Saayan Kunal: कौन हैं सायण कुणाल, जो लड़ सकते हैं बिहार चुनाव, प्रशांत किशोर के आरोप के बाद क्यों हो रही चर्चा

Bihar Election 2025 (Saayan Kunal): बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सियासी सरगर्मी तेज है। इस बार की चुनावी तस्वीर में एक नया नाम सुर्खियों में है-सायण कुणाल (Saayan Kunal)। वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी और जेडीयू के ताकतवर मंत्री अशोक चौधरी के दामाद हैं। इतना ही नहीं, वे सांसद शांभवी चौधरी के पति भी हैं। माना जा रहा है कि सायण कुणाल इस बार चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। चर्चा है कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से उन्हें टिकट मिल सकता है।

हाल ही में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने चौधरी परिवार पर करोड़ों की संपत्ति जुटाने का आरोप लगाया, जिसके बाद सायण कुणाल अचानक सुर्खियों में आ गए। आरोप है कि इस परिवार ने महज दो साल में 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति खड़ी कर ली। सायण कुणाल ने हालांकि इन आरोपों को खारिज कर दिया। आरोपों के बीच यह सवाल और भी बड़ा हो गया है कि आखिर कौन हैं सायण कुणाल और उनका बैकग्राउंड क्या है? आइए विस्तार से जानते हैं।

Bihar Election 2025 Saayan Kunal

Who is Saayan Kunal: कौन हैं सायण कुणाल

सायण कुणाल बिहार के मशहूर आईपीएस अधिकारी रहे किशोर कुणाल के बेटे हैं। किशोर कुणाल 80 के दशक में पटना के एसएसपी रहे और बॉबी हत्याकांड की जांच के दौरान खूब सुर्खियों में आए थे। भूमिहार समाज से ताल्लुक रखने वाले यह परिवार लंबे समय से सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है।

पटना का मशहूर महावीर मंदिर से जुड़ा है परिवार

सायण कुणाल का परिवार पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर से गहराई से जुड़ा हुआ है। यह मंदिर न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र है बल्कि इसके ट्रस्ट के जरिए कई अस्पताल और सामाजिक संस्थान भी चलाए जाते हैं। किशोर कुणाल ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महावीर मंदिर के ट्रस्ट को एक बड़े स्तंभ के रूप में खड़ा किया।

Bihar Election 2025 Saayan Kunal

सायण कुणाल का शिक्षा और करियर की कहानी

सायण कुणाल का जन्म 18 अगस्त 1996 को हुआ। शुरुआती पढ़ाई उन्होंने अपने ही परिवार के संस्थान ज्ञान निकेतन स्कूल, पटना से की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा का रुख किया। यहां से उन्होंने बीबीए, एलएलबी (Hons.) की डिग्री हासिल की और सुम्मा कम लाउड ग्रेड के साथ स्नातक किया।

वे आज ज्ञान निकेतन बॉयज स्कूल के डायरेक्टर भी हैं। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े रहने के साथ-साथ सायण ने सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई है। 2019 में पटना जलजमाव संकट और कोविड-19 महामारी के दौरान वे राहत कार्यों में अग्रणी रहे।

Bihar Election 2025 Saayan Kunal

समाजसेवी और लेखक के तौर पर पहचान

सायण कुणाल खुद को सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं रखते। वे एक लेखक, उद्यमी और समाजसेवी भी हैं। उनके सामाजिक योगदान को देखते हुए उन्हें कई अवसरों पर राष्ट्रपति भवन तक आमंत्रित किया गया। इस तरह उन्होंने सामाजिक मंचों पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

राजनीति में क्यों बढ़ रहा है नाम?

हालांकि सायण कुणाल का सीधा राजनीतिक सफर अभी तक शुरू नहीं हुआ, लेकिन वे हमेशा से राजनीतिक गतिविधियों के करीब रहे हैं। बीते साल जेडीयू की ओर से आयोजित भीम संसद कार्यक्रम में उनका नाम चर्चा में आया था। हालांकि उन्होंने खुद को फ्रंटलाइन में रखने से परहेज किया और पर्दे के पीछे ही रहे।

Bihar Election 2025 Saayan Kunal

लेकिन अब जब उनके ससुर अशोक चौधरी राज्य सरकार में मंत्री हैं और पत्नी शांभवी चौधरी सांसद हैं, तो इस परिवार का राजनीतिक नेटवर्क मजबूत माना जा रहा है। यही वजह है कि विधानसभा चुनाव से पहले सायण कुणाल का नाम एक संभावित उम्मीदवार के तौर पर लिया जा रहा है।

चुनावी साल में प्रशांत किशोर ने जो आरोप लगाए, उसने सायण कुणाल को अचानक लाइमलाइट में ला दिया। इस विवाद ने सायण कुणाल को सीधे बिहार की सियासत के केंद्र में ला खड़ा किया है। बिहार की राजनीति में परिवारवाद और बाहुबल का असर पहले से ही गहरा है। ऐसे में सायण कुणाल जैसे नए चेहरे का चुनावी राजनीति में आना न सिर्फ दिलचस्प होगा बल्कि गठबंधन की रणनीति को भी प्रभावित कर सकता है। चिराग पासवान की पार्टी से टिकट मिलने की चर्चा ने इस सस्पेंस को और बढ़ा दिया है।

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