Bengal Election Phase 2: हर 4 में 1 उम्मीदवार पर केस, BJP-TMC किसमें ज्यादा करोड़पति, क्या भरोसा करेगी जनता?
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण की रणभेरी बज चुकी है, लेकिन इस बार का चुनावी अखाड़ा विकास के मुद्दों से ज्यादा उम्मीदवारों के 'प्रोफाइल' को लेकर चर्चा में है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ताजा रिपोर्ट ने बंगाल की सियासत में हलचल मचा दी है।
इस रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरे चरण में अपनी किस्मत आजमा रहे उम्मीदवारों में से बड़ी संख्या में ऐसे चेहरे हैं जिन पर संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं, तो दूसरी तरफ 'करोड़पति' उम्मीदवारों की भी कोई कमी नहीं है।

▶️ दागी उम्मीदवारों का बोलबाला: 23% पर आपराधिक मामले (Criminal Background Candidates)
ADR की रिपोर्ट बताती है कि दूसरे चरण के लिए चुनाव लड़ रहे कुल 1,445 उम्मीदवारों में से 338 (लगभग 23 प्रतिशत) ने खुद पर आपराधिक मामले होने की बात स्वीकार की है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 295 उम्मीदवार ऐसे हैं जिन पर हत्या और हत्या के प्रयास जैसे बेहद गंभीर आरोप हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 16 उम्मीदवारों पर मर्डर केस चल रहे हैं, जबकि 80 उम्मीदवार हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) के आरोपों का सामना कर रहे हैं।
अगर पार्टी के आधार पर देखें, तो भाजपा के 141 में से 102 उम्मीदवार (72%), टीएमसी के 142 में से 49 (35%), सीपीआई-एम के 100 में से 51 (51%) और कांग्रेस के 142 में से 37 उम्मीदवारों (26%) ने अपने हलफनामे में आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी दी है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि 142 निर्वाचन क्षेत्रों में से 63 को 'रेड अलर्ट' जोन घोषित किया गया है, क्योंकि यहाँ तीन या उससे ज्यादा उम्मीदवार दागी पृष्ठभूमि के हैं।

▶️ West Bengal Chunav 2026: Criminal Cases Data (Phase 2) (क्रिमिनल केस डेटा)
| श्रेणी | संख्या | प्रतिशत (%) | विवरण |
|---|---|---|---|
| कुल उम्मीदवार | 1,445 | 100% | ADR द्वारा विश्लेषण किए गए |
| आपराधिक केस वाले उम्मीदवार | 338 | 23% | खुद हलफनामे में केस घोषित |
| गंभीर आपराधिक केस वाले | 295 | 20% | हत्या, हत्या के प्रयास जैसे केस शामिल |
| हत्या के आरोपी | 16 | - | Murder के केस |
| हत्या के प्रयास के आरोपी | 80 | - | Attempt to murder केस |
| कुल विधानसभा सीटें | 142 | 100% | दूसरे चरण की सीटें |
| रेड अलर्ट सीटें | 63 | 44% | 3 या उससे ज्यादा उम्मीदवारों पर केस |
▶️ हर पांचवां उम्मीदवार करोड़पति (Crorepati Candidates)
सिर्फ बाहुबल ही नहीं, बंगाल चुनाव में धनबल का भी जबरदस्त प्रदर्शन दिख रहा है। दूसरे चरण के 22 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कुल 321 उम्मीदवारों के पास 1 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। पार्टियों की रईसी पर नजर डालें तो:
🔹टीएमसी (TMC): 142 में से 103 उम्मीदवार करोड़पति हैं (73%)।
🔹बीजेपी (BJP): 141 में से 73 उम्मीदवार इस लिस्ट में शामिल हैं (52%)।
🔹सीपीआई-एम (CPI-M): 100 में से 33 उम्मीदवार करोड़पति हैं (33%)।
🔹कांग्रेस (Congress): 142 में से 36 उम्मीदवार रईसों की श्रेणी में हैं (25%)।
▶️ औसत संपत्ति का खेल: कौन सी पार्टी है सबसे अमीर? (Average Assets per Candidate Party-wise)
इस चुनाव में प्रति उम्मीदवार औसत संपत्ति 1.21 करोड़ रुपये आंकी गई है। हालांकि, जब हम पार्टी के स्तर पर इसका विश्लेषण करते हैं, तो फासला काफी बढ़ जाता है।
टीएमसी के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति सबसे ज्यादा 5.05 करोड़ रुपये है। इसके बाद बीजेपी का नंबर आता है, जिनके उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 3.28 करोड़ रुपये है। सीपीआई-एम के लिए यह आंकड़ा 1.22 करोड़ और कांग्रेस के लिए 1.04 करोड़ रुपये है।
इस डेटा से साफ है कि पार्टियाँ टिकट बांटते समय 'जिताऊ' होने के साथ-साथ आर्थिक रूप से मजबूत चेहरों पर ज्यादा दांव लगा रही हैं। अब गेंद जनता के पाले में है कि वह विकास के दावों और इन भारी-भरकम प्रोफाइल वाले उम्मीदवारों के बीच किसे चुनती है।














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