15 साल पहले खो गया था अमेरिका में सूटकेस, तलाशने वाले ऑफिसर का नाम तक याद था सुषमा को

नई दिल्‍ली। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज अब हमारे बीच नहीं है। 67 वर्षीय सुषमा ने मंगलवार को दिल्‍ली के एम्‍स में आखिरी सांस ली। सुषमा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल की वह सिपहसलार थीं जिन्‍होंने बतौर विदेश मंत्री हर मुद्दे को अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर पुरजोर तरीके से उठाया। उनके जाने के बाद वे सभी राजनयिक उन्‍हें याद कर रहे हैं जिन्‍होंने उनके साथ पिछले पांच वर्षों में काम किया था। इनमें से ही एक हैं अमेरिका में भारत के राजदूत रहे नवतेज सरना और सरना को यकीन नहीं हो पा रहा है कि उनकी बॉस रही सुषमा अब इस दुनिया में नहीं हैं। नवतेज ने अपने एक आर्टिकल में सुषमा स्‍वराज से जुड़े एक किस्से का भी जिक्र किया है।

साल 2000 में हुई थी घटना

साल 2000 में हुई थी घटना

नवतेज सरना के मुताबिक मंगलवार रात जब उन्‍हें सुषमा के निधन की खबर मिली तो बाकी लोगों के लिए उनके लिए भी यह किसी शॉक से कम नहीं था। उन्‍हें यकीन ही नहीं हो पा रहा था कि सुषमा अब उनके बीच नहीं हैं। नवतेज ने अपने आर्टिकल में साल 2000 की एक घटना का जिक्र किया और सुषमा को याद किया। उन्‍होंने लिखा, 'मुझे साल 2000 की वो घटना याद आती है, जब मैं वॉशिंगटन डीसी में 'काउंसलर प्रेस' हुआ करता था। सुषमा जी, एक कार्यक्रम के सिलसिले में अमेरिका आई हुईं थीं। लेकिन उनका सूटकेस कहीं गुम हो गया। इसके बाद हम लोगों ने एक होटल में उनके ठहरने की व्यवस्था कराई और उनके सूटकेस की खोजने की कोशिश की। करीब 10-15 घंटों के बाद हमने एयरलाइंस अधिकारियों से बात करके उनके होटल तक उनका सूटकेस पहुंचा दिया।'

15 साल बाद भी सुषमा को याद था नाम

15 साल बाद भी सुषमा को याद था नाम

नवतेज ने आगे लिखा, 'इसके 15-16 साल बाद जब वह भारत की विदेश मंत्री बनीं और मैं अपना परिचय देने के लिए उनके कमरे में घुसा तो उन्होंने एक पल में मुझे पहचान लिया। मेरे लिए ये बहुत बड़ी बात थी क्योंकि विदेश मंत्री की शख्सियत बहुत बड़ी होती है। उनसे मिलने के लिए जब मैं उनके पास पहुंचा तो मैंने अपना परिचय दिया।' इस पर उन्होंने कहा कि सरना जी, आपने तो मेरा सूटकेस खोजा था। ये एक ऐसी घटना थी जिसे मैं भी भूल चुका था लेकिन उन्होंने इतनी सामान्य सी घटना को याद रखा और मुझे उस घटना से पहचान लिया।'

सबका ध्‍यान रखने वाली सुषमा

मंगलवार को जब उनके निधन की खबर आई तो सरना को यह घटना भी याद आ गई। सरना ने अपने आर्टिकल में सुषमा को एक ऐसे विदेश मंत्री के तौर पर बताया है जो हर किसी का ध्‍यान रखती थीं। सरना के अलावा विदेश मंत्री जयशंकर ने भी सुषमा को अपने तरीके से याद किया। जयशंकर ने ट्वीट किया और लिखा,'सुषमा स्‍वराज के निधन की खबर सुनकर मैं सकते में हूं। मेरे लिए यह स्‍वीकार करना बहुत मुश्किल है कि वह अब हमारे बीच नहीं है। पूरा देश शोक में है और विदेश मंत्रालय सबसे ज्‍यादा दुखी है।'

कनाडा तक दी गई श्रद्धांजलि

विदेश मंत्री जयशंकर ने इसके बाद स्‍पेशल सेक्रेटरी के पद पर रहते हुए सुषमा के साथ अपनी कुछ खास तस्‍वीरों को भी साझा किया। जयशंकर ने लिखा, 'सुषमाजी के साथ बहुत सी यादें जुड़ी हैं। स्‍पेशल मिनिस्‍टर-सेक्रेटरी की एक ऐसी साझेदारी उनके साथ थी जिस पर हम दोनों को ही गर्व था। मैं हमेशा उनके मजाकिया और प्‍यारे स्‍वभाव को मिस करूंगा।' कनाडा में भारत के उच्‍चायुक्‍त विकास स्‍वरूप और यूनाइटेड नेशंस में भारत के स्‍थायी राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने भी सुषमा के निधन पर गहरा शोक जताया। कनाडा में दूतावास में सुषमा को श्रद्धांजलि दी गई।

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