UP Lok Sabha Chunav: कैसे 'इंडिया' के गढ़ में भी सपा के बागी बिगाड़ने लगे हैं गेम?

Uttar Pradesh Lok Sabha Election: उत्तर प्रदेश में वैसे भी कुछ ही लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जो इंडिया ब्लॉक के लिए दावे के साथ मजबूत कही जा सकती हैं। अगर उन सीटों पर भी सहयोगी दलों के बागियों की वजह से ही खेल खराब हो रहा है तो चिंता होनी ही चाहिए।

यूपी में कई सीटों पर यही स्थिति बन रही है, जहां सपा के बागी विधायक बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं। लेकिन, इंडिया ब्लॉक के लिए सबसे बड़ी परेशानी की वजह ये है कि उनमें से कुछ सीटें ऐसी हैं, जो परंपरागत रूप से उसके लिए संभावित मानी जा सकती हैं।

up lok sabha chunav

पहले क्रॉस-वोटिंग, अब वोट शिफ्टिंग!
ये सपा के वैसे विधायक हैं, जो राज्यसभा चुनावों में भाजपा के उम्मीदवारों के लिए क्रॉस-वोटिंग कर चुके हैं। लेकिन, तकनीकी रूप से यह अभी भी समाजवादी पार्टी के सदस्य हैं। फरवरी में हुए राज्यसभा चुनाव में यूपी में बीजेपी के 8वें उम्मीदवार को जीत दिलाने के लिए कम से कम 7 विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की थी। तब यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव करवाए गए थे।

बदायूं में सपा के साथ 'सपा वाले' ने ही कर दिया खेल!
पिछले एक महीने में इन विधायकों के परिवार के कई सदस्य औपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल भी हो चुके हैं। मंगलवार यानी 7 मई को तीसरे चरण में जहां चुनाव हुए हैं, उसमें बदायूं भी शामिल है। यह सीट समाजवादी पार्टी का गढ़ मानी जाती है।

यहां की बिसौली विधानसभा सीट से सपा एमएलए आशुतोष मौर्य की पत्नी और बहन पिछले महीने लखनऊ में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हो गई थीं। उन्होंने भाजपा के पक्ष में ओबीसी वोट जुटाने के लिए काम किया है।

रायबरेली में भी राहुल के लिए 'बागी' संकट
इसी तरह से रायबरेली लोकसभा सीट कांग्रेस की गढ़ है और इस बार इसे बचाने की जिम्मेदारी राहुल गांधी ने खुद अपने ऊपर ली है। उनके मुताबिक वह अपनी मां की कर्मभूमि की सेवा के लिए आए हैं। लेकिन, यहां की ऊंचाहार सीट से तीन बार के सपा विधायक मनोज पांडे बीजेपी के लिए प्रचार कर रहे हैं।

पांडे क्षेत्र के कद्दावर ब्राह्मण चेहरा हैं और रायबरेली लोकसभा सीट पर इस वोट बैंक का अपना एक महत्त्व रहा है। मनोज पांडे का ऐसा ही दबदबा रहा है कि मोदी लहर में भी वह अपनी सीट जिताकर सपा को देते रहे हैं और सोनिया गांधी तक को लोकसभा पहुंचाने में मददगार बन चुके हैं।

इसी तरह से इंडिया ब्लॉक के लिए एक और अहम सीट कही जा सकती है अमेठी। हालांकि, 2019 में राहुल गांधी यहां बीजेपी की स्मृति ईरानी से हार चुके हैं। लेकिन, इस बार भी यहां सपा के एक दिग्गज एमएलए राकेश प्रताप सिंह की वजह से कांग्रेस पार्टी की चुनावी जमीन और भी कमजोर होती नजर आ रही है।

सिंह गौरीगंज विधानसभा सीट से एमएलए हैं और उनके भाई औपचारिक तौर पर बीजेपी का कमल थाम चुके हैं। यूपी की 80 लोकसभा सीटें देश में सरकार बनने का रास्ता तैयार करती हैं। यहां सभी 7 चरणों में मतदान हो रहा है और चार चरण के चुनाव अभी बाकी हैं। मतगणना 4 जून को होगी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+