेती मानी जाती हैं। सोनिया दुहान को एनसीपी की लेडी जॉम्स बॉन्ड कहा जाता है। हाल ही में जब शरद पवार ने इस्तीफा दिया था, तब जो नेता शरद पवार को इस्तीफा वापस लेने के लिए मना रहे थे। उनमें से एक सोनिया दुहन भी थीं।

सोनिया हरियाणा के हिसार की रहने वाली हैं। वह पेटवाड़ के एक किसान परिवार से संबंध रखती हैं। उनके पिता का नाम संसार सिंह था। मां का नाम संतरो देवी है। सोनिया तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। उन्होंने हिसार जिले में स्थित अपने गांव के स्कूल में ही शुरुआती शिक्षा ली। हिसार के स्कूल से इंटरमीडिएट के बाद सोनिया ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से बीएससी की। बीएससी करने के बाद वह अंबाला आ गईं।

इसके बाद सोनिया ने पुणे में पायलट की ट्रेनिंग लेने चली गईं। इस दौरान एनसीपी के संपर्क में आईं। वह पायलट की ट्रेनिंग लेने के दौरान ही उन्हें अपने पिता के कैंसर पीड़ित होने का पता चला। जिसके बाद सोनिया को सबकुछ छोड़कर घर लौटना पड़ा। पिता की मौत के बाद घर की जिम्मेदारी सोनिया पर आ गई।
सोनिया दुहन ने 21 साल की उम्र में छात्र राजनीति में आईं। सोनिया ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के दो चुनावों में एनसीपी के स्टूडेंट्स विंग की अगुआई की। उन्हें एक बार एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष और फिर राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया। वह एनसीपी की यूथ विंग में नेशनल प्रेसिडेंट हैं। सोनिया फिलहाल गुरुग्राम में रहती हैं। सप्ताह में तीन दिन वह अपनी मां के पास गांव में रहती हैं।












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