कौन हैं आईएएस गोविंद मोहन? जिन्हें केंद्रीय गृह सचिव का पद संभालते ही मिली ये बड़ी चुनौती?
IAS Govind Mohan Profile: आईएएस अधिकारी गोविंद मोहन ने नए केंद्रीय गृह सचिव का पदभार संभाल लिया है। गोविंद मोहन ने अजय कुमार भल्ला का स्थान लिया है, जिनका पांच साल का कार्यकाल कल समाप्त हुआ।
जिसके बाद सिक्किम कैडर के 1989 बैच के अनुभवी आईएएस गोविंद मोहन ने नए केंद्रीय गृह सचिव का पदभार संभाला है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा मोहन की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा 14 अगस्त, 2024 को ही कर दी गई थी। आइए जानते हैं नवनियुक्त केंद्रीय गृह सचिव के बारे में खास बातें?

ज्वाइन करते ही मिली ये बड़ी चुनौती
बता दें गोविंद मोहन को पदभार संभालते ही जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण विधानसभा चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग के साथ सहयोग करना है। चुनाव आयोग ने हाल ही में 18 सितंबर से शुरू होने वाले क्षेत्र में तीन चरणों में मतदान की घोषणा की है। अपनी नई भूमिका में कदम रखते हुए मोहन के लिए यह एक महत्वपूर्ण चुनौती होगी।
गोविंद मोहन की पढ़ाई?
गोविंद मोहन के पास बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से बी.टेक की डिग्री और आईआईएम अहमदाबाद से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा है।
केंद्रीय गृह सचिव का पद संभालने से पहले गोविंद मोहन केंद्रीय संस्कृति सचिव का पद पर थे। इन्होंने सिक्किम सरकार और केंद्र सरकार दोनों में कई पदों पर रहते हुए अहम भूमिका निभाई।
गोविंद मोहन ने मोदी सरकार में शुरू किए ये दो बड़े अभियान
केंद्रीय संस्कृति सचिव के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, मोहन ने दो प्रमुख प्रमुख कार्यक्रम शुरू किए, जिसमें 'आज़ादी का अमृत महोत्सव' और 'हर घर तिरंगा आंदोलन'। ये पहल भारत की सांस्कृतिक विरासत और उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के प्रयासों का हिस्सा थीं।
गोविंद मोहन करियर
मोहन इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर रह चुके हैं। इस पद पर रहते हुए केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित विभागों सहित कई प्रमुख विभागों का प्रबंधन किया। इसके आलावा कोविड-19 महामारी उपायों की देखरेख करना और राज्यों के साथ सुचारू समन्वय सुनिश्चित करने में भी इन्होंने अहम भूमिका निभाई।
गोविंद मोहन का यूपी से है खास नाता
गोविंद मोहन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। मोहन ने अक्टूबर 2021 से 14 अगस्त 2024 तक केंद्रीय संस्कृति सचिव के रूप में कार्य किया। मोहन सितंबर माह में 59 साल के हो जाएंगे और उन्हें सार्वजनिक सेवा में उनकी प्रतिभा और समर्पण के लिए जाना जाता है। गृह सचिव के रूप में उनकी नियुक्ति उनके करियर में एक और मील का पत्थर है।












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