सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस क्या है? एलन मस्क भारत में शुरू करने की कर रहे हैं तैयारी
टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क ने हाल ही में अमेरिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। इस बैठक के बाद उन्होंने भारत में अपनी 'स्टारलिंक' की सेवाएं शुरू करने की ओर भी इशारा किया है। यह एक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा है, जो उन्हीं की कंपनी 'स्पेसएक्स' उपलब्ध करवाती है।
न्यूज एजेंसियों के मुताबिक एलन मस्क ने अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा के माध्यम से भारत के दूर-दराज और दुर्गम से दुर्गम इलाकों में कनेक्टिटी मुहैया करवाने में दिलचस्पी दिखाई है। उन्होंने कहा, 'मैं सोचता हूं कि भारत के पास दुनिया के किसी भी दूसरे बड़े देश के मुकाबले में ज्यादा क्षमता है।' आइए सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के बारे में जानते हैं।

सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस क्या है?
सैटेलाइट इंटरनेट एक वायरलेस इंटरनेट सेवा है, जो पृथ्वी की कक्षा में चक्कर लगा रहे कृत्रिम उपग्रहों से सीधे धरती तक पहुंचाई जाती है। यह जमीन पर मौजूद विभिन्न इंटरनेट सेवाओं से पूरी तरह अलग है, जो केबल,फाइबर ऑप्टिक, ब्रॉडबैंड या डीएसएल जैसे माध्यमों से पहुंचाई जाती है, जो मूलरूप से भूमिगत या जमीन के बाहर तारों के जरिए उपलब्ध होती है।
सैटेलाइट इंटरनेट सेवा की विशेषता क्या है?
यह एकमात्र इंटरनेट सेवा है, जो किसी भी क्षेत्र में सीधे पहुंच सकती है। इसकी वजह से दुर्गम से दुर्गम इलाकों में भी भरोसेमंद इंटरनेट सेवा संभव है, क्योंकि यह सीधे सैटेलाइट के माध्यम से घर-घर तक पहुंचाई जा सकती है।
सैटेलाइट इंटरनेट सेवा कैसे काम करती है?
सैटेलाइट इंटरनेट पृथ्वी की कक्षा में घूम रहे सैटेलाइट से रेडियो तरंगों के माध्यम से संचार स्थापित करता है। इसमें तमाम डेटा एक संचार नेटवर्क के माध्यम से भेजा और प्राप्त किया जाता है। यह डिवाइस से शुरू होकर मॉडेम से गुजरते हुए सैटेलाइट डिश के रास्ते सैटेलाइट तक पहुंचता है। वहां से वापस धरती पर ग्राउंड स्टेशनों तक भेजा जाता है, जिसे नेटवर्क ऑपरेशन सेंटर कहते हैं। आपकी डिवाइस तक वापसी में यह प्रक्रिया दोहरायी जाती है।
सैटेलाइट इंटरनेट सेवा के 5-पार्टी रिले सिस्टम क्या हैं?
- इंटरनेट-रेडी डिवाइस
- मॉडेम-राउटर
- सैटेलाइट डिश
- सैटेलाइट
- नेटवर्क ऑपरेशन सेंटर
सैटेलाइट इंटरनेट सेवा के फायदे
- फोर्ब्स डॉट कॉम के मुताबिक अमेरिका के सभी 50 राज्यों के ग्रामीण इलाके में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा की वजह से ही इंटरनेट उपलब्ध है।
- स्टारलिंक और अमेजन जैसी कंपनियों के इस क्षेत्र में उतरने की वजह से भविष्य में इसमें ज्यादा हाई स्पीड इंटरनेट सेवा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
- अगर आपके घर तक इंटरनेट केबल पहुंचने की संभावना निकट-भविष्य में नहीं है तो यह बढ़िया विकल्प हो सकता है।
सैटेलाइट इंटरनेट सेवा की सीमाएं
- फाइबर ऑप्टिक, केबल और कुछ डीएसएल कनेक्शन के मुकाबले इसकी स्पीड कम होती है।
- यह अभी बाकी इंटरनेट सेवाओं की तुलना में महंगी है।
- उपग्रह के ज्यादा ऊंची कक्षा में रहने पर डेटा आदान-प्रदान में ज्यादा देरी की संभावना।
- डेटा की सीमा की वजह से आपके इंटरनेट का बिल बढ़ सकता है।
- खराब मौसम में इंटरनेट सेवा के बाधित होने की आशंका ज्यादा रह सकती है।
आपके लिए कौन सी इंटरनेट सेवा बेहतर है?
अगर आपके घर तक इंटरनेट केबल या फाइबर ऑप्टिक्स की सेवा का पहुंचना मुश्किल है या फिर डीएसएल (Digital Subscriber Line ) सेवा की गति धीमी है, तो इंटरनेट की जरूरतें पूरी करने के लिए सैटेलाइट वाली इंटरनेट सेवा का विकल्प बढ़िया होगा। लेकिन, यदि केबल या फाइबर ऑप्टिक उपलब्ध है या फिर डीएसएल की सेवाएं भी सैटेलाइट की तुलना में फास्ट हैं तो वही विकल्प आपके लिए बेहतर हैं। क्योंकि, उनमें अभी आपको स्पीड भी ज्यादा मिलती है और तुलनात्मक रूप से कीमत भी कम होती है।
हालांकि, सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं अभी दुनिया के लिए बहुत ही नईहैं और समय के साथ इसकी स्पीड में काफी बढ़ोतरी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। यही नहीं प्रतियोगिता बढ़ने के बाद कीमतें भी घटने की संभावना बन सकती है।












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