क्या यूपी चुनावों में चलेगा मोदी का जादू?

लखनऊ। 26 मई 2014 को करिश्माई माने जाने वाले पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। दरअसल लोकसभा चुनावों में अप्रत्याशित जीत को हासिल करने के बाद मोदी के लिए करिश्मे शब्द का बखूबी इस्तेमाल हुआ। संघ से लेकर संगठन को बधाई दी गई। लोगों का कहना था कि मोदी का करिश्मा इसलिए माना जाएगा क्योंकि कई सीटों से लोग भाजपा के प्रत्याशी के नाम से अनभिज्ञ रहे।

समझ से परे है भाजपा की वेलकम और गेटआउट नीति!

Uttar Pradesh Elections 2017: PM Narendra Modi's Magic will not Work?

लेकिन मोदी नाम के साथ जीत का सेहरा एनडीए के सिर पर सजा दिया गया। पर, आगामी यूपी विधानसभा चुनाव 2017 के लिहाज से भाजपा की रफ्तार काफी धीमी समझ आ रही है। जिसका खामियाजा भारतीय जनता पार्टी को भुगतना पड़ सकता है। हालांकि देखना यह भी है कि मोदी का करिश्मा इन राज्यों में दिखाई देगा या नहीं। इस पूरे मामले पर हमने गंभीरता से पड़ताल की।

क्या यूपी चुनावों में चलेगा मोदी का जादू?

क्या यूपी चुनावों में चलेगा मोदी का जादू?

-
-
-

इस संकट से कैसे उबरेगी भाजपा

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की 90 जिला ईकाईयां (महानगर भी जिला ईकाईयों के रूप में गिने जाते हैं) हैं, जिसमें से 58 जिलों में अध्यक्ष घोषित किए गए हैं। बाकी शेष 32 जिला ईकाईयों में अभी तक नए जिलाध्यक्ष नहीं घोषित किए गए हैं। इसके इतर गर प्रदेश स्तर पर, जिला स्तर पर अन्य पदाधिकारियों की बात की जाए तो अभी तक इनका चुनाव नहीं पाया है।

कार्यकर्ताओं में अंदरूनी रोष

जिसे लेकर कार्यकर्ताओं में अंदरूनी रोष की भावना पनपने लगी है। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने कहा था कि अप्रैल माह के अंत तक 200 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाएगी। पर, उम्मीदवार तो दूर पार्टी ने अभी पदाधिकारी ही नहीं तय किए हैं। अब पदाधिकारी और उम्मीदवार कब और किसे तय करेगी इस बात की सही पुष्टि भाजपा के शीर्ष नेता भी नहीं कर पा रहे हैं। जो भाजपा के लिए काफी चिंताजनक बात है।

सत्तारूढ़ भाजपा के लिए अहम है यूपी चुनाव

यूपी 2017 विधानसभा चुनाव सत्तारूढ़ भाजपा के लिहाज से दो कारणों से काफी अहम है। पहला तो यह कि सूबे में भाजपा सत्ता में नहीं है और दूसरे यह कि भाजपा एक लंबे समय से इस राज्य में अपने राजनीतिक क़दम जमाने की कोशिश कर रही है। सपा और बसपा के बीच फिर से भाजपा के लिए सूबे में अपने कदम जमा पाना इतना सहज नहीं है।

वहीं प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या ने लखनऊ में स्वागत समारोह के दौरान भाषण देते हुए यह दावा किया है कि वे सपा, बसपा मुक्त उत्तर प्रदेश बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। पर, प्रदेश में भाजपा के अन्य पदाधिकारियों का मनोनयन न हो पाने की वजह से कार्यकर्ता से लेकर जनता गफलत की स्थिति में है। जिसको देखते हुए इस दावे पर सूबे की जनता पशोपेश की स्थिति में है। सूबे की जनता का कहना है कि सूपड़ा साफ होना तो तय है। और मुकाबला बसपा बनाम भाजपा का। हां इसमें अगर आरजेडी, कांग्रेस और जनता दल का गठबंधन उकर कर जन विकास के रूप आ जाती है तो मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है।

तो क्या घोषित हो जाएंगे नाम

भारतीय जनता पार्टी के लखनऊ मुख्यालय में पदाधिकारियों के नामों के चयन पर बैठक आयोजित की गई। जिसमें प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या, प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष शिव प्रताप शुक्ला, प्रदेश मंत्री अनूप गुप्ता समेत कई अन्य पदाधिकारी शिरकत कर रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि प्रदेश पदाधिकारियों के नाम घोषित हो सकते हैं।

अपने चहेतों को स्थान देने के लिए लगातार कवायद

वहीं सूत्रों का यह भी कहना है कि इन पदों पर कुछ लोग अपने चहेतों को स्थान देने के लिए लगातार कवायद कर रहे हैं। जो कि परिवारवाद से ग्रसित होने की ओर इशारा कर रही है। इससे साफ तौर पर अन्य कार्यकर्ता जो पार्टी के साथ हर स्थिति में जुड़े रहे हैं उन पर काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। हालांकि इन तमाम बातों पर सारे आंकलन पदाधिकारियों के नामों से पर्दा हट जाने के बाद ही करना उचित होगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+