Video: सैल्यूट के साथ हंदवाड़ा शहीद कर्नल आशुतोष को पत्नी ने दी अंतिम विदाई
जयपुर। जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा में शहीद हुए 21 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) कर्नल आशुतोष शर्मा का अंतिम संस्कार राजस्थान के जयपुर में पूरे राजकीय सम्मान के साथ हुआ। इस दौरान बीजेपी सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौर और मुख्यमत्री अशोक गहलोत ने भी शहीद कर्नल को श्रद्धांजलि दी। कर्नल की पत्नी पल्लवी शर्मा और उनकी 12 साल की बेटी तमन्ना ने सैल्यूट के साथ वीर कर्नल को अंतिम विदाई दी।
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एक मई को था बेटी तमन्ना का बर्थडे
कर्नल शर्मा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले थे लेकिन अब उनका परिवार राजस्थान के जयपुर में रहता है। इसलिए उनका अंतिम संस्कार यहां पर करने का फैसला किया गया। कर्नल शर्मा को साल 2018 और फिर 2019 लगातार दो बार वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। कर्नल आशुतोष पहले भी कई काउंटर-टेरर ऑपरेशंस को सफलता पूर्वक लीड कर चुके हैं। एक मई को ही कर्नल की पत्नी का बर्थडे था और 12 साल की बेटी तमन्ना ने अब अपने पिता को खो दिया है। मगर उसे इस बात का मलाल नहीं है और वह कहती है कि उसके पापा बहुत ही बहादुर थे। पत्नी पल्लवी शर्मा ने कहा, 'हमें उन पर गर्व है। उनकी यूनिट उनके लिए प्राथमिकता थी और वह उनका जुनून थी। उनकी जगह हमारी जिंदगी में कोई भर नहीं सकता और उनका जाना हमारे लिए एक कभी न पूरा होने वाला नुकसान है। लेकिन उन्होंने अपने जवानों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए जो किया, उस पर मुझे गर्व है।'
20 साल बाद 21 RR के दूसरे सीओ शहीद
हंदवाड़ा के जिस घर में कर्नल और उनकी टीम आतंकियों से मोर्चा ले रही थी, वहां पर कुछ लोगों को बंधक बनाया गया था। 21 आरआर ने 20 साल के अंदर अपने दूसरे सीओ को एनकाउंटर में खो दिया है। कर्नल आशुतोष से पहले कर्नल राजिंदर चौहान भी 21 अगस्त 2000 में एक एनकाउंटर शहीद हो गए थे। 21 राष्ट्रीय राफइल्स (आरआर) को राजवार टाइगर्स के तौर पर भी जानते हैं क्योंकि इस बटालियन ने कई खतरनाक आतंकियों का सफाया हंदवाड़ा के राजवार के जंगलों में किया है। ब्रिगेड ऑफ गार्ड्स के ऑफिसर्स और जवानों के साथ तैयार की गई है 21 राष्ट्रीय राइफल्स और इस बटालियन को पिछले कुछ समय में काफी लोकप्रियता हासिल हुई है। कर्नल आशुतोष ने शनिवार की शाम तक करीब एक घंटे तक धैर्य के साथ तब तक इंतजार किया जब तक आतंकियों ने आखिरी गोली फायर नहीं कर ली। घंटे भर बाद एक घर में कुछ लोगों को बंधक बनाकर रखे आतंकियों को जवाब देने के लिए वह अपनी टीम के साथ आगे बढ़े।












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