यूपी: सहकारी समितियों के चुनाव में लगी आचार संहिता, पहला बार लिया है फैसला
लखनऊः यूपी में 2 जनवरी से सहकारी समितियों (संस्थाओं) के चुनाव शुरू होने जा रहे हैं। इन चुनावों के लिए पहली बार आदर्श आचार संहिता लागू की गई है। चुनाव को देखते हुए मंगलवार को ही आचार संहिता को लागू कर दिया गया। ये आचार संहिता चुनाव लागू होने तक लागू रहेगी। ये आचार संहिता सभी उम्मीदवारों मतदाताओं, इस चुनाव से संबद्ध रखने वाले सरकारी और अर्ध सरकारी विभागों पर लागू होगी।

यूपी सहकारी निर्वाचन आयुक्त एलएम चौबे का इस पूरे मामले पर कहना है कि इस चुनाव को किसी भी राजनीतिक दल के आधार पर नहीं लड़ा जाएगा। निर्वाचन आयुक्त के मुताबिक उम्मीदवार किसी भी पार्टी का क्यों न हो, लेकिन चुनाव के दौरान वह किसी भी राजनीतिक दल के चुनाव के नाम और राजनीतिक प्रतिको का किसी भी तरह से इस्तेमाल नहीं कर सकता है।
सहकारी समितियों (संस्थाओं) में होने वाले चुनाव के बारे में कहा गया है कि मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में कोई भी उम्मीदवार या फिर उसका समर्थक किसी भी तरह से चुनाव प्रचार नहीं करेगा। वहीं वाहनों के लिए भी साफ कहा गया है कि मतदान केंद्र से सभी वाहन दो सौ मीटर के दायरे से बाहर रहेंगे।
निर्दोंशों में साफ कहा गया है कि चुनाव के दौरान कोई भी प्रत्याशी किसी भी प्रकार का विरोध-प्रदर्शन नहीं करेगा, साथ ही किसी के घर के सामने धरना-प्रदर्शन भी नहीं करेगा। वहीं लाउडस्पीकर के लिए साफ संदेश दिए गए हैं।
प्रत्याशी प्रचार के लिए किसी भी हालात में सुबह 10 बजे से शाम छह बजे के बाद किसी भी तरह का लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। चुनाव में 24 घंटे शराब पर रोक लगाई गई है, किसी भी मतदाता पर शराब और शराब बांटने पर रोक रहेगी। अगर कोई भी अधिकारी या कर्मचारी नियमों का उल्लघंन करता है तो आयोग उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।
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