कौन हैं कलबुर्गी की डिप्टी कमिश्नर Fouzia Tarannum? जिन्हें BJP MLC ने कहा 'पाकिस्तानी', 2014 में बनीं थीं IAS
IAS Fouzia Tarannum: कर्नाटक की राजनीति में इन दिनों काफी हलचल देखने को मिल रही है। इस पूरे सियासी माहौल के केंद्र में हैं एक महिला IAS अधिकारी। राज्य के कलबुर्गी जिले की डिप्टी कमिश्नर फौजिया तरन्नुम पर बीजेपी के एक MLC ने ऐसी विवादित टिप्पणी कर दी कि सियासी तूफान खड़ा हो गया। बीजेपी नेता ने एक जनसभा के मंच से सवाल खड़ा किया कि क्या यह अफसर पाकिस्तान से आई हैं या भारत की सिविल सेवा में हैं?
यह बयान न केवल समाज में जहर घोलने वाला है, बल्कि एक ईमानदार और ससम्मान अधिकारी की छवि पर सीधा हमला भी माना जा रहा है। बयान के बाद न सिर्फ राजनीतिक दलों में हंगामा है, बल्कि प्रशासनिक सेवा के अफसरों में भी नाराजगी है। मामला अब कानूनी रूप ले चुका है और एन रविकुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है।

एन रविकुमार पर दर्ज हुआ केस
बीजेपी नेता की इस टिप्पणी के खिलाफ मामला दर्ज हो गया है। रविकुमार पर भड़काऊ बयान देने और धार्मिक भावना भड़काने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस विवाद के बाद प्रशासनिक महकमे में भी नाराजगी देखी जा रही है।
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IAS एसोसिएशन ने किया समर्थन
IAS एसोसिएशन ने फौजिया तरन्नुम का समर्थन किया है और नेता के बयान की निंदा की है। एसोसिएशन का कहना है कि फौजिया एक ईमानदार और साफ छवि की अधिकारी हैं, जिन्होंने हमेशा नियमों के अनुसार काम किया है। आइए नजर डालते हैं IAS फौजिया तरन्नुम के करियर और जीवन पर...
कौन हैं फौजिया तरन्नुम?
फौजिया तरन्नुम 2014 बैच की IAS अधिकारी हैं। वह इस समय कर्नाटक के कलबुर्गी जिले की डिप्टी कमिश्नर हैं। उनका जन्म 2 अप्रैल 1992 को बेंगलुरु में हुआ था। उन्होंने अपनी पढ़ाई भी बेंगलुरु से ही की है। फौजिया TCS में एनालिस्ट रह चुकी हैं।
UPSC में तीसरे प्रयास में मिली IAS की पोस्ट
फौजिया ने पहली बार 2011 में UPSC परीक्षा पास की थी और IRS बनी थीं। इसके बाद उन्होंने 2014 में फिर परीक्षा दी और इस बार उन्हें 31वीं रैंक मिली, जिससे वह IAS अधिकारी बन गईं। उन्होंने कहा था कि IRS की नौकरी के दौरान ही उन्हें IAS बनने की प्रेरणा मिली थी।
पढ़ाई में भी शानदार रिकॉर्ड
फौजिया ने बेंगलुरु के बिशप कॉटन गर्ल्स स्कूल से स्कूली शिक्षा ली। इसके बाद उन्होंने ज्योति निवास कॉलेज से बीकॉम किया, जहां वह यूनिवर्सिटी में पांचवें स्थान पर रहीं। फौजिया ने क्राइस्ट कॉलेज से MBA किया और गोल्ड मेडल भी हासिल किया। इसके साथ ही उनके पास सस्टेनेबल डेवलपमेंट में डिप्लोमा भी है।
राष्ट्रपति से मिल चुका है सम्मान
फौजिया तरन्नुम को जनवरी 2025 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोक प्रशासन में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया था। वह देश के उन 22 अधिकारियों में शामिल थीं जिन्हें यह सम्मान मिला।
फिलहाल सियासी बवाल जारी
बीजेपी नेता के बयान से उठे इस विवाद ने राज्य की सियासत को गरमा दिया है। विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने इस बयान की आलोचना करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं प्रशासनिक हलकों में फौजिया तरन्नुम को एक निष्ठावान अधिकारी माना जा रहा है।
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