'...तो उठने वाला है नीतीश की 2024 की रणनीति से पर्दा', BJP के खिलाफ मोर्चाबंदी के लिए जल्द दिल्ली आएंगे नीतीश
नई दिल्ली, 02 सितंबर। बिहार में जिस तरह से राजनीतिक उलटफेर हुआ और नीतीश कुमार ने भाजपा के साथ गठबंधन को खत्म करके महागठबंधन में शामिल होने का फैसला लिया, उसके बाद नीतीश कुमार की केंद्र की राजनीति में आने की अटकलें तेज हो गई हैं। रिपोर्ट की मानें तो नीतीश कुमार अगले हफ्ते दिल्ली पहुंच सकते हैं और वह यहां अलग-अलग दलों के नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। माना जा रहा है कि दिल्ली में शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद वह देश के अलग-अलग हिस्सों में जाएंगे।

केंद्र की राजनीति में नीतीश का कदम
जिस तरह से नीतीश कुमार ने बिहार में भाजपा के साथ गठबंधन को खत्म किया, उसके बाद से यही ये कयास लगाए जा रहे हैं कि नीतीश कुमार केंद्र की राजनीति में मुख्य भूमिका निभा सकते हैं। इस मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि नीतीश कुमार खुद को लॉन्च करने की तैयारी में हैं। वह 2024 से पहले खुद को केंद्र की राजनीति में आगे कर सकते हैं। बिहार सरकार में सहयोगी दल राजद के नेताओं और अपनी पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक के बाद नीतीश कुमार अपनी भूमिका को लेकर आगे की रणनीति को जाहिर कर सकते हैं।

शीर्ष नेता नीतीश के करना चाहते हैं मुलाकात
पार्टी के एक शीर्ष नेता का कहना है कि कई दलों के नेता नीतीश कुमार के साथ मुलाकात करना चाहते हैं और उनके साथ आगे की रणनीति पर चर्चा करना चाहते हैं। बिहार में 2015 की जबरदस्त जीत के बाद जिस तरह से एक बार फिर से भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा उसके बाद भाजपा के साथ बिहार में कोई बड़ा दल नहीं है। ऐसे में नीतीश कुमार अब भाजपा को मात देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर काम करेंगे। नीतीश अलग-अलग क्षेत्रीय दलों को साथ लाने की कोशिश करेंगे और भाजपा के खिलाफ बड़े स्तर पर मोर्चेबंदी कर सकते हैं।

नीतीश के समर्थन में लगे पोस्टर
गौर करने वाली बात है कि जदयू ने 2015 में बिहार का चुनाव राजद के साथ मिलकर लड़ा था। नीतीश कुमार ने 2013 में भाजपा का साथ छोड़ने के बाद राजद के साथ गठबंधन किया। हालांकि कुछ समय के बाद नीतीश ने फिर से भाजपा के साथ हाथ मिलाया लेकिन अब एक बार फिर से नीतीश ने राजद के साथ मिलकर सरकार का गठन किया है। नीतीश कुमार के भाजपा छोड़ने के बाद अब लगभग स्पष्ट माना जा रहा है कि वह केंद्र की राजनीति में जाएंगे। इस बात की तस्दीक इस बात से भी हो रही है कि बिहार की राजधानी पटना में नीतीश कुमार के पोस्टर अलग-अलग जगह पर लगे हैं जोकि इस बात की ओर ही इशारा करते हैं।

जल्द तेज होगी गठबंधन की कवायद
पटना में नीतीश कुमार के जो पोस्टर लगाए गए हैं उसमे लिखा है, आगाज हुआ, बदलाव होगा, प्रदेश में दिखा, देश में दिखेगा। नीतीश कुमार के समर्थक भी नीतीश को अब केंद्र की राजनीति में देखना चाहते हैं। जदयू के नेता केसी त्यागी ने कहा कि हम देशभर में पार्टी के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। इन सभी नेताओं से हम पटना में बैठक कर रहे हैं ताकि आगे का एजेंडा तय किया जा सके। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ मजबूत गठबंधन को तैयार करने के लिए माना जा रहा है कि जदयू नीतीश कुमार को देशव्यापी अभियान के लिए आगे बढ़ाएगी।

क्षेत्रीय दलों का साथ लाने की कोशिश
जदयू के एक अन्य नेता ने कहा कि नीतीश कुमार की तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव से मुलाकात काफी सकारात्मक रही है। बड़े गठबंधन को तैयार करने की दिशा में यह बैठक काफी अच्छी रही है। बैठक के दौरान दोनों नेता इस बात को लेकर राजी हुए हैं कि बड़े गठबंधन को तैयार करने की दिशा में काम करने की जरूरत है। केसीआर ने नीतीश कुमार के अलावा राजद चीफ लालू प्रसाद यादव से भी मुलाकात की है। वहीं नीतीश कुमार का मानना है कि बड़े गठबंधन के लिए क्षेत्रीय दलों का साथ आना जरूरी है।

नीतीश कुमार के पास सभी खूबियां
जदयू नेता राजीव रंजन ने कहा कि मजबूत गठबंधन के लिए हम लगातार कोशिश कर रहे हैं, इस हफ्ते राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद इस काम को रफ्तार मिलेगी। जदयू नेता नीरज कुमार ने कहा कि देश के शीर्ष पद के लिए नीतीश कुमार सबसे उपयुक्त नेता हैं। प्रधानमंत्री बनने की सभी खूबियां नीतीश कुमार के भीतर हैं। उनके पास अनुभव है, प्रशासन का अनुभव है, उनके पास देश के लिए सबको साथ लेकर चलने का विकास मॉडल है। बिहार में पिछले 18 साल तक वह एकमात्र विकल्प रहे हैं। लेकिन खुद नीतीश कुमार ने कहा कि मेरी प्राथमिकता प्रधानमंत्री बनना नहीं है बल्कि देश को एक नया प्रधानमंत्री देना है।












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