Vande Bharat Sleeper: WB-असम रूट पर वंदे भारत स्लीपर में जल्द शुरू होगा Non-Veg Meals
Vande Bharat Sleeper Non-Veg Meals: असम और पश्चिम बंगाल विधानसभा 2026 चुनाव से पहले रेलवे ने यात्रियों को बड़ा तोहफा दिया है। हावड़ा-कामाख्या रूट पर चलने वाली भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में अब जल्द ही नॉन-वेज खाना मिलना शुरू हो जाएगा। ईस्टर्न रेलवे (ER) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की है।
यह फैसला उन यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर आया है, जो कहते थे कि इस रूट पर नॉन-वेज की परंपरा बहुत मजबूत है, फिर भी ट्रेन में सिर्फ शाकाहारी भोजन मिल रहा था। आइए जानते हैं इस बदलाव की पूरी कहानी, कब से शुरू होगा नॉन-वेज और यात्रियों को क्या फायदा मिलेगा...

Vande Bharat Sleeper Train: ओवरनाइट जर्नी में अब नया ट्विस्ट
हावड़ा (कोलकाता) से कामाख्या (गुवाहाटी) के बीच चलने वाली यह भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 17 जनवरी 2026 को इसकी हरी झंडी दिखाई थी। ट्रेन ने 22 जनवरी को कामाख्या से और 23 जनवरी को हावड़ा से अपना नियमित कमर्शियल संचालन शुरू किया। यह ट्रेन हफ्ते में छह दिन चलती है।
ट्रेन में शुरुआत से ही सिर्फ शाकाहारी भोजन मिल रहा था। क्षेत्रीय स्वाद को ध्यान में रखते हुए असमिया और बंगाली व्यंजन परोसे जाते थे, लेकिन इनमें मछली और मांस जैसी नॉन-वेज डिशेज नहीं थीं। कई यात्रियों ने इसकी आलोचना की। उनका कहना था कि असम और पश्चिम बंगाल के बड़े हिस्से में नॉन-वेज खाने की परंपरा बहुत पुरानी और मजबूत है। ऐसे में सिर्फ शाकाहारी भोजन पर जोर देना यात्रियों की पसंद के खिलाफ लग रहा था।
Railway Official ने क्या कहा? नॉन-वेज कब से मिलेगा?
ईस्टर्न रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने PTI को बताया, 'वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के मेन्यू में लगभग एक हफ्ते के अंदर नॉन-वेज खाने के ऑप्शन मिलने की संभावना है।' यह बदलाव यात्रियों की मांग और क्षेत्रीय खान-पान की परंपरा को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। रेलवे ने कहा कि ट्रेन में मिलने वाला खाना हमेशा से क्षेत्रीय स्वाद पर आधारित रहा है:
- कामाख्या से चलने वाली ट्रेनों में असमिया व्यंजन
- हावड़ा से चलने वाली सेवाओं में पश्चिम बंगाल का स्थानीय खाना
- अब इनमें मछली और मांस वाली डिशेज भी शामिल होंगी।
Non-Vegetarian Food In Premium Trains Meal: अन्य प्रीमियम ट्रेनों में पहले से मिलता है नॉन-वेज
रेलवे ने स्पष्ट किया कि राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस और वंदे भारत डे सर्विस जैसी अन्य प्रीमियम ट्रेनों में पहले से ही नॉन-वेज खाना उपलब्ध है। वंदे भारत स्लीपर में यह कमी अब पूरी होने जा रही है।
चुनाव से पहले यह बदलाव क्यों महत्वपूर्ण?
असम और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। इस रूट पर यात्रा करने वाले लाखों यात्री नॉन-वेज खाने की मांग कर रहे थे। रेलवे का यह फैसला यात्रियों की संतुष्टि के साथ-साथ क्षेत्रीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखने का संकेत है। यह कदम चुनाव से पहले लोगों में सकारात्मक संदेश दे सकता है।
यात्रियों के लिए क्या मतलब?
- अब ओवरनाइट सफर में नॉन-वेज ऑप्शन मिलेगा।
- असमिया और बंगाली नॉन-वेज व्यंजन शामिल होंगे।
- ट्रेन में खाने की क्वालिटी और वैरायटी बढ़ेगी।
रेलवे ने कहा है कि बदलाव अगले एक हफ्ते में लागू हो जाएगा। यात्रियों को ट्रेन में उपलब्ध मेन्यू चेक करना होगा।
यह बदलाव वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को और लोकप्रिय बनाने वाला कदम है। यात्रियों की मांग पर रेलवे ने तुरंत कार्रवाई की, जो सेवा में सुधार का अच्छा संकेत है। अब बस इंतजार है कि कब से नॉन-वेज मेन्यू ट्रेन में आता है।












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