विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया ने राहुल गांधी से की मुलाकात, कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें
हरियाणा विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जिस तरह से पहलवान विनेश फोगाट ने राहुल गांधी से मुलाकात की है उसके बाद उनके कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। विनेश फोगाट के साथ टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले बजरंग पुनिया ने भी राहुल गांधी से मुलाकात की है। कांग्रेस पार्टी ने दोनों की मुलाकात की तस्वीर को सोशल मीडिया पर साझा किया है।
सूत्रों ने बताया कि सीईसी की बैठक के दौरान हरियाणा चुनाव को लेकर चर्चा किए गए 49 नामों में से 34 को मंजूरी दे दी गई। पार्टी जल्द ही हरियाणा चुनाव के लिए फोगट की संभावित उम्मीदवारी की जानकारी दे सकती है।

तस्वीर को साझा करते हुए कांग्रेस के एक्स हैंडल पर लिखा, नेता विपक्ष राहुल गांधी से विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया ने मुलाकात की। बता दें कि विनेश फोगट 2023 में हुए पहलवानों के विरोध प्रदर्शन का अहम चेहरा थीं।
दोनों का हाथ थामे नजर आए राहुल
दिल्ली में एक बैठक के बाद राहुल गांधी पहलवान विनेश फोगट और बजरंग पुनिया का हाथ थामे नजर आए। इससे हरियाणा विधानसभा चुनाव में उनकी संभावित उम्मीदवारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
दोनों पहलवानों ने राहुल गांधी से मुलाकात कर चुनाव में अपनी संभावित भागीदारी के संकेत दिए। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल से भी मुलाकात की।
कहां से टिकट देने की पेशकश
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने दोनों एथलीटों को चुनाव टिकट देने की पेशकश की है। विनेश फोगट को तीन सीटों का विकल्प दिया गया है, जबकि बजरंग पुनिया को दो सीटों की पेशकश की गई है। हालांकि, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने कहा कि अंतिम फैसला विनेश फोगट पर निर्भर है और जल्द ही स्पष्टता की उम्मीद है।
बृजभूषण सिंह के खिलाफ खोला था मोर्चा
टोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया के साथ, उन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व प्रमुख और तत्कालीन भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बृजभूषण शरण सिंह पर कई महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। इस मामले में कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल ही में बृजभूषण सिंह को कई महिला पहलवानों द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर और आरोपों को रद्द करने की उनकी याचिका के संबंध में तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया।
एक संक्षिप्त सुनवाई के दौरान, न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने टिप्पणी की, "हर चीज के लिए एक सर्वव्यापी आदेश नहीं हो सकता, यह एक अप्रत्यक्ष तरीका है।












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