ISIS की 'महाभारत' के लिए खुफिया ब्यूरो ने रचा 'चक्रव्यूह'
बेंगलुरु। महाभारत में कौरवों ने जो चक्रव्यूह अभिमन्यू के रचा था, उससे तो आप सब वाकिफ होंगे लेकिन अब इंटेलीजेंस ब्यूरो ने भी एक चक्रव्यूह रचा है। यह चक्रव्यूह उन तमाम युवाओं के लिए रचा गया है जो आईएसआईएस और अल कायदा से जुड़ने के सपने देख रहे हैं। आईबी के इस चक्रव्यूह में भी अभिमन्यू की तरह युवाओं का दाखिल होना तो आसान है लेकिन उससे निकलना मुश्किल।

क्या है ऑपरेशन चक्रव्यूह
- आईबी के अधिकारियों की ओर से ऑपरेशन चक्रव्यूह या ऑपरेशन मेज की शुरुआत की गई है।
- इस ऑपरेशन में अधिकारियों की ओर से आईएसआईएस रिक्रूटर्स की तरह खुद को दिखाने की कोशिश की जा रही है।
- इस बात से अंजान कई युवाओं ने आईएसआईएस में शामिल होने की इच्छा जाहिर कर डाली।
- आईबी अधिकारियों ने ट्विटर पर फेक हैंडल्स के साथ इन युवाओं के साथ बातचीत की।
- आतंकी संगठन का हिस्सा कैसे बना सकता है, इस बात की सारी जानकारी बाहर आ गई।
- इसके जरिए एजेंसी ने डाटा इकट्ठा किया।
- एजेंसी ने जानकारी जुटाई कि कैसे वह इन युवाओं को पकड़ सकती है।
चक्रव्यूह रख रहा है 24 घंटे नजर
- आईबी की मानें तो उसने उन सभी लोगों से जानकारी हासिल कर ली है जो आईएसआईएस में शामिल होना चाहते हैं।
- आईबी का कहना है कि इन सभी लोगों के खिलाफ कोई भी केस दर्ज नहीं हो सकता है क्योंकि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है।
- इन सभी लोगों के खिलाफ कोई भी केस दर्ज करना आईबी के मुताबिक मूर्खता से कम नहीं होता।
- ऐसे में आईबी इन सभी पर 24 घंटों नजर रख रही है।
- इन लोगों की ओर से देश से बाहर जाकर आईएसआईएस में शामिल होने जैसा कोई भी कदम जैसे उठाया जाएगा आईबी उन्हें धर दबोचेगी।
- आईबी को इस बात का पूरा भरोसा है कि आने वाले कुछ माह के अंदर आईएसआईएस के लिए युवाओं का जोश ठंडा पड़ जाएगा।
- आईबी के मुताबिक ऑपरेशन चक्रव्यूह की वजह से युवा काफी भ्रमित हैं।
- युवाओं को समझ ही नहीं आ रहा है कि वह किससे बात कर रहे हैं।
- आईबी के मुताबिक अब युवा यह समझ गए हैं कि उन पर नजर रखी जा रही है।
- लेकिन फिर भी युवाओं का कंफ्यूजन उन्हें ऑनलाइन होने से रोकेगा।
- आईबी का दावा है कि उसने पिछले कुछ माह के अंदर युवाओं के आईएसआईएस में शामिल होने के शौक को खत्म करने में सफलता पाई है।
- सितंबर में करीब 3,000 युवाओं को आईएसआईएस में शामिल होने से रोकने में आईबी को सफलता मिली थी।
- फिलहाल आईबी करीब 140 युवाओं पर नजर रखें हैं।
आईबी की स्पेशल डेस्क
- आईबी की एक स्पेशल डेस्क इस ऑपरेशन को जारी रखेगी।
- आईबी इसके लिए अपनी ऑनलाइन क्षमताओं में सुधार कर रही है।
- आने वाले कुछ माह के अंदर इस काम के लिए कुछ लोगों की भर्ती भी की जाएगी।
- इस डेस्क का मकसद भारतीय युवाओं पर नजर रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा हैंडल क्रिएट करना है।
- पिछले दिनों बेंगलुरु चर्च स्ट्रीट ब्लास्ट के बाद एक मैसेज पोस्ट किया गया था जिसमें ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली गई थी।
- यह मैसेज गलत था लेकिन इससे साफ हो गया था कि कैसे युवा सोशल मीडिया का प्रयोग गलत तरीके से कर रहे हैं।
- यह व्यक्ति फेक अकाउंट के जरिए मैसेज पोस्ट किया गया था।
- इसके बाद बेंगलुरु पुलिस के एक ऑफिसर ने बाशा खान के नाम से ट्विटर हैंडल बनाया।
- बाशा खान बनकर ऑफिसर ने इन लोगों से बात की।
- इस बातचीत में सारी जानकारियों सामने आ गईं और फिर मीटिंग तय की गई।
- अंत में पुलिस ने इस व्यक्ति को सारी जानकारियां हासिल करने के बाद धर दबोचा।












Click it and Unblock the Notifications