दिल्ली सरकार के इस बड़े फैसले से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना हुआ मुश्किल
दिल्ली सरकार के वकील सत्यकाम ने कार्यकारी मुख्य न्यायधीश गीता मित्तल और जस्टिस सी हरि शंकर को बताया कि सरकार इस बारे में ट्रेनिंग स्कूल को सूचना देने की तैयारी कर रही है
नई दिल्ली। अब आपको घर बैठे और जुगाड़ से ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिल पाएगा। दिल्ली सरकार अब ऐसा नियम बनाने जा रही है जिससे रैश ड्राइवरों और अप्रशिक्षित ड्राइवरों को लाइसेंस नहीं मिल पाएगा। साथ ही आरटीओ ऑफिस चलने वाले करप्शन पर भी रोक लगेगी। दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग ने लिखित परीक्षा वाली जगह पर सीसीटीवी कैमरा लगाने का फैसला किया है।

ड्राइविंग टेस्ट की विडियो रिकॉर्डिंग होगी
दिल्ली सरकार ड्राइविंग टेस्ट की विडियो रिकॉर्डिंग कराएगी। अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट को शुक्रवार सूचित किया कि वह कोर्ट के उस सलाह से सहमत है कि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदकों की विडियो रिकॉर्डिंग होनी चाहिए, ताकि रैश ड्राइवरों और अप्रशिक्षित ड्राइवरों को लाइसेंस नहीं मिल पाए।

फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बन पाएंगे
दिल्ली सरकार के वकील सत्यकाम ने कार्यकारी मुख्य न्यायधीश गीता मित्तल और जस्टिस सी हरि शंकर को बताया कि सरकार इस बारे में ट्रेनिंग स्कूल को सूचना देने की तैयारी कर रही है और उन्हें इस बारे में तैयार रहने को कहा जाएगा। उन्होंने बताया कि व्यवसायिक और हल्के वाहनों के टेस्ट के लिए विडियोग्राफर की नियुक्ति की जाएगी। हाई कोर्ट की बेंच ने अप्रैल में हुई पिछली सुनवाई में सरकार को यह सलाह दी थी।

परिवहन विभाग के भ्रष्टाचार पर लगाम
हाई कोर्ट ने सरकार को इस बारे में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। आपको बता दें कि कोर्ट एक जनहित याचिका की सुनवाई कर रही है जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस पाने के नियम को सख्त बनाने की मांग की गई है। सामाजिक कार्यकर्ता पवन कुमार ने अपनी याचिका में कहा है कि शहर के परिवहन विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा है। उन्होंने मांग कि परिवहन विभाग और अन्य एजेंसियां अप्रशिक्षित ड्राइवरों पर एक दिशानिर्देश जारी करे जिससे दुर्घटनाओं को रोका जा सके।












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