Video: अमेरिका की वॉरशिप और INS विक्रमादित्य गोवा में एक साथ करेंगे युद्धाभ्यास
मुंबई। बंगाल की खाड़ी में 3 नवंबर से जारी क्वाड देशों की नौसेनाओं का युद्धाभ्यास मालाबार शुक्रवार को खत्म हो गया है। यह पहला मौका था जब इंडियन नेवी के साथ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान की नौसेनाओं ने एक साथ अभ्यास किया है। कोविड-19 के निर्देशों के तहत इस युद्धाभ्यास को जीरो कॉन्टैक्ट के फॉरमेट में ही आयोजित किया गया था। ऑस्ट्रेलिया ने पहली बार इस युद्धाभ्यास में हिस्सा लिया था। अब इस युद्धाभ्यास का दूसरा चरण 17 नवंबर से 20 नवंबर तक आयोजित होगा।

17 से 20 नवंबर तक दूसरा फेज
गोवा में जब 17 नवंबर से 20 नवंबर तक मालाबार युद्धाभ्यास का आयोजन होगा तो इंडियन नेवी के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर के साथ अमेरिका का सुपरकैरियर यूएसएस निमित्ज भी हिस्सा लेगा। आईएनएस विक्रमादित्य और यूएसएस निमित्ज पर मिग-29के और एफ-18 फाइटर्स के साथ वॉरगेम को अंजाम दिया जाएगा। दूसरे चरण में करीब 70 विदेशी वॉरशिप्स फारस की खाड़ी और अरब सागर में पेट्रोलिंग करती हुई नजर आएंगी। अभी तक जितनी बार भी मालाबार एक्सरसाइज हुई उसमें ऑस्ट्रेलिया शामिल नहीं था। ऑस्ट्रेलिया की नौसेना पहली बार इस वॉर एक्सरसाइज में शामिल हुई थी। मालाबार एक्सरसाइज के पहले चरण में इंडियन नेवी के आईएनएस रणविजय, आईएनएस शिवालिक, आईएनएस सुकन्या, आईएनएस शक्ति जैसे जहाज शामिल हुए थे। पनडुब्बी आईएनएस सिंधुराज भी युद्धाभ्यास का हिस्सा थी। इसके अलावा हॉक, पी-8I, डॉर्नियर, चीता, चेतक और ध्रुव जैसे एयरक्राफ्ट भी शामिल हुए।
#WATCH: Phase I of 24th multinational maritime exercise Malabar culminated yesterday. The exercise, which started on Nov 3, was restricted to sea phase & conducted in ‘zero contact’ format considering #COVID19
— ANI (@ANI) November 7, 2020
Navies of India, US, Japan & Australia participated in the exercise. pic.twitter.com/7EG1J4FyrS
साल 1992 में हुई थी शुरुआत
मालाबार युद्धाभ्यास की शुरुआत साल 1992 में हुई थी और उस समय यह एक्सरसाइज सिर्फ भारत और अमेरिका के बीच होती थी। साल 2015 में जापान इसका स्थायी सदस्य बना था। सिंगापुर भी इस एक्सरसाइज में बतौर गैर-स्थायी सदस्य हिस्सा ले चुका है। इस एक्सरसाइज के तहत कई तरह की गतिविधियों को पूरा किया जाता है जिसमें फाइटर जेट्स के ऑपरेशंस से लेकर एयरक्राफ्ट कैरियर्स तक शामिल होते हैं। साल 1998 में जब भारत ने परमाणु परीक्षण किए तो अमेरिका ने इस युद्धाभ्यास को सस्पेंड कर दिया। लेकिन 11 सितंबर 2001 को जब अमेरिका पर आतंकी हमला हुआ तो तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू बुश ने इस एक्सरसाइज को फिर से शुरू करने की मंजूरी दी। यह मंजूरी आतंकवाद के खिलाफ चलाए गए अमेरिकी अभियान का हिस्सा थी। साल 2007 में मालाबार एक्सरसाइज को पहली बार भारत के बार आयोजित किया गया था। उस समय यह जापान के ओकिनावा में आयोजित हुई थी।












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