राम मंदिर को लेकर अयोध्या में हलचल तेज, पत्थरों से भरे 70 ट्रक मंगा रही VHP
नई दिल्ली। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के राम मंदिर के निर्माण के लिए कानून बनाने की मांग वाले बयान के लगभग एक हफ्ते बाद, अयोध्या में बदला-बदला नजारा दिखाई दे रहा है। दर्शनार्थी और अन्य पर्यटक कारसेवकपुरम पहुंच रहे है जहां उनका स्वागत स्थानीय पुजारियों-भक्तों द्वारा गाए जा रहे राम के भजन से किया जा रहा है। अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर हलचल तेज नजर आ रही है।

'पत्थरों से भरे 70 ट्रक शहर में पहुंचने वाले हैं'
अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद के नेताओं का दावा है कि पत्थरों से भरे 70 ट्रक जल्दी ही शहर में पहुंचने वाले हैं। उनके लिए एक मात्र आकर्षण का केंद्र राम मंदिर का प्रस्तावित मॉडल है। वीएचपी ने मंदिर निर्माण को लेकर तैयारियों को तेज कर दिया है। अब इनकी नजरें राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद में 29 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकीं हैं और जिसे वे अपने पक्ष में आने की उम्मीद कर रहे हैं।

'कारीगरों से बातचीत की जा रही है'
ऐसा कहा जा रहा है कि मंदिर निर्माण के लिए वीएचपी ने पत्थरों से भरे ट्रकों का ऑर्डर दिया है। इसके अलावा कई कारीगरों से बातचीत की जा रही है ताकि कानूनी बाधा खत्म होते ही तीन मंजिला भव्य राम मंदिर बनाने की नींव रखी जा सके। कई वीएचपी नेताओं का दावा है कि पत्थरों से भरे 70 से अधिक ट्रक अयोध्या पहुंचने वाले हैं।

वीएचपी का मंदिर बनाने का अभियान तेज
जबकि वीएचपी के इंटरनैशनल उपाध्यक्ष चंपत राय का कहना है कि मंदिर निर्माण के लिए तेजी से काम करने के लिए और भी कारीगरों की जरूरत होगी। उनका कहना है कि वे पीछे हटने वाले नहीं है और वे बस सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी तरफ अयोध्या में भारी सुरक्षाबल भी तैनात किए गए हैं। राम जन्मभूमि की तरफ जाने वाली सड़क बंद है और उन रास्तों पर सुरक्षाबल तैनात दिखाई दे रहे हैं। इन घटनाक्रम पर बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि मामला कोर्ट में लंबित होने के कारण अभी फैसले का इंतजार करना चाहिए। सरकार को चाहिए कि वे वीएचपी को आगे बढ़ने से रोके।












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