• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

आशाराम चौधरी: क्या है दक्षिणा फाउंडेशन जिसने आशाराम के सपनों को सच करने में की मदद

|

Asharam Choudhary

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के होनहार छात्र आशाराम ने पहली बार में ही एम्स का मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम पास कर परिवार का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। कूड़ा बीनने वाले रंजीत सिंह के सबसे बड़े बेटे आशाराम ने पहले ही प्रयास में एम्स की मेडिकल परीक्षा पास कर जोधपुर एम्स में दाखिला लिया। आशाराम अपने डॉक्टर बनने का सपना पुणे के दक्षिणा फाउंडेशन की मदद से पूरा करने जा रहे हैं। दक्षिणा फाउंडेशन की सहायता से ही आशाराम मेडिकल की परीक्षा पास करने में कामयाब हो पाए हैं।

दक्षिणा फाउंडेशन से की पढ़ाई

दक्षिणा फाउंडेशन से की पढ़ाई

आशाराम चौधरी नवोदय विद्यालय से पढ़ाई करने के बाद दक्षिणा फाउंडेशन से जुड़े। पुणे स्थित दक्षिणा फाउंडेशन ग्रामीण भारत से आने वाले बच्चों को आईआईटी और मेडिकल के लिए तैयार कराने का काम करता है। आशाराम ने भी अपनी हायर सेकेंड्री पढ़ाई दक्षिणा फाउंडेशन से की और पहले ही प्रयास में मेडिकल की परीक्षा पास कर ली। दक्षिणा फाउंडेशन जवाहर नवोदय विद्यालय के साथ मिलकर स्कूल में पढ़ने वाले गरीब होनहार छात्रों की सहायता करता है।

आशाराम चौधरी: बेटे के कॉलेज की बिल्डिंग देखकर क्या बोले कचरा बीनने वाले उसके पिता

गरीब बच्चों को आईआईटी और मेडिकल की कोचिंग देता है दक्षिणा

गरीब बच्चों को आईआईटी और मेडिकल की कोचिंग देता है दक्षिणा

इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को 10वीं और 12वीं के बाद आईआईटी और मेडिकल की कोचिंग दी जाती है। ये कोचिंग बच्चों के अकादमिक रिकॉर्ड को देखने के बाद दी जाती है। हर साल कई मेधावी छात्र आईआईटी और मेडिकल के लिए इस संस्थान से सलेक्ट होते हैं। इस संस्थान में बच्चों का सलेक्शन दक्षिणा सलेक्शन टेस्ट द्वारा होता है। जो बच्चे इस टेस्ट को पास कर लेते हैं, उन्हें ही आगे की आईआईटी और मेडिकल की कोचिंग दी जाती है।

साल 2007 में हुई थी फाउंडेशन की शुरुआत

साल 2007 में हुई थी फाउंडेशन की शुरुआत

चैरिटेबल ट्रस्ट दक्षिणा फाउंडेशन ने आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को आईआईटी और मेडिकल की कोचिंग देने का काम साल 2007 में शुरू किया था। ये फाउंडेशन बच्चों को नि:शुल्क कोचिंग देता है। दक्षिणा फाउंडेशन की शुरुआत मोहनीश पबराय और उनकी पत्नी हरीना कपूर ने मिलकर की थी। दोनों ने पहले अमेरिका में और फिर 2006 में दक्षिणा इंडिया एजुकेशनल ट्रस्ट भारत में स्थापित किया था।

आशाराम चौधरी: कौन से स्पेशलिस्ट डॉक्टर बनेंगे, जानिए उन्हीं की जुबानी

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
What Is Dakshana Foundation, Who Helped Asharam Choudhary Achieving His AIIMS Dream.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more