कब-कब राज्यपालों ने राज्यों में सत्ता बनाई और बिगाड़ी

राज्यपाल
BBC
राज्यपाल

कर्नाटक चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. दोनों पार्टियां- भाजपा और कांग्रेस यहां सरकार बनाने का दावा कर रही हैं.

सरकार किसकी बनेगी, यह अब राज्यपाल के फ़ैसले पर निर्भर करता है. राज्यपाल जिस पार्टी को पहले सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे, वो अपने हिसाब से विधायकों को 'जोड़-तोड़ कर' संख्याबल जुटाने का प्रयास करेगी.

यह बहुत संभव है कि जोड़-तोड़ कर कर्नाटक में सरकार बना ली जाए और इसीलिए सभी की नज़रें अब राज्यपाल के फ़ैसले पर टिकी हैं.

राज्यपालों की राजनीतिक भूमिका को लेकर भारतीय इतिहास के पन्ने भरे पड़े हैं. लंबे अरसे तक राजभवन राजनीति के अखाड़े बने रहे हैं.

उत्तर प्रदेश में रोमेश भंडारी, झारखंड में सिब्ते रज़ी, बिहार में बूटा सिंह, कर्नाटक में हंसराज भारद्वाज और कई अन्य राज्यपालों के फ़ैसले राजनीतिक विवाद का कारण बने हैं.

कर्नाटक चुनाव: जीत की बिसात ऐसे बिछाई अमित शाह ने

कर्नाटक विधानसभा चुनाव: अब सत्ता की चाबी है जिनके पास

कर्नाटक चुनाव
BBC
कर्नाटक चुनाव

संघीय व्यवस्था में राज्यपाल राज्य और कार्यपालिका के औपचारिक प्रमुख के रूप में काम करते हैं, ख़ासतौर से झंझावाती राजनीति के दौर में.

राज्यपालों के पद को लेकर अभी तक तीन बातें मानी जाती रही हैं. पहला कि यह एक शोभा का पद है. दूसरा कि इस पद पर नियुक्ति राजनीतिक आधार पर होती है और तीसरा ये कि हमारी संघीय व्यवस्था में राज्यपाल केंद्र का प्रतिनिधि होते हैं.

केंद्र सरकार जब चाहे उनका इस्तेमाल करे, जब चाहे हटाए और जब चाहे नियुक्त करे. लेकिन यह केवल शोभा का पद नहीं है. अगर होता तो हर नई सरकार के आने के बाद राज्यपालों को बदलने और उनके तबादले इतने महत्वपूर्ण न हो जाते.

दशकों से राज्यपाल के पद का इस्तेमाल राज्य की सत्ता बनाने और बिगाड़ने के लिए किया जाता रहा है. ऐसे में लोगों की नज़रें एक बार फिर कर्नाटक के राज्यपाल पर टिकी हैं.

राहुल गाँधी, आपकी सिर्फ़ एक 'लाइफ़ लाइन' बची है

कब-कब किसने सरकार बनाए-बिगाड़े

राज्यपाल
BBC
राज्यपाल

ठाकुर रामलाल

ठाकुर रामलाल साल 1983 से 1984 के बीच आंध्र प्रदेश के राज्यपाल रहे थे. उनके एक फ़ैसले के बाद वहां की राजनीति में तब भूचाल आ गया था, जब उन्होंने बहुमत हासिल एनटी रामराव की सरकार को बर्ख़ास्त कर दिया था.

एनटी रामाराव हार्ट सर्जरी के लिए अमरीका गए हुए थे. राज्यपाल ने सरकार के वित्त मंत्री एन भास्कर राव को मुख्यमंत्री नियुक्त कर दिया.

अमरीका से लौटने के बाद एनटी रामराव ने राज्यपाल के ख़िलाफ मोर्चा खोल दिया और केंद्र सरकार को शंकर दयाल शर्मा को राज्यपाल बनाना पड़ा. सत्ता संभालने के बाद नए राज्यपाल ने एक बार फिर आंध्र प्रदेश की सत्ता एनटी रामाराव के हाथों में सौंप दी.

कर्नाटक में मोदी-शाह ने कांग्रेस का 'पीपीपी' कर दिखाया

राज्यपाल
BBC
राज्यपाल

पी वेंकटसुबैया

राज्यपाल की राजनीतिक भूमिका की यह कहानी 80 के दशक की है. कर्नाटक में 1983 में पहली बार जनता पार्टी की सरकार बनी थी. उस समय रामकृष्ण हेगड़े राज्य के मुख्यमंत्री बनाए गए थे.

