आखिरकार ऊषा-पति नायडू बनने चले उपराष्ट्रपति, पहले ना-ना और अब हां-हां..
नई दिल्ली। बीजेपी ने उपराष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है, उसने केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी है। इसके साथ ही वो सारे कयास और दावे सच साबित हुए जिनमें कहा जा रहा था कि वेंकैया नायडू, उपराष्ट्रपति की रेस में सबसे आगे हैं।
लेकिन जरा डेढ़ महीने पीछे चलते हैं, जब इस बारे में भाजपा के कद्दावर नेता वेंकैया से पूछा गया तो, उन्होंने इसका बड़े ही फनी अंदाज में उत्तर देते हुए इन सारी बातों को सिरे से ही खारिज कर दिया था।
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वह ऊषा के पति होकर ही खुश हैं
बात 31 मई की है, जब नायडू से उप-राष्ट्रपति उम्मीदवारी वाले सवाल पर कहा था कि वह ना तो राष्ट्रपति बनना चाहते हैं, और ना ही उपराष्ट्रपति वह ऊषा के पति होकर ही खुश हैं लेकिन आज समीकरण बदल चुके हैं, आज ऊषा के पति उपराष्ट्रपति की पोस्ट के लिए तन-मन से तैयार भी हैं और काफी खुश भी हैं।

मुकाबला गोपाल कृष्ण गांधी से
मालूम हो कि ऊषा वेंकैया की पत्नी का नाम है और नायडू ने अपनी पत्नी के नाम का उदाहरण देकर खबरों पर विराम लगा दिया था। यहां आपको ये भी बता दें कि उप-राष्ट्रपति चुनाव में नायडू का मुकाबला यूपीए के उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी से होगा।

नायडू के नाम की घोषणा
सोमवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता में पार्टी की केंद्रीय संसदीय दल की 90 मिनट तक चली बैठक के बाद नायडू के नाम की घोषणा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई शीर्ष नेता शामिल थे।

दो बार भाजपा अध्यक्ष
नायडू दो बार भाजपा अध्यक्ष रह चुके हैं और चार बार से राज्यसभा सांसद हैं। नायडू अपने युवाकाल से ही भाजपा से जुड़े रहे हैं और वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेता तथा छात्रसंघ के नेता थे।

ग्रामीण विकास मंत्री
वह जयप्रकाश आंदोलन से भी जुड़े और आंध्र प्रदेश से दो बार विधायक तथा अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री बने।












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