उत्तराखंड की बीजेपी सरकार ने 10 फीसदी सवर्ण आरक्षण को दी मंजूरी
नई दिल्ली। गरीब सवर्णों को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने वाले केंद्र सरकार के कानून को उत्तराखंड सरकार ने भी मंजूरी दे दी है। बता दें कि केंद्र सरकार की तरफ से 10 प्रतिशत जनरल कैटिगरी आरक्षण पर पहले ही अधिसूचना जारी हो चुकी है। बता दें कि मोदी सरकार ने शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन संसद में सामान्य वर्ग के गरीब परिवार को नौकरियों और शिक्षा में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए एक बिल पेश किया था। इसके बाद लोकसभा में और फिर राज्यसभा ने इस बिल को पारित कर दिया। इसके बाद बिल को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया और वहां से भी बिल को मंजूरी मिल गई।

उत्तराखंड सरकार से पहले इस कानून को उत्तर प्रदेश के योगी सरकार ने और महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस कैबिनेट ने भी इस पर मुहर लगा चुकी है। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन (103वां संशोधन) के जरिए एक प्रावधान जोड़ा गया है। यह सरकार को आर्थिक रूप से कमजोर किसी तबके के नागरिक की तरक्की के लिए विशेष प्रावधान करने की इजाजत देता है।
किसको मिलेगा इस आरक्षण का लाभ
- जिनकी सालाना आय 8 लाख रुपये से कम हो
- जिनके पास 5 एकड़ से कम खेती की जमीन हो
- जिनके पास 1 हजार स्क्वायर फीट से कम का घर हो
- जिनके पास निगम की 100 गज से कम अधिसूचित जमीन हो
- जिनके पास 200 गज से कम की निगम की गैर
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