पश्चिम बंगाल: विश्व-भारती यूनिवर्सिटी का आरोप, TMC है यहां की 'बॉस', सुरक्षाकर्मी भी करते हैं जी हुजूरी
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन में स्थित विश्व-भारती यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने स्थानीय सुरक्षाकर्मियों पर टीएमसी के कार्यकर्ताओं का वफादार होने का आरोप लगाया है। उन्होंने एक पत्र लिखकर केंद्रीय एचआरडी मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय को इसकी शिकायत की है। वाइस चांसलर ने केंद्र सरकार से अपील की है कि यूनिवर्सिटी को सेंट्रल इंड्रस्टियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) के जवानों की सुरक्षा दी जाए। बता दें हाल ही में यूनिवर्सिटी प्रशासन से छात्रों और कर्मचारियों के बीच विवाद की खबरें सुर्खियों में थीं।

बता दें, विश्व-भारती यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर विद्युत चक्रवर्ती नें केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय (एचआरडी) से मांग की है कि वह इस मामले पर कड़ी कार्यवाई करें और यूनिवर्सिटी की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ के जवानों की तैनाती की जाए। वाइस चांसलर ने अपने पत्र की एक कॉपी पीएमओ ऑफिस भी भेजी है। इस पत्र में उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन से वहां के कर्मचारियों और छात्रों से होने वाले टकराव का हवाला देते हुए सुरक्षा की मांग की है। मालूम हो कि, पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन में स्थित इस यूनिवर्सिटी के विजिटर राष्ट्रपति होते हैं और चांसलर प्रधानमंत्री होते हैं।
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आदेशों की अवहेलना करते हैं स्थानीय सुरक्षाकर्मी
अपने पत्र में विद्युत चक्रवर्ती ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर भी आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा कि, स्थानीय टीएमसी यहां की बॉस बनीं हुई है और यूनिवर्सिटी की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी भी टीएमसी कार्यकर्ताओं की ही जी हुजूरी करते हैं। स्थानीय सुरक्षा अधिकारी विश्व-भारती यूनिवर्सिटी के आदेशों की अवहेलना करते हैं। उन्होंने लिखा कि, जब भी यूनिवर्सिटी प्रशासन सुरक्षा अधिकारियों से सवाल जवाब करते हैं तो टीएमसी के कार्यकर्ता उनके बचाव में आ जाते हैं। इसी वर्ष मई में छात्रों के साथ हुए टकराव का हवाला देते हुए वाइस चांसलर ने कहा कि, छात्र प्रदर्शन कर यूनिवर्सिटी के स्टाफ और अफसरों को बाहर जाने से रोक रहे थे जबकि वहां खड़े सुरक्षाकर्मी मूकदर्शक बन देख रहे थे।












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