Chandrayaan-3: कब लॉन्च करेगा चंद्रयान-3, कैसी है तैयारी, ISRO चीफ ने बताया सबकुछ?
Chandrayaan-3 launch: इसरो के प्रमुख एस. सोमनाथ ने बताया कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का चंद्रयान-3 इसी साल जुलाई में लॉन्च किया जाएगा।

Chandrayaan-3 launch Date and Time: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के प्रमुख एस सोमनाथ (S Somanath) ने शुक्रवार (02 जून) को कहा कि चंद्रयान-3 जुलाई में चंद्रमा पर भेजा जाएगा। एस सोमनाथ ने बताया कि चंद्रयान-3 जुलाई 2023 में लॉन्च किया जाएगा क्योंकि लॉन्च विंडो 12 जून को खुलेगी।
इंडिया टुडे के मुताबिक इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा है भारत के महत्वाकांक्षी मून मिशन चंद्रयान-3 की जुलाई में होगी, लॉन्च की तारीख की घोषणा जल्द ही की जाएगी। इसरो प्रमुख ने कहा कि इसरो के चंद्रयान-3 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतारने की योजना है।
एस सोमनाथ ने कहा, चंद्रयान-3 कई मायनों में चंद्रयान-2 जैसा ही है। समान वैज्ञानिक वास्तुकला और मिशन उद्देश्य के साथ इसको लॉन्च किया जाएगा। इन दोनों मिशनों का साइंटिफिक आर्किटेक्चर एक जैसा ही है।

एस सोमनाथ ने कहा कि इसरो जुलाई में चंद्रयान-3 को कक्षीय कारकों द्वारा निर्धारित समय स्लॉट में लॉन्च करने की योजना बना रहा है। यह एक देशी लैंडर मॉड्यूल, एक प्रणोदन मॉड्यूल और एक रोवर से बना है। लैंडर और रोवर चंद्र सतह पर प्रयोग करने के लिए अनुसंधान पेलोड से लैस होंगे। इसरो के मुताबिक, चंद्रयान-3 को LVM3 से श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया जाएगा।
इससे पहले एस सोमनाथ ने स्पष्ट किया था कि मिशन के मापदंड वही रहेंगे, लेकिन डिजाइन में कई बदलाव किए जा रहे हैं। चंद्रयान -2 की तुलना में चंद्रयान -3 की डिजाइनिंग और इंजीनियरिंग काफी अलग है ताकि इसे और अधिक मजबूत बनाया जा सके और पिछली बार की समस्याओं से बचा जा सके।"

क्यों फेल हुआ चंद्रयान -2 का मिशन?
इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा, "हमारा मिशन फेल हो गया था, लेकिन वह अब भी ऑर्बिटर माप कर रहा है और हमें डेटा दे रहा है। हमने यह समझने की कोशिश की है कि उस वक्त क्या गलत हुआ और समस्या क्या थी। चंद्रयान-2 मिशन की विफलता सॉफ्टवेयर की एक गलती की वजह से हुई थी।''
इसरो प्रमुख ने पुष्टि की कि आदित्य एल -1 (Aditya-L1) मिशन, जिसे सोलर मिशन यानी सूर्य की स्टडी करने के लिए डिजाइन किया गया है। एस सोमनाथ ने कहा है कि आदित्य एल-1 अगस्त 2023 में लॉन्च किया जाएगा। इसे स्पेसक्राफ्ट Lagrange प्वाइंट पर लॉन्च किया जाएगा।

गगनयान मिशन के बारे में बात करते हुए सोमनाथ ने कहा कि चार पायलट एस्ट्रोनॉट ट्रेनी के तौर पर शामिल हुए हैं और वे कोर्सवर्क और सिमुलेशन की ट्रेनिंग ले रहे हैं।
इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने कहा, "हम उस मॉड्यूल को डिजाइन और विकसित कर रहे हैं जिसमें वे बैठेंगे।"
उन्होंने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी को क्रू एस्केप सिस्टम के काम को सुनिश्चित करने के लिए कम से कम चार मिशनों की जरूरत है और हमें मिशन की एंड-टू-एंड क्षमता साबित करने के लिए मानव रहित मिशन करना होगा और इसे कम से कम दो बार दोहराया जाना होगा।"












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