कौन हैं 400 करोड़ की संपत्ति वाले नवीन जैन? जिन्हें BJP ने दिया राज्यसभा का टिकट, पिता चलाते थे चाय की दुकान
Naveen Jain: भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा के अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। इसमें आगरा के पूर्व मेयर नवीन जैन का नाम भी शामिल है। जैन को पार्टी ने अल्पसंख्यक कोटे से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है।
इसके साथ ही पार्टी ने उद्यमियों के साथ-साथ जातिगत समीकरण को भी साधने का प्रयास किया है। संगठन का लंबा अनुभव रखने वाले जैन लोकसभा चुनाव के लिए फतेहपुर सीकरी से प्रबल दावेदार माने जा रहे थे।

1989 से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले नवीन 2017 में भाजपा से आगरा के महापौर चुने गए। 14 अक्टूबर 1962 को आगरा में जन्मे नवीन जैन बताते हैं कि उनके पिता की एलआईसी बिल्डिंग के पास एक चाय की दुकान थी। उनके पिता की दूकान 'चाय वाले जैन साहब' के नाम से मशहूर थी।
कभी चाय की दूकान चलाने वाले नैमी चंद जैन के बेटे नवीन जैन आज करोड़ों के मालिक हैं। उत्तर प्रदेश नगर निगम चुनाव 2017 के दौरान घोषित की गई संपत्ति के अनुसार नवीन जैन के पास कुल 409 करोड़ की संपत्ति है।
नवीन जैन की नेट वर्थ
2017-2018 के दौरान नवीन जैन ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हुए अपनी आय 67,40,139 रुपए दिखाई है। उनके पास कुल 4,09,80,30,044 यानी की 409 करोड़ की संपत्ति है।
366 करोड़ का खुद के नाम से, 1 करोड़ का पत्नी के और डिपेन्डेन्ट 1 और 2 को मिला कर 94 करोड़ रुपए के कंपनियों में बांड, डिबेंचर और शेयर जैन ने ले रखे हैं। उनके पास 94 लाख के मूल्य की तो उनकी पत्नी के पास 4 करोड़ के मूल्य की ज्वेलरी है जबकि उनके ऊपर आश्रित दोनों व्यक्तियों के पास सम्मिलित रूप से 51 लाख रुपए के मूल्य के गहने हैं।
नवीन जैन के ऊपर क्रिमिनल केस
नवीन जैन के ऊपर कई मामले भी दर्ज हैं। कई क्रिमिनल केस के वो आरोपी हैं। उनके ऊपर लोक सेवक को उसके कर्तव्य से रोकने के लिए स्वेच्छा से चोट पहुंचाने से संबंधित 2 आरोप (आईपीसी धारा-332) दर्ज हैं।
दंगे की सजा से संबंधित 3 आरोप (आईपीसी धारा-147), सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने में कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कृत्यों से संबंधित 2 आरोप (आईपीसी धारा -34), लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल से संबंधित 2 आरोप (आईपीसी धारा -353) के अलावा गलत तरीके से रोकना (आईपीसी धारा-341), शरारत से पचास रुपये की क्षति हुई (आईपीसी धारा-427), लोक सेवक द्वारा विधिवत प्रख्यापित आदेश की अवज्ञा (आईपीसी धारा-188), घातक हथियार से लैस होकर दंगा कराने (आईपीसी धारा-148) के एक-एक मामले उनके ऊपर दर्ज हैं।
राजनीतिक सफर
नवीन जैन ने 40 साल पहले भारतीय जनता पार्टी के प्राथमिक सदस्य के तौर पर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। 1980 में वो बीजेपी की ओर से वार्ड अध्यक्ष बने और 1989 में उन्होंने पहली बार, भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर पार्षद का चुनाव लड़ा। नवीन जैन 1989 में पहली बार पार्षद चुनकर आगरा नगर निगम पहुंचे फिर 1995 में दूसरी दफा उन्होंने पार्षद का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 1997 में नवीन जैन को आगरा का डिप्टी मेयर चुना गया था।
वो अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत से लेकर वर्तमान तक भाजपा के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने कभी भी व्यक्तिगत राजनीति पर ध्यान देते हुए दल नहीं बदला। बीजेपी ने 2010 में उन्हें ब्रज क्षेत्र का कोषाध्यक्ष बनाया। 2010 से लेकर 2019 तक ब्रज प्रदेश के कोषाध्यक्ष रहे।
2017 में भाजपा ने आगरा मेयर की सामान्य सीट पर उन्हें पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया। नवीन जैन ने जबरदस्त जीत हासिल की और आगरा के महापौर बने। 2019 में नवीन जैन को प्रदेश भाजपा का सह कोषाध्यक्ष भी बनाया गया था।












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