तीर्थयात्री ध्यान दें! वैष्णो देवी जाना है या करने हैं तिरुपति में दर्शन, मोदी सरकार दे रही है बड़ा तोहफा
वंदे भारत ट्रेनों ने धीरे-धीरे तीर्थयात्रा का अनुभव बदलना शुरू कर दिया है। अब तिरुपति तक इस ट्रेन की सेवा शुरू हो रही है। तीर्थयात्रा का सिर्फ धार्मिक महत्त्व नहीं है। यह हमारी अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा योगदान दे रहा है

देश में अब वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़कर 13 हो रही है। इस सेमी-स्पीड हाई स्पीड ट्रेनों की विशेषता ये है कि इनमें से कई सारी ट्रेनें तीर्थयात्रियों की तीर्थयात्रा का आनंद चौगुना कर रही हैं। नई वंदे भारत ट्रेन अब तीर्थयात्रियों को तिरुमाला पर्वत पर विराजमान भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन का रास्ता सुगम करने जा रही है। ये ट्रेनें सिर्फ देश की तरक्की का ही अनुभव नहीं करातीं, बल्कि यह भारत की समृद्धि की भी वाहक बन रही हैं।

अब तिरुपति तक चलेगी वंदे भारत ट्रेन
वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल है। जैसे-जैसे वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ती जा रही है, देश के तमाम बड़े-बड़े तीर्थ स्थल भी इस सेमी-हाई स्पीड ट्रेन कनेक्टिवटी से जुड़ते जा रहे हैं। अगला नंबर तिरुपति का है। पीएम मोदी अब तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को भी वंदे भारत ट्रेन का तोहफा दे रहे हैं। यह ट्रेन तेलंगाना के सिकंदराबाद से टेंपल टाउन तिरुपति तक चलेगी। वैसे शनिवार को पीएम मोदी एक और वंदे भारत ट्रेन को रवाना कर रहे हैं, जो चेन्नई और कोयंबटूर के बीच चलेगी।

इन तीर्थ स्थलों तक पहले से ही है वंदे भारत ट्रेन की कनेक्टिविटी
अबतक चल रही 11 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में से कम से कम तीन देश के किसी बड़े शहर को एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों से जोड़ रही थी। पहली दिल्ली से बाबा विश्वनाथ की धरती वाराणसी तक चलती है। दूसरी दिल्ली से ही श्री माता वैष्णो देवी कटरा तक जाती है; और तीसरी मुंबई और शिरडी के बीच चलती है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी में ही किया था।

वंदे भारत ट्रेन से इन तीर्थस्थलों तक जाना भी हुआ आसान
फरवरी में पीएम मोदी ने मुंबई और सोलापुर के बीच भी वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। यह ट्रेन भी सोलापुर के आसपास कई तीर्थ स्थलों को जोड़ते हुए चलती है, जिनमें सिद्धेश्वर, अक्कलकोट,तुलजापुर और पंढरपुर भी शामिल हैं। इस ट्रेन की वजह से पुणे के पास आलंदी मंदिर तक की यात्रा भी सुलभ हो गई है।

सड़क से भी सुगम हो रहा तीर्थ स्थलों का रास्ता
सिर्फ रेल कनेक्टिविटी नहीं, सरकार रोड कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। अधिकारियों के मुताबिक शनिवार को पीएम मोदी एनएच-744 के रोड प्रोजेक्ट के लिए भी आधारशिला रखेंगे। इसके मुताबिक 'यह प्रोजेक्ट दक्षिण के कुछ सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों पर जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा को सुगम बनाएगा। ये हैं- मदुरै में मीनाक्षी मंदिर, श्रीविल्लिपुथुर में अंडाल मंदिर और केरल में सबरीमाला मंदिर।'

Recommended Video

अभी तक 11 वंदे भारत ट्रेनें चल रही थीं
अभी तक जो 11 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। उनमें से चार दिल्ली से और तीन मुंबई से चलती हैं। दिल्ली से चलने वाली चार वंदे भारत ट्रेनें हैं- नई दिल्ली-वाराणसी, श्री माता वैष्णो देवी कटरा, नई दिल्ली- भोपाल और नई दिल्ली- अम्ब अन्दौरा।

अब वंदे भारत ट्रेनों की संख्या होगी 13
मुंबई से चलने वाली तीन वंदे भारत हैं- मुंबई- गांधीनगर, मुंबई-शिरडी साईं नगर और मुंबई-सोलापुर। इसी तरह चेन्नई- मैसूरु, बिलासपुर-नागपुर, हावड़ा-न्यू जलपाईगुड़ी और सिकंदराबाद-विशाकापत्तनम। इनमें से दो और शामिल होने पर इनकी कुल संख्या 13 हो जाएंगी।

2019 में पहली वंदे भारत ट्रेन चली थी
पीएम मोदी ने कहा था कि आजादी का अमृत महोत्सव के 75 हफ्तों में 75 वंदे भारत ट्रेनें देश के हर कोनों को जोड़ेगी। पीएम मोदी ने 15 फरवरी, 2019 को देश की पहली सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन को नई दिल्ली से वाराणसी के लिए रवाना किया था।

तरक्की ही नहीं, समृद्धि की वाहक बन रही वंदे भारत ट्रेन
इस तरह से तीर्थयात्रा को बढ़ावा देने से सिर्फ तीर्थयात्रियों की ही सुविधा नहीं बढ़ी है। स्थानीय अर्थव्यवस्था में मजबूती आ रही है, व्यापार बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। नए रोजगार पैदा हो रहे हैं। हॉस्पिटलिटी, हैंडीक्राफ्ट और खाद्य पदार्थों से जुड़े उद्योगों को भी लाभ मिल रहा है।












Click it and Unblock the Notifications