जब पुरुष के शरीर में मिले गर्भाशय-अंडाशय..
25 साल की मान्यता समझ नहीं पा रहीं कि उनके पति मुकेश (बदला नाम ) के शरीर में औरतों वाले अंग कहां से आए.
यह कैसे संभव हुआ कि मुकेश के शरीर के अंदर पुरुष प्रजनन अंगों के साथ गर्भाशय (यूट्रस), अंडाशय (ओवरी) और फैलोपियन ट्यूब जैसे महिला प्रजनन अंग भी विकसित हो गए.
न तो उनके स्वास्थ्य और न हाव-भाव मे ही इसका असर दिखा. अब मुकेश का आपरेशन कर इन अंगों को निकाल दिया गया है. मान्यता तब भी इस पर यकीन नहीं कर पा रहीं. उन्हें लगता है कि यह कोई बुरा सपना था.
मान्यता (बदला नाम ) ने बीबीसी से कहा, ''उनको (मुकेश) बचपन से हार्निया था. इस कारण तेज़ दर्द उठता और वे परेशान हो जाते. कोई काम भी नहीं कर पा रहे थे, तो हमने ऑपरेशन कराने का निर्णय लिया और इन्हें धनबाद के पाटलिपुत्रा मेडिकल कालेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) ले आए.''
''यहां डाक्टरों ने जब इनके हार्निया का आपरेशन करना चाहा, तो उन्हें कुछ अजीब-सा दिखा. इसके बाद मेरे पति का अल्ट्रासाउंड टेस्ट कराया गया. इसमें उनके शरीर मे मौजूद महिलाओं के अंदरुनी अंगों का पता चला. यह मेरे लिए झटके के समान था क्योंकि पांच साल पहले मेरी शादी एक खूबसूरत नौजवान के साथ हुई थी. अब कैसे मानते कि उनके अंदर ये अंग भी हैं.''
पति को नहीं बताई महिला अंगो वाली बात
मान्यता आगे कहती हैं, ''मैं ज़ोर से रोने लगी. तब डाक्टरों ने मुझे बहुत समझाया और कहा कि मेरे पति के पुरुषार्थ पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इसके बाद उनका आपरेशन कर महिला अंगों को निकाल दिया गया है.''
''हालांकि, हम लोगों ने उन्हें (मुकेश) यह बात नहीं बतायी है क्योंकि उनपर मनोवैज्ञानिक असर पड़ता. अब भगवान पर ही आसरा है. डॉक्टर साहब ने कहा है कि इस ऑपरेशन के बाद हमारे दांपत्य जीवन पर कोई असर नहीं पड़ेगा. मेरे लिए पति की ज़िंदगी ज़्यादा महत्वपूर्ण है.''
कई हज़ार में एक मामला
गिरिडीह के रहने वाले मुकेश का ऑपरेशन करने वाले पीएमसीएच, धनबाद के डाक्टर आर हेंब्रम ने जब पुरुष शरीर में महिला अंगों को देखा, तो वे हैरान रह गए.
अपनी ज़िंदगी में छह हजार से भी अधिक ऑपरेशन कर चुके इस सर्जन के लिए इस तरह का यह पहला मामला था. उन्होंने बताया कि मुकेश की सर्जरी सफल रही है. उनके शरीर से महिला प्रजनन अंगों को निकाल दिया गया है. वे स्वस्थ हैं और उनकी लाइफ़ स्टाइल पर कोई फर्क़ नहीं पड़ेगा.
पीएमसीएच में सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉक्टर अशोक वर्णवाल ने बताया कि कई हज़ार पुरुषों या महिलाओं में से किसी एक में ऐसे अंग विकसित हो जाते हैं. लेकिन, यह असामान्य मामला नहीं है. ऐसा किसी भी पुरुष या महिला में हो सकता है कि उनके शरीर में दोनों (मेल व फीमेल) के अंग विकसित हो जाएं. इसे आप प्रकृति का मज़ाक भी कह सकते हैं, लेकिन ऐसा होता है.
क्या सामान्य जीवन जी पाएंगे मुकेश ?
डॉक्टर अशोक वर्णवाल ने बीबीसी से कहा, ''चिकित्सा विज्ञान में सेकेंडरी सेक्सुअली कैरेक्टर के ऐसे मामले पहले भी आए हैं. ऐसे मामलों में अनावश्यक अंगों को निकाल दिया जाता है. मुकेश के मामले में भी यही किया गया है.''
''उनके हार्निया के ऑपरेशन के वक्त यह बात पता चली, तो हम लोगों ने उनकी पत्नी को इसकी जानकारी दी. इसके बाद उनकी सहमति से ऑपरेशऩ कर महिला अंगों को निकाल दिया गया. अब क्योंकि मुकेश के शरीर मे मेल हार्मोन (पुरुषों के हार्मोन) बन रहे हैं. इसलिए, वे सामान्य पुरुष की ज़िंदगी जी सकेंगे.''
मुकेश पीएमसीएच के सर्जिकल आइसीयू में भर्ती हैं. वे स्वस्थ हैं और डॉक्टरों के मुताबिक़ उन्हें अस्पताल से जल्दी ही छुट्टी दे दी जाएगी.












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