Lok Sabha Election 2024: बंगाल में मुस्लिम वोटरों के प्रभाव वाली इन 4 सीटों पर किसके पक्ष में हवा?
West Bengal Lok Sabha Chunav 2024 Hindi: पश्चिम बंगाल में तीसरे चरण में 7 मई को चार सीटों पर चुनाव है, जहां मुसलमान वोट खास मायने रखते हैं। ये सीटें हैं- मालदा उत्तर, मालदा दक्षिण, जंगीपुर और मुर्शिदाबाद।
मालदा जिले की दोनों सीटें मालदा उत्तर और मालदा दक्षिण में पहले कांग्रेस के एबीए गनी खान चौधरी का सिक्का चलता था। लेकिन, इन मु्स्लिम बहुल क्षेत्रों की राजनीति में अब काफी बदलाव आ चुका है। अन्य दोनों सीटों का भी चुनावी गणित अब बदला-बदला नजर आता है।

मालदा उत्तर
यहां से बीजेपी के मौजूदा सांसद खगेन मुर्मू को टक्कर देने के लिए तृणमूल ने पूर्व आईपीएस प्रसून बनर्जी को उतारा है, तो कांग्रेस ने मुस्ताक अहमद पर भरोसा दिखाया है।
इस लोकसभा सीट में 7 विधानसभा सीटें हैं और 2021 में इनमें से 4 टीएमसी और 3 बीजेपी जीती थी। इस हिसाब से बीजेपी के लिए यह सीट बचानी इस बार कड़ी चुनौती है। लेकिन, टीएमसी को इस सीट पर गनी खान चौधरी के परिवार की उससे मायूसी भारी पड़ सकती है।
उनके परिवार की पूर्व सांसद मौसम नूर यहां से टिकट की दावेदार थीं। लेकिन, ममता बनर्जी ने एक बनर्जी पर ज्यादा यकीन दिखा दिया है। नूर कांग्रेस छोड़कर तृणमूल में आई हैं। 2019 में चौधरी के खानदान के दो उम्मीदवार टीएमसी से नूर और कांग्रेस से इशा खान चौधरी चुनाव मैदान में थे और बीजेपी को 84,000 वोटों से जीत मिल गई थी।
मालदा दक्षिण
मालदा उत्तर की तरह ही मालदा दक्षिण में भी त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना है। यहां कांग्रेस से मौजूदा सांसद अबू हसेम खान चौधरी (गनी खान के भाई) के बेटे इशा खान चौधरी मैदान में हैं। तो बीजेपी से श्रीपुरा मित्रा चौधरी और टीएमसी से शाहनवाज अली रैहान मैदान में हैं।
2019 में बीजेपी की मौजूदा उम्मीदवार से कांग्रेस के सीटिंग सांसद ने यह सीट सिर्फ 8,222 वोटों से जीती थी। इस चुनाव में टीएमसी के मोहम्मद मोआजेम हुसैन तीसरे नंबर पर रहे थे और उन्हें भी साढ़े 3 लाख से ज्यादा वोट मिले थे। भाजपा उम्मीदवार इंग्लिशबाजार की विधायक भी हैं। जबकि, टीएमसी उम्मीदवार एनआरआई हैं और लंदन में रहते हैं।
यहां भाजपा प्रत्याशी का प्रचार अभियान लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। वह राजनीतिक हमलों के बजाए मोदी सरकार के डिजिटल इंडिया को सामने रख रही हैं, साथ ही साथ स्थानीय संस्कृति पर भी पूरा जोर दे रही हैं, जिसमें बाउल संगीत भी शामिल है। इनके पक्ष में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी रोडशो भी किया है और लोगों से पिछली बार वाली गलती न दोहराने की अपील भी की है।
मुर्शिदाबाद
मुर्शिदाबाद सीट पर भी लड़ाई वैसे त्रिकोणीय ही नजर आ रही है। यहां सीपीएम से इसके दिग्गज नेता मोहम्मद सलीम, टीएमसी के सीटिंग सांसद अबू ताहर खान और बीजेपी से गौरी शंखर घोष मैदान में हैं।
2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी सिर्फ मुर्शिदाबाद सीट जीती थी और इसकी सात विधानसभा सीटों में से बाकी 6 पर तृणमूल कांग्रेस जीत गई थी। लेकिन, मोहम्मद सलीम की उम्मीदवारी से इस सीट पर टीएमसी की राह उतनी आसान नजर नहीं आ रही है।
जंगीपुर
जंगीपुर से पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी सिर्फ दो ही बार 2004 और 2009 में जीते, लेकिन यह सीट उन्हीं के नाम से जुड़ गई। 2012 के उपचुनाव में उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी ने भी यहां का प्रतिनिधित्व किया। 2019 में यहां से टीएमसी के स्थानीय कारोबारी खलीलुर्रहमान को जीत मिली थी।
बीजेपी ने पिछली बार यहां से मफूजा खातून को टिकट दिया था, लेकिन वो दूसरे नंबर पर रही तो थीं, लेकिन टीएमसी की जीत का मार्जिन काफी ज्यादा था।
भाजपा ने इस बार धनंजय घोष को उतारा है और कांग्रेस ने मुर्तजा हुसैन को टिकट देकर त्रिकोणीय मुकाबला बनाने की कोशिश की है। टीएमसी ने फिर से अपने सांसद पर ही भरोसा जताया है।












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