संसद के मानसून सत्र 2023 में कौन-कौन से सांसद हुए सस्‍पेंड, जानिए वजहें भी

Parliament monsoon session suspended MPs: 20 जुलाई से शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र का आज अंतिम दिन था। इस मानसून सत्र में विपक्षी दलों ने मोदी सरकार के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव पेश किया जो फेल हो गया। वहीं आज लोकसभा और राज्‍यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्‍थगित कर दी गई। मानसून सत्र के पहले दिन से ही मणिपुर हिंसा को लेकर विपक्ष दोनों सदनों में आक्रमक रुख अख्तियार करते हुए हंगामा करता रहा। वहीं दोनों सदनों से कुछ सांसदों को सस्‍पेंड कर दिया गया। आइए जानते हैं कौन वो सांसद हैं और उन्‍हें किस बात के लिए सदन से सस्‍पेंड किया गया।

Parliament monsoon session suspended MPs:

आप सांसद संजय सिंह

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को राज्‍यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने मानसून सत्र के पहले दिन ही 20 जुलाई को अमर्यादित व्‍यवहार करने के आरोप में पूरे मानूसन सत्र के लिए राज्‍यसभा से निलंबित कर दिया था। निलंबित करने का प्रस्‍ताव सदन के नेता पीयूष गोयल ने रखा था जिसे सदन ने स्‍वीकार कर लिया था।

संजय सिंह पर लगा है ये आरोप

दरअसल, विपक्ष जब मणिपुर हिंसा पर पीएम मोदी के बयान की मांग कर रहा था तब सभापति धनखड़ ने कहा था इस पर प्रश्‍न काल में की जाएगी। कुछ ही मिनटों तक प्रश्‍नाक चला जिसके बाद आप सांसद संजय सिंह सभापति धनखड़ की कुर्सी के पास तक पहुंच गए, तब उन्‍हें सभापति ने वापस सीट पर जानें को कहा तो वो माने नहीं, जिसके बाद उन्‍हें सस्‍पेंड किया गया था।

वहीं आज आखिरी दिन संजय का सस्‍पेंशन बढ़ा दिया गया, विशेषाधिकारी समिति का निर्णय आने वो राज्‍यसभा से सस्‍पेंड रहेंगे। कहा गया कि संजय सिंह ने बेहद निंदनीय आचरण किया वो निलंबन के बाद भी सदन में बैठे रहे। संजय सिंह अब तक 56 बार वेल में आ चुके है जो जाहिर करता है कि वो सदन की कार्रवाई में बाधा डालना चाहते हैं।

आप के इकलौते लोकसभा सांसद सुशील कुमार रिंकू

आम आदमी पार्टी के इकलौते लोकसभा सांसद सुशील कुमार रिंकू को 2 अगस्‍त को संसद के शेष मानसून सत्र से निलंबित कर दिया गया था। दिल्‍ली सेवा बिल लोकसभा में पारित होने के बाद आप सांसद रिकूं सदन के वेल में आ गए थे और लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिरला पर कागज फाड़कर फेंक दिया था। इस अभ्रद्र व्‍यवाहार के लिए उन्‍हें संसद के मानसून सत्र के लिए निलंबित किया गया था। संजय सिंह के बाद ये आप के दूसरे सांसद थे जिन्‍हें पूरे सत्र के लिए सस्‍पेंड किया गया था।

आप सांसद राघव चड्ढ़ा

सांसद राघव चड्ढ़ा को मानसून सत्र के आज अंतिम दिन यानी शुक्रवार को राज्‍यसभा से सस्‍पेंड किया गया। राघव चड्ढा को "विशेषाधिकार के उल्लंघन" के चलते राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया। प्रिविलेज कमेटी का निर्णय आने तक वो राज्यसभा से निलंबित रहेंगे। राघव चड्ढा पर मिसबिहेव करने के आरोप है। राघव पर आरोप है कि उन्‍होंने पांच सांसदों की सहमति के बिना उन्हें हाउस पैनल में नामित किया था। फर्जी हस्‍ताक्षर से जुड़ा ये मामला बताया जा रहा है।

राघव चड्ढ़ा पर लगा है ये आरोप

दरअसल, पांच सांसदों ने दावा किया है कि राघव ने दिल्ली सेवा विधेयक को उनकी सहमति के बिना सेलेक्ट कमेटी को भेजने के प्रस्ताव में उनके नाम का जिक्र किया। इस प्रस्‍ताव में AAP सांसद राघव चड्ढा ने पेश किया था। विरोध दर्ज करवाने वाले इन पांच में तीन सांसद भाजपा के हैं और दो BJD और एक अन्नाद्रमुक सके हैं। हालांकि सस्‍पेंड किए जाने के बाद राघव ने कहा कि उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे।

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी को लोकसभा से गुरुवार को निलंबित किया गया था। उनके खिलाफ भी जब तक विशेषाधिकार समिति अपनी रिपोर्ट पेश नही कर देती तब तब कांग्रेस नेता लोकसभा से सस्‍पेंड रहेंगे। अधीर रंजन चौधरी पर संसदीय कार्यवाही के दौरान व्‍यवधान उत्‍पन्‍न करने का आरोप लगा है और देश की छवि खराब करने भी आरोप लगा है। कई बार चेतावनी के बावजूद वो बेबुनियाद आरोप लगाते हैं और देश की छवि को नीचा दिखाते हैं।

अधीर रंजन चौधरी ने दिया था ये बयान

अधीर रंजन ने लोकसभभा में कहा था कि पीएम मोदी लोकसभा में बुलाने के लिए अविश्‍वास प्रस्‍ताव लाने के अलावा कोई विकल्‍प नहीं था। अधीर ने मणिपुर हिंसा पर बोलते हुए महाभारत का जिक्र किया और कहा मणिपुर हिंसा पर कहा था

जहां राजा अंधा बैठा रहता है, वहां द्रौपदी का चीरहरण होता है। वो चाहे हस्तिनापुर हो या मणिपुर में हो। हस्तिनापुर और मणिपुर में कोई फर्क नहीं है। पीएम मोदी नीरव मोदी के बनकर चुप्पी साधे बैठे हुए हैं। बीजेपी ने मणिपुर के सांसद को सदन में बोलने का मौका तक नहीं दिया। अंत में उन्‍होंने कहा हस्तिनापुर हो या या मणिपुर में राजा को आंखें नहीं मूदनी चाहिए।

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