'मुस्लिम अगर हिंदू बोर्ड में होंगे तो चलेगा', वक्फ कानून पर सुप्रीम कोर्ट के 5 सवाल, केंद्र ने क्या दिया जवाब

Waqf Amendment Act 2025 (Supreme Court): ''क्या हिंदू समुदाय के धार्मिक ट्रस्ट में मुसलमान या गैर हिंदू को जगह दी जाएगी? अब से आप मुसलमानों को हिंदू बंदोबस्ती बोर्ड का हिस्सा बनने की अनुमति देंगे...?'' ये टिप्पणी वक्फ संशोधन कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना ने की है। ऐस कई तीखे सवाल सुप्रीम कोर्ट ने किए हैं। ऐसे में आइए जानें वक्फ कानून पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या तीखी टिप्पणियां की हैं?

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि वो वक्फ कानून से जुड़ी कुछ धाराओं को लेकर अंतरिम आदेश जारी करने पर विचार कर रही है। लेकिन केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील के लिए वक्त मांगा है। जिसके बाद इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने आज गुरुवार (17 अप्रैल) के लिए तय की है। सुप्रीम कोर्ट वक्फ कानून पर दोपहर 2 बजे से सुनवाई करेगा।

Waqf Amendment Act Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार 16 अप्रैल को वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की और भारत में मुस्लिम धार्मिक संपत्तियों को विनियमित करने के लिए नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा लाए गए प्रमुख बदलावों पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा। भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति पीवी संजय कुमार और केवी विश्वनाथन की तीन न्यायाधीशों वाली पीठ गुरुवार को अंतरिम आदेश पारित कर सकती है।

वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 पर सुप्रीम कोर्ट की प्रमुख टिप्पणियां...

🔴 CJI बोले- 'आप इतिहास को फिर से नहीं लिख सकते'

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक सीजेआई संजीव खन्ना ने टिप्पणी की कि सरकार वक्फ कानून में संशोधन करके लाए गए बदलावों के जरिए से इतिहास को फिर से नहीं लिख सकती।

सीजेआई संजीव खन्ना ने कहा, "जब किसी सार्वजनिक ट्रस्ट को 100 या 200 साल पहले वक्फ घोषित किया जाता है... और आप अचानक आप कहते हैं कि इसे वक्फ बोर्ड द्वारा अधिग्रहित किया जा रहा है और अन्यथा घोषित किया जा रहा है। तो आपको समझना होगा कि आप इतिहास को फिर से नहीं लिख सकते हैं।''

Take a Poll

🔴 'क्या मुसलमान हिंदू बोर्ड का हिस्सा होंगे', CJI ने केंद्र सरकार से पूछा?

वक्फ कानून में संशोधन में गैर-मुसलमानों को केंद्रीय वक्फ परिषद और वक्फ बोर्ड में शामिल करने का प्रावधान है। सुनवाई के दौरान CJI खन्ना ने सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता से एक तीखा सवाल किया, "मिस्टर मेहता, क्या आप यह कह रहे हैं कि अब से आप मुसलमानों को हिंदू बंदोबस्ती बोर्ड का हिस्सा बनने की अनुमति देंगे। खुलकर कहिए!"

इसपर केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि संसद में विस्तृत चर्चा के बाद कानून पारित किया गया था। उन्होंने कहा कि एक संयुक्त संसदीय समिति ने इसकी जांच की और इसे फिर से दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया। हमें और दलीलें और पक्ष रखने का वक्त चाहिए।

🔴 CJI ने कहा- जब न्याय के लिए पीठ पर बैठते हैं तो हमारा कोई धर्म नहीं होता

वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों को शामिल करने के संदर्भ में CJI खन्ना ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की इस दलील पर हैरानी जताई और कहा कि...'अगर इसके खिलाफ तर्क स्वीकार कर लिया जाता है तो ये पीठ इस मामले की सुनवाई नहीं कर सकती।'

असल में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पीठ में तीन न्यायाधीशों की हिंदू पहचान का जिक् कर रहे थे, लेकिन यह CJI को पसंद नहीं आया।

सीजेआई संजीव खन्ना ने कहा, "जब हम यहां (बेंच) बैठते हैं तो हम अपना धर्म खो देते हैं। हमारा कोई धर्म नहीं होता है। हमारे लिए दोनों पक्ष एक जैसे हैं। आप इसकी तुलना न्यायाधीशों से कैसे कर सकते हैं? फिर हिंदू बंदोबस्ती के सलाहकार बोर्ड में गैर-मुस्लिमों को भी क्यों नहीं रखा जाता।''

🔴 'दस्तावेज पेश करना असंभव हो सकता है'

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि कुछ धार्मिक संपत्तियों के लिए बिक्री जैसे दस्तावेज पेश करना असंभव हो सकता है, जो सदियों से अस्तित्व में हैं। कोर्ट ने कहा, "मुद्दा सरकारी संपत्ति से जुड़ा है। अंग्रेजों के आने से पहले, हमारे पास कोई पंजीकरण या संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम नहीं था। कई मस्जिदें 14वीं या 15वीं सदी की होंगी... मान लीजिए जामा मस्जिद...इसके दस्तावेज कैसे देंगे।''

इस पर एसजी मेहता ने कहा, "उन्हें इसे पंजीकृत करने से किसने रोका?"

🔴 कलेक्टर की शक्तियों पर भी उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान संशोधित वक्फ अधिनियम के तहत सरकारी अधिकारी/कलेक्टर को दी गई शक्तियों पर भी चर्चा हुई। कोर्ट ने पूछा, "क्या यह उचित है? जिस क्षण कलेक्टर इस पर निर्णय लेना शुरू करता है, यह वक्फ नहीं रह जाता! क्या यह उचित है?"

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+