अमेरिका पर बीजेपी की जासूसी के आरोपों के बीच भारत आ रहे हैं कैरी

दिलचस्प बात है कि कैरी का यह भारत दौरा उस समय हो रहा है जब अमेरिका की सरकार पर वर्तमान सत्ताधारी दल की जासूसी का आरोप लगा है।
कैरी अपने इस दौरे के दौरान मोदी के अमेरिका दौरे की नींव की और मजबूत करते नजर आएंगे। अपने दौरे के दौरान कैरी भारत की नई सरकार के साथ टॉप लेवल की बातचीत कर संपर्कों को बढ़ाने की कोशिश करेगा।
कैरी ने सोमवार को जब भारत की नई सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की तो अमेरिका का नजरिया भी कुछ हद तक साफ होता नजर आया।
सितंबर में प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका की यात्रा पर वाशिंगटन जाने वाले हैं और उससे पहले कैरी का यह भारत दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है।
हालांकि ने अमेरिका के अहम थिंक टैंक सेंटर फॉर अमेरिकी प्रोग्रेस, को संबोधित करते हुए कहा था वह भारत और अमेरिका के रिश्तों के बीच मौजूद मौकों को और मजबूत करने पर उनका ज्यादा ध्यान होगा।
भारत आने से पहले जॉन कैरी ने नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास, ' वाले फॉर्मूले की तारीफ की है।
कैरी का यह दूसरा भारत दौरा भारत के लिए कितना खास है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके भारत आने से पहले ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और वित्त मंत्री अरुण जेटली के बीच एक खास मीटिंग हुई।
31 जुलाई को जॉन कैरी और सुषमा स्वराज के बीच मुलाकात होगी। कैरी के साथ अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी पैनी प्रिटजेकर भी होंगे। कैरी के बाद अगले माह अमेरिका के डिफेंस सेक्रेटरी चक हेगल भारत की यात्रा पर आएंगे।












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