कौन है भूषण वर्मा? लाल किले से चुराया था 1 करोड़ का कलश, पकड़े जाने पर किया खुलासा- 1 नहीं 3 कलश हुए थे चोरी
Bhushan Verma Red Fort Kalash Thief: दिल्ली पुलिस ने तीन दिन आज लालकिले से कलश चोरी चाेरी करने वाले वाले चोर को धर-दबोचा है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के असौड़ा गांव से आरोपी भूषण वर्मा को गिरफ्तार किया है। उसके पास से चोरी हुआ एक कीमती कलश भी बरामद कर लिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में भूषण वर्मा ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने बताया कि लालकिले के सामने स्थित 15 अगस्त पार्क से एक नहीं, बल्कि तीन कलश चोरी हुए थे। हालांकि, अभी तक सिर्फ एक कलश ही बरामद हो पाया है, और शेष दो की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पुलिस कई अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है। जानिए कौन है ये भूषण वर्मा जिसने लाल किला जहां पर कड़ी सुरक्षा का घेरा रहता है वहां पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम से उसने ये हीरे, पन्ने लगा हुआ सोने का 1 करोड़ का कलश चुराया। साथ ही जानिए आखिर ये इसे दिल्ली से चुरा कर हापुड़ ही क्यों ले गया था?
1 करोड़ का कलश चुराने वाला कौन है भूषण वर्मा?
दिल्ली पुलिस ने करोड़ों रुपये के कलश चोरी मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान उत्तर प्रदेश के हापुड़ निवासी भूषण वर्मा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि भूषण दिल्ली में ड्राइवर का काम करता था। ये शादीशुदा है और इसकी दो बेटियां हैं। पड़ोसियों को इसके पकड़े जाने पर आश्चर्य हुआ क्योंकि पड़ोसियों के अनुसार ये सीधा-साधा परिवार है और अधिकांश समय अपने घर में ही रहता है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध कई दिनों से रेकी कर रहा था और शक से बचने के लिए आयोजकों के साथ घुल-मिल गया था
जैन मुनि का रूप धरकर पहुंचा था लाल किला
यह घटना 3 सितंबर को एक प्रार्थना समारोह के दौरान हुई थी, जिसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। लालकिले के बाहर लगे कैमरों में भूषण वर्मा जैन समाज की पारंपरिक वेशभूषा, धोती और चुन्नी पहने हुए दिखाई दिया। उसने यह रूप इसलिए धारण किया था, ताकि वह धार्मिक अनुष्ठान में शामिल व्यक्ति लगे और पुलिस जांच को गुमराह किया जा सके। बिड़ला के कार्यक्रम में पहुंचने पर हुई भीड़भाड़ का फायदा उठाकर उसने कलश चुराया और फरार हो गया। यह कलश 760 ग्राम सोने और 150 ग्राम हीरे, माणिक व पन्ने से जड़ा हुआ था। जैन समुदाय के लिए इसका विशेष धार्मिक महत्व है।
पुलिस कैसे भूषण वर्मा तक पहुंची?
पुलिस ने चोरी की जांच शुरू करते ही सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच टीम लगातार पीछा करते हुए गाजियाबाद से आगे हापुड़ तक पहुंची और आरोपी भूषण वर्मा की पहचान पुख्ता की। हापुड़ के एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि रविवार दोपहर करीब 3 बजे दिल्ली पुलिस ने स्थानीय थाने से संपर्क किया था। उन्होंने जानकारी दी कि हापुड़ के असौड़ा गांव में आरोपी की पुख्ता सूचना मिली थी। तुरंत ही स्थानीय पुलिस बल तैनात किया गया और कार्रवाई शुरू की गई। शाम 6 बजे आरोपी को गिरफ्तार कर दिल्ली पुलिस अपने साथ ले गई।
क्यों हापुड़ लेकर पहुंचा था कलश?
हापुड़ का सर्राफा बाजार देश भर में प्रसिद्ध है। पुलिस ने हापुड़ के मोहल्ला ब्रह्मनान के सर्राफ गौरव वर्मा और जवाहर गंज मोहल्ले के अंकित पाटिल को हिरासत में लिया है। दोनों को दिल्ली पुलिस अपने साथ ले गई है। गौरव वर्मा सोने को गलाने का काम करता है। आशंका है कि चोरी का कलश अंकित पाटिल की मदद से गौरव वर्मा तक पहुंचाया गया था, जिससे कलश को गलाए जाने की संभावना भी बढ़ गई थी।












Click it and Unblock the Notifications