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VIDEO: दिल्ली में दिखा ऐसा नजारा जो बताता है कि इंसानियत अभी जिंदा है

By प्रशांत श्रीवास्तव
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    दिल्ली। दुनिया में सबसे बड़ा रिश्ता इंसानियत का रिश्ता होता है। आज के समय में जहां सगे अपने नहीं होते वहीं पराया अगर किसी के दुख-दर्द को देखकर अपनापन का रिश्ता बनाए तो यह मानवता के लिए एक मिसाल है। दिल्ली के कनॉट प्लेस में एक ऐसा ही नजारा देखने को मिला जिसे देखकर सबकी आंखें छलक गईं। एसिड अटैक के बाद बदसूरत हुई जिंदगी के दर्द के साथ कनॉट प्लेस के फुटपाथ पर जी रही एक युवती के पास एक युवक बैठा था। युवती अपना सिर उस युवक के कंधों पर पर रखे हुए थी। युवती ने इसी साल रक्षा बंधन पर उसे अपना भाई बनाया और क्रिसमस पर भाई-बहन के इस प्यार को देखने सीपी पर भीड़ उमड़ पड़ी। सबकी आंखों में आंसू थे और कई तो रो पड़े।

    कनॉट प्लेस में दिखा इंसानियत का जीता जागता नजारा

    कनॉट प्लेस में दिखा इंसानियत का जीता जागता नजारा

    इंसानियत का जीता जागता नजारा दिल्ली के कनॉट प्लेस में देखने को मिला जहां हरप्रीत सिंह नाम का एक युवक एक एसिड विक्टिम लड़की को क्रिसमस का गिफ्ट देने आया था। लड़की एसिड अटैक पीड़िता थी और सीपी में ही रहकर भीख मांगती है। हरप्रीत नाम का यह युवक उस लड़की कुछ महीनों पहले से जानता था और उसके साथ एक भाई की तरह व्यवहार कर रहा था। क्रिसमस पर उसे गले लगाकर उसे अपनत्व का एहसास दिला रहा था। इंसानियत का बेहद भावुक नजारा देखकर यह वहां से गुजर रहे हर इंसान के आं`ख में आंसू थे।

    एक बड़ी प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं हरप्रीत

    एक बड़ी प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं हरप्रीत

    पूछताछ में पता चला किहरप्रीत मूल रूप से बनारस के रहने वाले हैं और दिल्ली में द्वारका में रहते हैं। वह अमेरिकन एक्सप्रेस नाम की कंपनी में काम कर रहे हैं। स्वाभाव से सरल और दयावान हरप्रीत सिंह यहां अकेले ही रहते हैं और सामाजिक कार्यों में रुचि रखते हैं। वे आए दिन आते-जाते गरीबों और फुटपाथ पर रहने वालों की हेल्प करते रहते हैं, लेकिन सीपी में फुटपाथ पर रह कर अपना जीवन यापन कर रही इस एसिड विक्टिम लड़की के साथ हरप्रीत का एक अलग ही जुड़ाव हैं। वह लड़की को अपनी बहन मानते हैं और समय समय पर उसकी मदद करने कनॉट प्लेस पहुंचते हैं। सोमवार का दिन भी उन्होंने क्रिसमस अपनी मुंह बोली बहन के साथ ही मनाया।

    हरप्रीत को भाई मानती है लड़की

    हरप्रीत को भाई मानती है लड़की

    तस्वीर में दिख रही लड़की सीपी में रही रहती है और यहीं पर भीख मांगकर अपना गुजारा करती है। लड़की को देखकर साफ पता चल रहा था कि वह एसिड अटैक विक्टिम है। one India से खास बातचीत में जब हमने लड़की से पूछा कि वह कहां की रहने वाली हैं तो उसने बड़े ही शायराना अंदाज में अपनी पहचान बयां की उसने बताया 'मैं जहां की हूं मैं वहां की हूं मुझे खुद नहीं पता कि मैं कहां की हूं।' हरप्रीत ने बताया कि लड़की अपने बारे में कुछ बता नहीं पा रही है। यह भी नहीं पता चल पाया कि वह कहां की रहने वाली है और इस हाल में कैसे यहां तक पहुंची।

    नजारा देख लोगों की आंखों से छलक पड़े आंसू

    नजारा देख लोगों की आंखों से छलक पड़े आंसू

    फुटपाथ पर रहने वाली एक एसिट अटैक विक्टिम लड़की को एक प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी करने वाले युवक द्वारा गले लगाकर अपनत्व का अहसास कराने वाले नजारे को देखकर आस-पास से गुजरने वाले हर एक शख्स के आंख में आंसू थे। आने जाने वाले लोग लड़की को देखकर सहानभूति दिखा रहे थे। कुछ ने रुक कर उस लड़की को गिफ्ट और पैसे दिए तो वहीं हरप्रीत ने उस लड़की के लिए क्रिसमस को खास बनाया। इतना ही नहीं हरप्रीत उसके लिए सांता टोपी और क्रिसमस से जुड़े कई सारे गिफ्ट लेकर अपनी बहन को देने वहां पहुंचा था।

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    English summary
    video shown that huminity is alive connaught place delhi harpreet singh helps acid attack victim girl

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