Weather Update: जून में तो गर्मी ने दिखाया विकराल रूप, अब जुलाई में क्या होगा? IMD ने दिया जवाब
Weather Update: जिस तरह से प्रचंड गर्मी ने जून माह में लोगों का जीना मुहाल किया था, उसके बाद जुलाई में मौसम ने लोगों को राहत देने का काम किया है। जून में गर्मी ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे।
पिछले 123 वर्षों के इतिहास में जून माह में सबसे अधिक गर्मी पड़ी। लेकिन अब जुलाई माह में सामान्य से अधिक बारिश की संभावना जरूर राहत देने का काम करेगी। मौसम विभाग के अनुसार इस महीने औसत बारिश अपेक्षा से 106 फीसदी अधिक होगी।

जुलाई में भारी बारिश
जून माह की प्रचंड गर्मी के बाद यह निसंदेह अच्छी खबर है। किसानों के लिए यह खासतौर पर अच्छी खबर है। खरीफ फसलों को अच्छी बारिश का लाभ होगा। जून माह में उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकतर इलाकों में सूखे की स्थिति, यहां बारिश नहीं होने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
जून ने तोड़ा 123 साल का रिकॉर्ड
जून माह में यहां सिर्फ 32.6 फीसदी बारिश हुई है। इस क्षेत्र में चिलचिलाती धूप और लू ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए, इस क्षेत्र में पारा सामान्य से 1.65 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा और पिछले 123 वर्षों में जून माह सबसे अधिक गर्म रहा।
मौसम विभाग की ओर से मंथली फोरकास्ट में कहा गया है कि जुलाई माह में पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश होगी। इसके साथ ही मौसम विभाग ने सामान्य से अधिक बारिश का भी अलर्ट जारी किया है।
बाढ़ जैसे हो सकते हैं हालात
मौसम विभाग की ओर से संभावना जाहिर की गई है कि जुलाई माह में अधिक बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात हो सकते हैं। पश्चिमी हिमालय के राज्य हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर में बारिश के हालात बिगड़ सकते हैं।
इन जगहों पर बादल फटने की घटना, मूसलाधार बारिश, भूस्खलन हो सकता है। गोदावरी और महानदी क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात हो सकते हैं, लिहाजा यहां के लोगों को काफी दिक्कतें हो सकती हैं। आपदा प्रबंधन और डैम मैनेजमेंट इसको ध्यान में रखते हुए होना चाहिए।












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