'सदन की विजिटर गैलरी में सियासी नारेबाजी के खिलाफ तत्काल उठाएं कदम', सभापति से UTB-TMC की मांग
UTB and TMC demand from Rajya Sabha Chairman urgent action against visitors in House gallery
उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) इकाई की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी और टीएमसी सांसद मौसम नूर ने राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर सदन की गैलरी में विजिटर्स द्वारा की गई राजनीतिक नारेबाजी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने पत्र में लिखा कि 21 सितंबर को विशेष सत्र के दौरान सदन में राजनीतिक नारेबाजी गंभीर चिंता और गहरी जांच का विषय है। दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों के एक ग्रुप को नारेबाजी करते हुए सुना गया। इस घटना से हंगामे के साथ-साथ सम्मानित सदन के नियमों का उल्लंघन हुआ है।

सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे लिखा कि राज्यसभा की कड़ी सुरक्षा और मार्शलों के बीच राजनीतिक नारेबाजी की गई। यह घटना नियम 264 का स्पष्ट उल्लंघन है। चतुर्वेदी ने इसके लिए सांसद को भी जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि सांसद किसी ऐसे व्यक्ति के लिए विजिटर कार्ड के लिए आवेदन कर सकता है, जो उसे व्यक्तिगत रूप से जानता हो। इसके बाद उस सदस्य के लिए पूरी तरह से वही जिम्मेदार होता है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, बीती 21 सितंबर को महिला आरक्षण विधेयक पर राज्यसभा में शांतिपूर्ण बहस में थोड़ी देर के लिए व्यवधान देखा गया। क्योंकि, विपक्षी सदस्यों ने महिलाओं के एक समूह द्वारा दर्शक दीर्घा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे लगाने पर लगभग 10 मिनट के लिए सदन से बाहर निकल गए। सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन को आश्वासन दिया कि इस बात की जांच की जाएगी कि ऐसी चूक कैसे हुई। हालांकि, एक अधिकारी ने बताया था कि महिलाओं को सुरक्षा कर्मचारियों ने हिरासत में ले लिया। दिल्ली पुलिस उससे पूछताछ करेगी।
19 सितंबर को लोकसभा में भी इसी तरह का दृश्य देखा गया था और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत और अनुराग ठाकुर को यह सुनिश्चित करने के लिए गैलरी में भेजा गया था कि इसकी पुनरावृत्ति न हो। सांसदों के लिखित अनुरोध के आधार पर विजिटर्स को अनुमति दी जाती है और जब वे दोनों सदनों की कार्यवाही देख रहे होते हैं तो उन्हें मर्यादा बनाए रखने के लिए कहा जाता है।












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