कौन हैं हाई कमिश्नर संजय वर्मा? जिनपर ट्रूडो सरकार ने लगाए आरोप, भारत ने दिया तगड़ा जवाब
कनाडा में तैनात भारत के उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा इन दिनों चर्चा में हैं। कनाडा की जस्टिन ट्रूडो सरकार ने उन्हें खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में संदिग्ध बताया है। कनाडा के इस आरोप के बाद भारत ने तगड़ी प्रतिक्रिया दी है और कनाडा में तैनात अपने उच्चायुक्त समेत कई राजनयिकों को वापस बुलाने का फैसला किया है।
कनाडा ने संजय वर्मा समेत भारतीय राजनयिकों पर आरोप लगाए हैं कि वे कनाडा में खालिस्तानी तत्वों के खिलाफ गतिविधियों में शामिल हैं। खासतौर पर हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में वर्मा को 'पर्सन ऑफ इंटरेस्ट' यानी संदिग्ध बताया गया है। इन आरोपों के जवाब में भारत ने सख्त कदम उठाते हुए कनाडा के प्रभारी राजदूत को तलब किया और अपनी नाराजगी जताई। आइए जानते हैं कौन हैं संजय कुमार वर्मा?

संजय कुमार वर्मा का जन्म बिहार में हुआ था और वे 1988 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं। उनका राजनयिक करियर तीन दशकों से भी अधिक लंबा और सफल रहा है। संजय वर्मा ने अपनी राजनयिक सेवाएं हांगकांग, चीन, वियतनाम और तुर्की जैसे देशों में दी हैं। इसके अलावा, वे सूडान में भारत के राजदूत और मिलान, इटली में महावाणिज्यदूत के पद पर भी रहे हैं। नई दिल्ली में भी वे विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं।
- जन्म: 28 जुलाई, 1965
- शिक्षा: पटना विश्वविद्यालय से स्नातक और IIT दिल्ली से फिजिक्स में पोस्ट-ग्रैजुएशन
- भाषाई दक्षता: हिंदी, अंग्रेजी और चीनी (मंदारिन) भाषा में विशेषज्ञता
कनाडा में नियुक्ति
सितंबर 2022 में संजय वर्मा को कनाडा में भारत का उच्चायुक्त नियुक्त किया गया था। उनकी यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई जब भारत और कनाडा के संबंध खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर तनावपूर्ण बने हुए थे।
भारत ने कनाडा के आरोपों को निराधार बताया
भारत के विदेश मंत्रालय ने कनाडा की इस कार्रवाई को "निराधार और अस्वीकार्य" बताया। भारत ने कहा कि कनाडा में भारतीय राजनयिकों की सुरक्षा खतरे में है और ट्रूडो सरकार उनपर हमला करने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही है। इसके बाद, भारत ने कनाडा में तैनात अपने राजनयिकों को वापस बुलाने का फैसला किया।
भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा, "कनाडा के प्रभारी राजदूत को तलब कर यह स्पष्ट कर दिया गया है कि भारत के उच्चायुक्त और अन्य राजनयिकों को निशाना बनाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।" मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत ने खालिस्तानी गतिविधियों और अलगाववादी तत्वों को लेकर ट्रूडो सरकार की निष्क्रियता के चलते अपनी कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखा है।
संजय वर्मा पर लगाए गए कनाडा के आरोपों को लेकर भारत ने सख्त प्रतिक्रिया दी है और अपने राजनयिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इन आरोपों को बर्दाश्त नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।












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