Project Shakti: जानिए क्या है 'प्रोजेक्ट 'शक्ति', लोकसभा चुनाव से पहले Google ने निकाला ये खास टूल
Project Shakti News: गूगल न्यूज इनिशिएटिव (GNI) ने लोकसभा चुनाव-2024 को लेकर फेक खबर, डीप फेक, भ्रामक सूचनाओं से निपटने के लिए 'प्रोजेक्ट शक्ति' लॉन्च किया है।
गूगल ने इस खास पहल 'प्रोजेक्ट शक्ति' के जरिए इंडिया इलेक्शन फैक्ट-चेकिंग कलेक्टिव' को अपना सपोर्ट देने का वादा किया है। गूगल की इस पहल से फैक्ट चेकर्स और न्यूज देने वाली संस्थाओं को फेक न्यूज डीपफेक और भ्रामक जानकारियों से बचने और उन्हें पहचाने में मदद मिलेगी।

इस पहल की शुरुआत 01 मार्च को की गई है। इसकी शुरुआत गलत सूचनाओं को रोकने और सही खबरें जनता तक पहुंचे, इस मकसद के साथ की गई है। इस मुहिम में देश की लगभग हर बड़ी मीडिया एजेंसी को साथ जोड़ा गया है। वनइंडिया ग्रुप भी गूगल न्यूज इनिशिएटिव का हिस्सा है और फैक्ट चेक की खबरों पर काम करता है।
Project Shakti: क्यों लाया गया है प्रोजेक्ट शक्ति? जानें इसको लेकर हर बड़े अपडेट्स
- सरल शब्दों में कहें तो प्रोजेक्ट शक्ति का मकसद लोकसभा चुनाव-2024 के दौरान फेक खबर-डीप फेक सूचनाओं की पहचान करना और उन्हें रोकना है। इसके साथ-साथ मतदाताओं को विश्वसनीय और सटीक जानकारी देना भी इस पहल का उद्देश्य है।
- इस पहल का उद्देश्य वीडियो सहित भारत की अलग-अलग भाषाओं और प्रारूपों में फैक्ट चेक जैसी खबरों को बढ़ावा देना है। जिससे देशभर में अलग-अलग भाषाओं का इस्तेमाल करने वाले लोगों के पास भी सही जानकारी जाए।
फैक्ट चेक रिपोर्ट्स का डाटाबेस होगा तैयार
- इसके तहत फैक्ट चेक रिपोर्ट्स का एक डाटाबेस भी तैयार करने की योजना है। इसके लिए समाचार संगठनों और फैक्ट चेकर्स को एडवांस्ड फैक्ट चेक ट्रेनिंग, डीपफेक की पहचान और फैक्ट चेक एक्सप्लोरर सहित गूगल के नए टूल्स के बारे में लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी। जिसकी मदद से वेरिफिकेशन का प्रोसेस और आसान हो जाएगा।
- जिसमें डीपफेक का पता लगाना, और फैक्ट चेक एक्सप्लोरर जैसे टूल का उपयोग किया जा सकता है।
- गूगल ने फैक्ट-चेकिंग कलेक्टिव के अंदर हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, बंगाली और मराठी जैसी भाषाओं में मूल समाचार सामग्री बनाने वाले प्रकाशकों को प्राथमिकता देने के महत्व पर जोर दिया।
'डिजिटल जानकारी लोगों में ज्यादा तेजी से फैल रही है'
- मिसइनफॉर्मेशन कॉम्बैट एलायंस (एमसीए) के अध्यक्ष भरत गुप्ता ने डिजिटल युग में भरोसेमंद जानकारी के साथ लोगों को सशक्त बनाने की जरूरतों पर जोर दिया।
- भरत गुप्ता ने कहा, "ऐसे युग में जहां डिजिटल जानकारी पहले से कहीं ज्यादा तेजी से फैलती है, ऐसे हमें कोशिश करनी चाहिए कि भरोसेमंद और विश्वसनीय जानकारी लोगों के पास पहुंचे। अभी के वक्त की ये बहुत बड़ी जरूरत भी है।''
- गूगल ने दुनिया भर में पत्रकारों, मीडिया टीचरों और पत्रकारिता के छात्रों का समर्थन करने के लिए 2018 से चल रहे अपने मुहिम पर भी जोर दिया है। जिसमें 15 से ज्यादा भाषाओं में 65,000 से ज्यादा लोगों को ट्रेनिंग दिया गया है।












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