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कौन हैं डॉ. नितिश दुबे? जिन्होंने करवाया दुबई में वर्ल्ड होमियोपैथी समिट

बर्लिन में न्यूरोलाजिकल समस्याओं के निदान पर व्याख्यान देकर सुर्खियों में आए डॉ. नीतीश दुबे आज देश का पहचाना हुआ नाम बन चुके हैं। उन्होंने होम्योपैथी, जो कि भारत सहित अनेक विकासशील देशों में सस्ते और सुलभ चिकित्सा का अहम अंग माना जाता है, उसको देश में नई पहचान दी है।

बिहार के मुंगेर जिले के कल्याणपुर गांव से आने वाले नीतीश दुबे साधारण परिवार और ग्रामीण पृष्ठभूमि से वास्ता रखते हैं। उनके पिता डॉ. दिनेश दुबे रिटायर रेलवे कर्मचारी हैं, जिनको देखकर ही नीतीश ने होम्योपैथी के क्षेत्र में देश-विदेश में कीर्तिमान गढ़ा है।

Nitish Dubey

21 सदी में दुनिया भर में बीमारियों के इलाज के लिए कई नई टेक्नोलॉजी इजाद की जा रही है। एक तरफ जहां मेडिकल के क्षेत्र में मरीजों को एलोपैथी दवाईयां दी जाती है तो आज भी होम्योपैथी से लोगों का भरोसा कम नहीं हुआ है।

ऐसे ही देश में होम्योपैथी को बढ़ावा देने वाले एक शख्स डॉ. नीतीश दुबे हैं। जिन्होंने होम्योपैथी डॉक्टर होने के साथ-साथ दवा कंपनी को भी खड़ा किया है।

नीतीश दुबे को जर्मनी और स्विट्जरलैंड में होम्योपैथी के क्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए सम्मानित किया जा चुका है। डॉ. दुबे की बर्नेट होम्योपैथिक प्राइवेट लिमिटेड के नाम से दवा कंपनी भी है। इसी के साथ विदेश में दो बार भारत से होमियोपैथ का बड़ा समिट कराने का भी गौरव भी इन्हें मिला है।

बता दें कि डॉ. नीतीश दुबे यूनाइटेड नेशन हेल्थ असबेंली में भी व्याख्यान दे चुके हैं। जर्मनी के बर्लिन में आयोजित वर्ल्ड न्यूरो फेस्ट में पहली बार होम्योपैथी दवाओं से न्यूरोलाजिकल समस्याओं के निदान विषय पर लेक्चर देकर उन्होंने सुर्खियों बटोरी थी।

डॉ. दुबे ने साल 2022 में लंदन संसद में होने वाले यूके-इंडिया बिजनेस सम्मेलन-2022 में अपना विचार रखे थे। जिसके लिए उनको विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। डॉक्टर नीतीश यूनाइटेड नेशन की हेल्थ एसेंबली, यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्ट लंदन और ब्रिटिश पार्लियामेंट में भी सम्मानित हो चुके हैं।

दुबई में कराया वर्ल्ड होमियोपैथी समिट?

बता दें कि हाल ही में उन्होंने 14 जुलाई को दुबई के 7 स्टार होटल "बुर्ज अल अरब " होम्योपैथ का समिट आयोजित कराया था। इस आयोजन में देश-विदेश के कई होम्योपैथ चिकित्सकों ने हिस्सा लिया। इस विश्व स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन-2 में भारत के कई राज्यों के अलावा 25 से ज्यादा देशों से आए होम्योपैथ चिकित्सकों का सम्मान किया गया।

इस समिट में भारत के नामचीन युवा कवि कुमार विश्वास, फिल्मी जगत के स्टार अनुपम खेर, खेल जगत के नामचीन हस्तियों में पूर्व क्रिकेटर क्रिस गेल, सनथ जयसूर्या, ब्रेट ली और जोंटी रोड्स भी शामिल हुए।

होम्योपैथी का साइड इफेक्ट्स फ्री इलाज

होम्योपैथी के फाउंडर जर्मन डॉक्टर डॉ. हैनिमैन हैं। इसका मकसद किसी तकलीफ या समस्या को कुछ समय के लिए नहीं जड़ से खत्म करने पर काम किया जाता है।इस चिकित्सा पद्धति में मिनिमम डोज के सिद्धांत को अपनाया जाता है। होम्योपैथी की दवाईयां केमिकल्स मुक्त होती हैं।

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