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'मैंने लंदन जाने से पहले अरुण जेटली को बताया था, लेकिन वो पलट गए', विजय माल्या के खुलासे पर राजनीति में हलचल

Vijay Mallya Podcast: शराब कारोबारी विजय माल्या ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में चौंकाने वाला दावा किया है, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने कहा कि 2016 में भारत छोड़ने से पहले उन्होंने उस वक्त के वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) को इसकी जानकारी दी थी। इस बयान के सामने आने के बाद एक बार फिर उनके देश से भागने के हालातों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विजय माल्या के वीडियो को कांग्रेस के कई नेताओं ने शेयर किया है।

यूट्यूबर राज शमानी (Raj Shamani) ने जब विजय माल्या से सवाल किया, "3 मार्च 2016 को सुप्रीम कोर्ट में आपके मामले में सुनवाई थी, आपको सुप्रीम कोर्ट में पेश होना था, 1 मार्च को आप दिल्ली में थे, आप संसद गए और 2 मार्च को आपने भारत छोड़ दिया...लेकिन कोर्ट के सामने पेश होने से एक दिन पहले आप चले गए...क्या ये सच है? जवाब देते हुए विजय माल्या ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट में कोई भी सुनवाई नहीं होनी थी और ना ही मुझे कोर्ट में पेश होने के लिए समन किया गया था। मुझे ऐसी किसी सुनवाई के बारे में जानकारी नहीं थी। मैंने एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली को बताया और फिर दिल्ली से लंदन के लिए रवाना हुआ।"

Vijay Mallya Podcas

उन्होंने आगे कहा कि जब यह खबर मीडिया में आई, तो बवाल मच गया। राजनीतिक हलकों और मीडिया में ये सवाल उठने लगे कि आखिर कानूनी दबाव के बीच विजय माल्या देश छोड़कर कैसे चले गए?

विजय माल्या बोले- बाद में अरुण जेटली पलट गए, उन्होंने कहा कि हमारे बीच कोई मीटिंग नहीं हुई

विजय माल्या ने आगे याद करते हुए कहा,

"जब यह बात मीडिया में आई, तो तूफान मच गया। लोग अरुण जेटली के पास भागे। लेकिन वो पलट गए जेटली ने कहा कि मेरी उनसे कोई मुलाकात नहीं हुई। लेकिन एक कांग्रेस सांसद ने हमें साथ देखा था और मीडिया से कहा, 'मैंने दोनों को साथ देखा'। इसके बाद जेटली को अपना बयान वापस लेना पड़ा। उन्होंने फिर कहा कि हां, मेरी विजय माल्या से मुलाकात हुई थी लेकिन यह चलते-फिरते हुई, एक नॉर्मल मुलाकात थी कोई मीटिंग नहीं हुई थी, हमारे बीच।"

विजय माल्या माना- 'हां मेरी जेटली के साथ कभी ऑफिशियल मीटिंग नहीं हुई'

विजय माल्या ने कहा,

"मैंने कभी ये नहीं कहा कि जेटली के साथ मेरी कोई ऑफिशियल मीटिंग हुई थी, मैं उनके ऑफिस गया था...और आमने-सामने बैठकर बात की थी...हां ये सच है कि ऐसा नहीं हुआ था। मैंने बस यही कहा कि मैंने उन्हें (जेटली) जाते-जाते बताया कि मैं लंदन जा रहा हूं, वहां से जिनेवा में एक मीटिंग के लिए जाऊंगा और फिर लौट आऊंगा। मैंने उनसे बस यही कहा, प्लीज बैंकों से कहें कि वे मेरे साथ बैठकर सेटलमेंट पर बात करें। ये बात कहने में कितनी देर लगती है, एक वाक्य बोलने में,...उतने ही देर के लिए मैं जेटली से मिला था।''

विजय माल्या ने ये सब बातें संसद में चलते-फिरते हुई मुलाकात में कही थी। इससे पहले 2018 में भी विजय माल्या भारत छोड़ने से पहले अरुण जेटली से मिलने का दावा कर चुके हैं।

विजय माल्या ने मीडिया पर साधा निशाना

विजय माल्या ने मीडिया पर मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप लगाया विजय माल्या ने कहा, "मीडिया की यही दिक्कत है, खासकर जब बात मुझसे जुड़ी हो। वे चीजों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं, कल्पनाएं कर लेते हैं। खैर, अगर इससे उनका धंधा चलता है तो चलने दें।

अरुण जेटली ने विजय माल्या से मुलाकात पर क्या कहा था?

अरुण जेटली ने एक फेसबुक पोस्ट में 'फैक्चुअल सिचुएशन' शीर्षक से सफाई देते हुए विजय माल्या के दावों को सिरे से खारिज कर दिया था। उन्होंने लिखा था कि विजय माल्या के आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत हैं और सच्चाई को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।

जेटली ने साफ कहा था, "2014 के बाद मैंने विजय माल्या को कभी मिलने का समय नहीं दिया, इसलिए उनसे मुलाकात का सवाल ही नहीं उठता। हां, वे राज्यसभा सदस्य थे और कभी-कभार संसद में आया करते थे।"

उन्होंने आगे कहा था,

"एक बार जब मैं सदन की कार्यवाही के बाद अपने कक्ष की ओर जा रहा था, तब उन्होंने संसद सदस्य होने के नाते उस विशेषाधिकार का दुरुपयोग किया और चलते-चलते मुझसे बात करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि वे बैंकों को कर्ज चुकाने का एक प्रस्ताव दे रहे हैं। इस पर मैंने स्पष्ट कर दिया कि मुझसे बात करने का कोई मतलब नहीं है और उन्हें सीधे बैंकों से संपर्क करना चाहिए। मैंने उनके हाथ में मौजूद दस्तावेज को भी स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।"

विजय माल्या पर भारत में क्या-क्या आरोप है?

विजय माल्या पर लगे आरोप भारत के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक हैं। उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाइयों में बैंक लोन डिफॉल्ट, मनी लॉन्ड्रिंग, और संपत्ति जब्ती शामिल हैं। भारत सरकार उनके प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन में कानूनी प्रयास कर रही है।

🔴 1. बैंक लोन डिफॉल्ट: ₹9,000 करोड़ से अधिक

विजय माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस ने 2005 से 2010 के बीच भारतीय बैंकों के एक समूह से लगभग ₹6,027 करोड़ का लोन लिया था, जिसमें ब्याज जोड़कर यह राशि ₹9,000 करोड़ से अधिक हो गई। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से यह लोन लिया गया था।

🔴 2. मनी लॉन्ड्रिंग और फंड डायवर्जन

प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आरोप लगाया कि विजय माल्या ने लोन अमाउंट को शेल कंपनियों और विदेशी खातों में ट्रांसफर किया, जिससे किंगफिशर एयरलाइंस को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा।

🔴 3. ₹180 करोड़ का लोन डिफॉल्ट केस

इंडियन ओवरसीज बैंक से ₹180 करोड़ के लोन डिफॉल्ट के मामले में मुंबई की एक विशेष CBI अदालत ने विजय माल्या के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया।

🔴 4. संपत्ति जब्ती

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विजय माल्या की ₹14,131.6 करोड़ की संपत्ति बैंकों को वापस कर दी गई है।

🔴 5. फरार आर्थिक अपराधी घोषित

विजय माल्या को भारत में "फरार आर्थिक अपराधी" घोषित किया गया है और उनके प्रत्यर्पण के लिए भारत सरकार ब्रिटेन में कानूनी प्रयास कर रही है।

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