पांच साल बाद जनता पार्टी एक बार फिर सत्ता में आई. इस बार एसआर बोम्मई कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने.

उस समय कर्नाटक के तत्कालीन राज्यपाल पी वेंकटसुबैया ने एक विवादित फ़ैसला लेते हुए बोम्मई की सरकार को बर्ख़ास्त कर दिया था. राज्यपाल ने कहा कि सरकार विधानसभा में बहुमत खो चुकी है.

राज्यपाल के इस फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई. फ़ैसला बोम्मई के हक़ में आया और उन्होंने फिर से वहां सरकार बनाई.

सत्ता के दो दावेदारों के बीच उलझा कर्नाटक

राज्यपाल
BBC
राज्यपाल

गणपतराव देवजी तापसे

राजनीतिक फेदबदल में राज्यपाल की भूमिका की तीसरी कहानी है हरियाणा की. यहां जीडी तापसे 1980 के दशक में हरियाणा के राज्यपाल बनाए गए थे.

उस समय राज्य में देवीलाल के नेतृत्व वाली सरकार थी. साल 1982 में भजनलाल ने देवीलाल के कई विधायकों को अपने पक्ष में कर लिया.

राज्यपाल ने इसके बाद उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जिस पर देवीलाल ने कड़ा विरोध जताया.

देवीवाल अपने कुछ विधायकों को लेकर दिल्ली के एक होटल चले गए, पर विधायक वहां से निकलने में कामयाब रहे. अंत में भजनलाल ने विधानसभा में बहुमत साबित कर दिया और सरकार बनाने में कामयाब हुए.

कार्टून: ये जनता सब कहां जानती है?

रोमेश भंडारी
BBC
रोमेश भंडारी

रोमेश भंडारी

साल 1998 में उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह के नेतृत्व वाली सरकार थी. इस साल 21 फ़रवरी को राज्यपाल रोमेश भंडारी ने एक फ़ैसले में सरकार को बर्ख़ास्त कर दिया.

नाटकीय घटनाक्रमों के बीच जगदंबिका पाल को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई. कल्याण सिंह ने इस फ़ैसले को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी.

कोर्ट ने राज्यपाल के फ़ैसले को असंवैधानिक करार दिया. जगदंबिका पाल दो दिनों तक ही मुख्यमंत्री रह पाए और उन्हें इस्तीफा दना पड़ा. इसके बाद कल्याण सिंह फिर से मुख्यमंत्री बने.

राज्यपाल
BBC
राज्यपाल

सैयद सिब्ते रजी

साल 2005 में झारखंड भी राज्यपाल के फ़ैसले के चलते राजनीति उठा-पटक का गवाह बना. इस साल राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी ने त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में शिबू सोरेन को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई.

लेकिन शिबू सोरेन विधानसभा में अपना बहुमत साबित नहीं कर पाए और नौ दिनों के बाद ही उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा.

इसके बाद 13 मार्च, 2005 को अर्जुन मुंडा के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी और मुंडा दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने.

राज्यपाल
BBC
राज्यपाल

बूटा सिंह

बिहार की राजनीति भी राज्यपाल के फ़ैसले से जुड़े विवादों के घेरे में रही है. साल 2005 में बूटा सिंह बिहार के राज्यपाल थे.

उन्होंने 22 मई, 2005 की मध्यरात्रि को बिहार विधानसभा भंग कर दी थी. उस साल फ़रवरी में हुए चुनावों में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं प्राप्त हुआ था.

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार बनाने के लिए जोड़-तोड़ में थी.

उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी. बूटा सिंह ने तब राज्य में लोकतंत्र की रक्षा करने और विधायकों की ख़रीद-फ़रोख्त रोकने की बात कह कर विधानसभा भंग करने का फ़ैसला लिया.

इसके ख़िलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई, जिस पर फ़ैसला सुनाते हुए कोर्ट ने इसे असंवैधानिक बताया था.

राज्यपाल
BBC
राज्यपाल

हंसराज भारद्वाज

कर्नाटक में राज्यपाल के हस्तक्षेप का एक मामला 2009 में देखने को मिला था, जब यूपीए की सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके हंसराज भारद्वाज को वहां का राज्यपाल नियुक्त किया गया था.

हंसराज भारद्वाज ने अपने कार्यकाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार को बर्ख़ास्त कर दिया था. उस समय बीएस येदियुरप्पा मुख्यमंत्री थे.

राज्यपाल ने सरकार पर विधानसभा में ग़लत तरीके से बहुमत हासिल करने का आरोप लगाया और उसे दोबारा साबित करने को कहा था.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+